Part II - Citizenship • अनुच्छेद

अनुच्छेद 6 Simplified: पाकिस्तान से भारत को प्रवर्जन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार

विभाजन के समय लाखों लोग पाकिस्तान से भारत आए थे। अनुच्छेद 6 ने पाकिस्तान से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने के नियम तय किए। यदि कोई व्यक्ति या उसके पूर्वज अविभाजित भारत में पैदा हुए थे और वे 19 जुलाई 1948 से पहले भारत आ गए थे, तो वे आसानी से नागरिक बन गए; जो इसके बाद आए, उन्हें एक पंजीकरण अधिकारी के पास आवेदन करना पड़ा।

Official Text

ाकसि्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कु छ व्यक्तियि के नागरिकोंिता के अधिकार–अनुच्छेद 5 मि किसी बात के होते हए भी, कोई व्यक्तिजिसने ऐसे राज्यक्षेत्र से जो इस समय पाकसि्तान के अंतगर्त है, भारत के राज्यक्षेत्र को प्रव्रजन किया है, इस संविधान के प्रारंभ पर भारत का नागरिकोंि समझा जाएगा– (क) यदि वह अथवा उसके माता या पतिा मि से कोई अथवा उसके पतिामह या पतिामहि या मातामह या मातामहि मि से कोई (मू ल रूप मि यथा अधिनियमति) भारत शासन अधिनियम, 1935 मि परभिाषति भारत मि जन्मा था ; और (ख) (i) जबकी वह व्यक्ति ऐसा है जिसने 19 जु लाई, 1948 से पहले इस प्रकार प्रव्रजन किया है तब यदि वह अपने प्रव्रजन की तारीख से भारत के राज्यक्षेत्र मि मामू लि तौर से नविासी रहा है ; या (ii) जबकी वह व्यक्ति ऐसा है जिसने 19 जु लाई, 1948 को या उसके पश्चात ् इस प्रकार प्रव्रजन किया है तब यदि वह नागरिकोंिता प्रापि्त के लिए भारत डोमनियिन की सरकार द्वारा वहिति प्ररूप मि और रीति से उसके द्वारा इस संविधान के प्रारंभ से पहले ऐसे अधि कारि को, जिसे उस सरकार ने इस प्रयोजन के लिए नयिु क्त किया है, आवेदन किए जाने पर उस अधिकारि द्वारा भारत का नागरिकोंि रजिस्ट्रकी ृ त कर लयिा गया है : परंतु यदि कोई व्यक्ति अपने आवेदन की तारीख से ठकी पहले कम से कम छह मास भारत के राज्यक्षेत्र मि नविासी नहीं रहा है तो वह इस प्रकार रजिस्ट्रकी ृ त नहीं किया जाएगा ।

Simple Meaning

विभाजन के समय लाखों लोग पाकिस्तान से भारत आए थे। अनुच्छेद 6 ने पाकिस्तान से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने के नियम तय किए। यदि कोई व्यक्ति या उसके पूर्वज अविभाजित भारत में पैदा हुए थे और वे 19 जुलाई 1948 से पहले भारत आ गए थे, तो वे आसानी से नागरिक बन गए; जो इसके बाद आए, उन्हें एक पंजीकरण अधिकारी के पास आवेदन करना पड़ा।

Explain Like Ten

विभाजन (बंटवारे) के समय जो लोग पाकिस्तान से भारत आ रहे थे, यह नियम उन्हें भारत की नागरिकता देने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया था।

Student Mode

यह पाकिस्तान से प्रवर्जन (migration) करने वाले व्यक्तियों के नागरिकता अधिकारों से संबंधित है। इसमें 19 जुलाई 1948 की तारीख (Permit System लागू होने की तिथि) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तिथि से पहले आने वाले लोग मामूली तौर पर निवासी होने पर नागरिक बन गए, जबकि इस तिथि के बाद आने वालों को कम से कम 6 महीने निवास करने के बाद पंजीकरण के जरिए नागरिकता मिली।

Example

1948 में लाहौर से दिल्ली आए एक परिवार को अनुच्छेद 6 के तहत भारतीय नागरिक के रूप में पंजीकृत किया गया, जिससे उन्हें नए स्वतंत्र भारत में रहने और नौकरी करने के सभी अधिकार मिल गए।

Key Takeaway

यह विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आए लोगों के नागरिकता अधिकारों की रक्षा करने वाला एक महत्वपूर्ण मानवीय नियम था।

FAQs

19 जुलाई, 1948 का क्या महत्व है?

19 जुलाई, 1948 वह कटऑफ तारीख थी जब प्रवासन के लिए परमिट प्रणाली शुरू की गई थी। इस तारीख से पहले आने वालों के साथ बाद में आने वालों की तुलना में अलग व्यवहार किया जाता था।

अनुच्छेद 6(क) और 6(ख) में क्या अंतर है?

खंड (क) वंशावली पात्रता निर्धारित करता है - आप या आपके माता-पिता/दादा-दादी का जन्म 1935 के पूर्व के ब्रिटिश भारत में हुआ होना चाहिए। खंड (ख) तब निवास की कटऑफ निर्धारित करता है: 19 जुलाई, 1948 से पहले आने वालों को केवल सामान्य रूप से निवासी होना आवश्यक था; बाद में आने वालों को औपचारिक रूप से पंजीकरण करना आवश्यक था।

Quiz

अनुच्छेद 6 किससे प्रवास करने वाले लोगों के बारे में है?

Answer: पाकिस्तान

अनुच्छेद 6 में कटऑफ तारीख क्या है?

Answer: 19 जुलाई, 1948

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