Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 392 Simplified: कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति

यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को नए संविधान को लागू करते समय आने वाली व्यावहारिक और प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष आदेश जारी करने की शक्ति देता था। यह शक्ति 1952 में पहली बार निर्वाचित संसद के बैठने के बाद समाप्त हो गई।

Official Text

(1) राष्ट्रपति, किन्हीं ऐसी कठिनाइयों को, जो विशेष रूप से भारत शासन अधिनियम, 1935 के उपबंधों से इस संविधान के उपबंधों में संक्रमण के संबंध में उत्पन्न हों, दूर करने के प्रयोजन के लिए, आदेश द्वारा निदेश दे सकेगा कि यह संविधान उस अवधि के दौरान, जो आदेश में विनिर्दिष्ट की जाए, ऐसे अनुकूलनों के अधीन रहते हुए, चाहे वे उपबंध के संशोधन, परिवर्धन या लोप के रूप में हों, प्रभावी होगा जो वह आवश्यक या समीचीन समझे: परन्तु ऐसा कोई आदेश भाग 5 के अध्याय 2 के अधीन सम्यक् रूप से गठित संसद के प्रथम अधिवेशन के पश्चात नहीं किया जाएगा। (2) खंड (1) के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश संसद के समक्ष रखा जाएगा। (3) राष्ट्रपति को इस अनुच्छेद द्वारा, अनुच्छेद 324 द्वारा, अनुच्छेद 367 के खंड (3) द्वारा और अनुच्छेद 391 द्वारा प्रदत्त शक्तियां इस संविधान के प्रारंभ से पूर्व भारत डोमिनियन के गवर्नर-जनरल द्वारा प्रयोक्तव्य होंगी।

Simple Meaning

यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को नए संविधान को लागू करते समय आने वाली व्यावहारिक और प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष आदेश जारी करने की शक्ति देता था। यह शक्ति 1952 में पहली बार निर्वाचित संसद के बैठने के बाद समाप्त हो गई।

Explain Like Ten

यह नियम पहले राष्ट्रपति जी को यह शक्ति देता था कि अगर नया संविधान लागू करते समय कोई नियम समझने या काम करने में कोई दिक्कत आए, तो वे उसे तुरंत ठीक करने के लिए खुद ही छोटा नियम बना सकें।

Student Mode

अनुच्छेद 392 राष्ट्रपति को कठिनाइयों को दूर करने की व्यापक शक्ति प्रदान करता था, विशेष रूप से 1935 के अधिनियम से नए संविधान में परिवर्तन के दौरान। यह शक्ति संसद के प्रथम सत्र के प्रारंभ होने के बाद समाप्त हो गई। संविधान लागू होने से पहले यह शक्ति भारत डोमिनियन के गवर्नर-जनरल को भी प्राप्त थी।

Example

जब 1950 में नया संविधान शुरू हुआ, तो पुरानी प्रशासनिक प्रणालियों को नए नियमों में ढालने के लिए राष्ट्रपति ने कई छोटे-छोटे कठिनाई निवारण आदेश जारी किए थे।

Key Takeaway

संविधान के संक्रमण काल में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए राष्ट्रपति की अल्पकालिक असाधारण शक्ति।

FAQs

राष्ट्रपति की कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति कब समाप्त हुई?

1952 में पहली बार विधिवत निर्वाचित संसद के प्रथम अधिवेशन के प्रारंभ होने के बाद यह शक्ति समाप्त हो गई।

संविधान के प्रारंभ होने से पहले यह शक्ति किसके पास थी?

यह शक्ति भारत डोमिनियन के गवर्नर-जनरल के पास थी।

Quiz

नए संविधान में संक्रमण के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति का वर्णन किस अनुच्छेद में है?

Answer: अनुच्छेद 392

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