Part XXII - Short Title, Commencement, Authoritative Text in Hindi and Repeals • अनुच्छेद
अनुच्छेद 395 Simplified: निरसन
यह संविधान का अंतिम अनुच्छेद है। यह भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बनाने के लिए ब्रिटिश काल के दो बड़े कानूनों (भारत स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935) को रद्द करता है। इससे भारत के ब्रिटेन से सारे पुराने संवैधानिक संबंध हमेशा के लिए खत्म हो गए।
Official Text
भारत स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935 का, पश्चात् कथित अधिनियम की संशोधक या अनुपूरक सभी अधिनियमितियों के साथ, जिनके अंतर्गत प्रिवी कौंसिल अधिकारिता उत्सादन अधिनियम, 1949 नहीं है, इसके द्वारा निरसन किया जाता है।
Simple Meaning
यह संविधान का अंतिम अनुच्छेद है। यह भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बनाने के लिए ब्रिटिश काल के दो बड़े कानूनों (भारत स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935) को रद्द करता है। इससे भारत के ब्रिटेन से सारे पुराने संवैधानिक संबंध हमेशा के लिए खत्म हो गए।
Explain Like Ten
यह संविधान का आखिरी नियम है। यह अंग्रेजों के बनाए पुराने सभी कानूनों को पूरी तरह ख़त्म कर देता है, ताकि हमारा देश केवल हमारे अपने नियमों से चले और पूरी तरह आज़ाद रहे।
Student Mode
अनुच्छेद 395 भारतीय संविधान का अंतिम निरसन खंड है। यह भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत सरकार अधिनियम, 1935 को आधिकारिक रूप से निरस्त करता है। इसके साथ ही, प्रिवी काउंसिल अधिकारिता उत्सादन अधिनियम, 1949 को निरस्त होने से बचाया गया ताकि पुरानी न्यायिक व्यवस्था बनी रहे। यह भारत की पूर्ण कानूनी और संवैधानिक संप्रभुता को स्थापित करता है।
Example
26 जनवरी 1950 को जैसे ही हमारा संविधान शुरू हुआ, अंग्रेजों के बनाए पुराने नियम समाप्त हो गए और भारत केवल अपने स्वयं के संविधान द्वारा शासित एक स्वतंत्र गणराज्य बन गया।
Key Takeaway
ब्रिटिश-काल के औपनिवेशिक कानूनों को रद्द करके भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य घोषित करने वाला अंतिम अनुच्छेद।
FAQs
भारतीय संविधान के अंतिम अनुच्छेद (अनुच्छेद 395) का क्या कार्य है?
यह ब्रिटिश काल के भारत स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935 को निरस्त करता है।
प्रिवी काउंसिल अधिकारिता उत्सादन अधिनियम, 1949 को निरस्त क्यों नहीं किया गया?
ताकि पुरानी न्यायिक अपीलों और फैसलों की कानूनी वैधता बनी रहे और न्यायिक संक्रमण सुचारू हो सके।
Quiz
भारतीय संविधान के अंतिम अनुच्छेद (अनुच्छेद 395) द्वारा किन दो ऐतिहासिक ब्रिटिश कानूनों को निरस्त किया गया था?
Answer: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और भारत शासन अधिनियम 1935