Part II - Citizenship • अनुच्छेद
अनुच्छेद 8 Simplified: भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
अनुच्छेद 8 उन लोगों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का अवसर देता है जो भारतीय मूल के थे लेकिन 1950 में भारत से बाहर किसी अन्य देश में रह रहे थे। वे अपने निवास वाले देश में भारतीय दूतावास (Embassy) में पंजीकरण कराकर भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकते थे।
Official Text
8. भारत के बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कु छ व्यक्तियि के नागरिकोंिता के अधिकार–अनुच्छेद 5 मि किसी बात के होते हु ए भी, कोई व्यक्ति जो या जिसके माता या पतिा मि से कोई अथवा पतिामह या पतिामहि या मातामह या मातामहि मि से कोई (मू ल रूप मि यथा अधिनियमति) भारत शासन अधिनियम, 1935 मि परभिाषति भारत मि जन्मा था और जो इस प्रकार परभिाषति भारत के बाहर किसी देश मि मामू लि तौर से नविास कर रहा है, भारत का नागरिकोंि समझा जाएगा, यदि वह नागरिकोंिता प्रापि्त के लिए भारत डोमनियिन की सरकार द्वारा या भारत सरकार द्वारा वहिति प्ररूप मि और रीति से अपने द्वारा उस देश मि , जहां वह तत्समय नविास कर रहा है, भारत के राजनयकी या कसलियि प्रतनिधिि को इस संविधान के प्रारंभ से पहले या उसके पश्चात ् आवेदन किए जाने पर ऐसे राजनयकी या कसलियि प्रतनिधिि द्वा रा भारत का नागरिकोंि रजिस्ट्रकी ृ त कर लयिा गया है ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 8 उन लोगों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का अवसर देता है जो भारतीय मूल के थे लेकिन 1950 में भारत से बाहर किसी अन्य देश में रह रहे थे। वे अपने निवास वाले देश में भारतीय दूतावास (Embassy) में पंजीकरण कराकर भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकते थे।
Explain Like Ten
यह नियम विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों (जैसे एनआरआई) को भारतीय दूतावास में जाकर फॉर्म भरने और भारत का नागरिक बने रहने की सुविधा देता है।
Student Mode
यह अनुच्छेद विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के व्यक्तियों (Person of Indian Origin - PIO) के नागरिकता अधिकारों को संरक्षित करता है। यह प्रवासी भारतीयों को भारतीय दूतावासों के राजनयिक या कौंसलीय प्रतिनिधियों (consular representatives) के पास पंजीकरण के जरिए नागरिकता प्राप्त करने की अनुमति देता है।
Example
1950 में लंदन में पढ़ाई या नौकरी कर रहे किसी भारतीय मूल के व्यक्ति ने यदि वहां के भारतीय उच्चायोग में जाकर अपना पंजीकरण करा लिया, तो अनुच्छेद 8 के तहत उसकी भारतीय नागरिकता सुरक्षित हो गई।
Key Takeaway
इसने सुनिश्चित किया कि विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोग अपनी मातृभूमि की नागरिकता से जुड़े रह सकें।
FAQs
क्या यह ओसीआई (OCI) का आधार है?
अनुच्छेद 8 शुरुआती 1950 की व्यवस्था के लिए था। आधुनिक ओसीआई (समुद्रपार भारतीय नागरिकता) नागरिकता अधिनियम, 1955 द्वारा बनाई गई एक अलग कानूनी स्थिति है।
अनुच्छेद 8 किसकी रक्षा करता है?
भारतीय मूल के लोग जो विदेशों में रह रहे थे और नए भारतीय गणराज्य के साथ अपना संबंध बनाए रखना चाहते थे।
Quiz
अनुच्छेद 8 किस स्थान पर रहने वाले भारतीयों के लिए है?
Answer: भारत के बाहर
एक विदेशी भारतीय को नागरिकता के लिए कहाँ पंजीकरण कराना होगा?
Answer: भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास