Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद
अनुच्छेद 391 Simplified: कुछ आकस्मिकताओं में पहली और चौथी अनुसूची का संशोधन करने की राष्ट्रपति की शक्ति
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को पहले आम चुनावों से पहले राज्यों की सीमाओं में होने वाले बदलावों के कारण पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची को अस्थायी रूप से बदलने का अधिकार देता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।
Official Text
[कु छ आकिस्मकताओं मि पहलि और चौथी अनु सू ची का संशोधन करने कि राष्ट्रपति कि शिक्त ।]–संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 कि धारा 29 और अनु सू ची द्वारा (1-11 -1956 से) लोप किया गया ।
Simple Meaning
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को पहले आम चुनावों से पहले राज्यों की सीमाओं में होने वाले बदलावों के कारण पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची को अस्थायी रूप से बदलने का अधिकार देता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।
Explain Like Ten
यह नियम पहले चुनावों से पहले राष्ट्रपति जी को यह शक्ति देता था कि वे राज्यों की सीमाओं में बदलाव होने पर राज्यों और सीटों की लिस्ट को खुद ही अपडेट कर सकें।
Student Mode
अनुच्छेद 391 ने राष्ट्रपति को पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची में संशोधन करने का विशेष अधिकार दिया था, यदि भारत सरकार अधिनियम 1935 के तहत लिए गए निर्णयों के कारण राज्यों की सीमाओं में कोई बदलाव संक्रमण काल में होता था। इसे 1956 में निरस्त कर दिया गया।
Example
यदि 1951 में किसी राज्य की सीमा बदली गई, तो राष्ट्रपति ने संसद के बिना ही इस अनुच्छेद का उपयोग करके पहली अनुसूची में उस राज्य का नाम अपडेट कर दिया था।
Key Takeaway
राज्यों की सीमाओं और सीटों के आवंटन में बदलाव के लिए राष्ट्रपति को दी गई अस्थायी विधायी शक्ति का निरसित नियम।
FAQs
राष्ट्रपति को पहली और चौथी अनुसूची में बदलाव का अधिकार किस अनुच्छेद ने दिया था?
अनुच्छेद 391 ने यह अस्थायी अधिकार प्रदान किया था।
Quiz
संक्रमण काल के दौरान राष्ट्रपति को पहली और चौथी अनुसूची में सीधे संशोधन करने की शक्ति देने वाला कौन सा अनुच्छेद 1956 में निरस्त किया गया?
Answer: अनुच्छेद 391