Part V - Parliament • Article
अनुच्छेद 82 Simplified: प्रत्येक जनगणना के पश्चात् पुनः समायोजन
अनुच्छेद 82 यह सुनिश्चित करता है कि लोक सभा में सांसदों की संख्या प्रत्येक राज्य की जनसंख्या के अनुपात में हो। प्रत्येक जनगणना के बाद, एक 'परिसीमन आयोग' (Delimitation Commission) का गठन किया जाना चाहिए ताकि निर्वाचन क्षेत्रों का नया नक्शा बनाया जा सके। हालाँकि, कुछ राज्यों द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के सफल प्रयासों को नुकसान न हो (उनकी सीटें न घटें), सीटों की संख्या को दशकों से 1971 के स्तर पर ही फ्रीज (स्थिर) कर दिया गया है। इस रोक पर वर्ष 2026 के बाद पुनर्विचार किया जाएगा।
Official Text
82. प्रत्येक जनगणना के पश्चात् पुनः समायोजन– प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर राज्यों को लोक सभा में स्थानों के आबंटन और प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजन का ऐसे प्राधिकारी द्वारा और ऐसी रीति से पुनः समायोजन किया जाएगा जो संसद् विधि द्वारा अवधारित करे : परन्तु ऐसे पुनः समायोजन से लोक सभा में प्रतिनिधित्व पर तब तक कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा जब तक उस समय विद्यमान लोक सभा का विघटन नहीं हो जाता है : परन्तु यह और कि ऐसा पुनः समायोजन उस तारीख से प्रभावी होगा जो राष्ट्रपति आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट करे और ऐसे पुनः समायोजन के प्रभावी होने तक लोक सभा के लिए कोई निर्वाचन उन प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों के आधार पर हो सकेगा जो ऐसे पुनः समायोजन के पहले विद्यमान हैं : परन्तु यह और भी कि जब तक सन् 2026 के पश्चात् की गई पहली जनगणना के सुसंगत आंकड़े प्रकाशित नहीं हो जाते हैं तब तक इस अनुच्छेद के अधीन,– (i) राज्यों को लोक सभा में 1971 की जनगणना के आधार पर पुनः समायोजित स्थानों के आबंटन का ; और (ii) प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजन का, जो 2001 की जनगणना के आधार पर पुनः समायोजित किए जाएं, पुनः समायोजन आवश्यक नहीं होगा।
Simple Meaning
अनुच्छेद 82 यह सुनिश्चित करता है कि लोक सभा में सांसदों की संख्या प्रत्येक राज्य की जनसंख्या के अनुपात में हो। प्रत्येक जनगणना के बाद, एक 'परिसीमन आयोग' (Delimitation Commission) का गठन किया जाना चाहिए ताकि निर्वाचन क्षेत्रों का नया नक्शा बनाया जा सके। हालाँकि, कुछ राज्यों द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के सफल प्रयासों को नुकसान न हो (उनकी सीटें न घटें), सीटों की संख्या को दशकों से 1971 के स्तर पर ही फ्रीज (स्थिर) कर दिया गया है। इस रोक पर वर्ष 2026 के बाद पुनर्विचार किया जाएगा।
Explain Like Ten
अनुच्छेद 82 यह नियम है जो कहता है कि 'जैसे-जैसे भारत का परिवार बड़ा होगा, हमें संसद में और अधिक सीटों की ज़रूरत होगी!' यह चुनाव क्षेत्र का नया नक्शा बनाने के बारे में है।
Student Mode
प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर लोक सभा में राज्यों के लिए सीटों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों के सीमांकन (परिसीमन) के पुनः समायोजन को अनिवार्य करता है।
Example
प्रत्येक जनगणना के बाद निर्वाचन क्षेत्रों के पुनः समायोजन की प्रक्रिया के लिए अनुच्छेद 82 प्रारंभिक नियम प्रदान करता है और इसे संसद् की कार्यप्रणाली से जोड़ता है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 82 जनसंख्या वृद्धि के साथ लोक सभा में हमारा प्रतिनिधित्व निष्पक्ष बनाए रखने का नियम है।
FAQs
सीटों को वर्तमान में क्यों फ्रीज किया गया है?
यह सुनिश्चित करने के लिए कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण को सफलतापूर्वक लागू किया, उन्हें कम प्रतिनिधित्व देकर दंडित न किया जाए।
सीटों पर लगी यह रोक कब समाप्त होगी?
यह रोक वर्ष 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के सुसंगत आंकड़े प्रकाशित होने तक लागू रहेगी।
परिसीमन क्या है?
जनसंख्या को समान रखने के लिए विधान सभा और संसदीय सीटों की सीमाओं को दोबारा तय करने की प्रक्रिया को परिसीमन कहते हैं।
परिसीमन आयोग का प्रमुख कौन होता है?
आमतौर पर उच्चतम न्यायालय का कोई सेवानिवृत्त न्यायाधीश।
Quiz
लोक सभा सीटों को किस जनगणना के आधार पर फ्रीज किया गया है?
Answer: 1971
चुनावी सीमाओं को कौन दोबारा तय करता है?
Answer: परिसीमन आयोग
सीटों पर लगी रोक किस वर्ष के बाद समाप्त होगी?
Answer: 2026
निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण का मुख्य आधार क्या है?
Answer: जनसंख्या