Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 388 Simplified: अनंतिम संसद तथा राज्यों के अनंतिम विधान-मंडलों में आकस्मिक रिक्तियों के बारे में उपबंध

यह अनुच्छेद 1950 से 1952 के बीच (पहले आम चुनावों से पहले) अनंतिम संसद या राज्य विधानसभाओं में किसी सदस्य की मृत्यु, इस्तीफे या अयोग्यता के कारण खाली हुई सीटों को भरने के नियम तय करता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।

Official Text

[अन्तकार्लनि संसद् तथा राज्यि के अन्तकार्लनि विधान-मंडलि मि आकिस्मक रििक्तयि के बारे मि उपबंध ।]–संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 कि धारा 29 और अनु सू ची द्वारा (1-11 -1956 से) लोप किया गया ।

Simple Meaning

यह अनुच्छेद 1950 से 1952 के बीच (पहले आम चुनावों से पहले) अनंतिम संसद या राज्य विधानसभाओं में किसी सदस्य की मृत्यु, इस्तीफे या अयोग्यता के कारण खाली हुई सीटों को भरने के नियम तय करता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।

Explain Like Ten

यह नियम कहता था कि पहले चुनाव होने से पहले अगर संसद या राज्य सरकार का कोई नेता रिटायर हो जाए या उसकी मौत हो जाए, तो उसकी खाली सीट को कैसे भरा जाएगा।

Student Mode

अनुच्छेद 388 के तहत अनंतिम संसद और राज्यों की अनंतिम विधानसभाओं में आकस्मिक रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी, जिसमें अप्रत्यक्ष चुनाव या नामांकन का सहारा लिया जाता था। इसे 1956 के 7वें संशोधन द्वारा हटाया गया।

Example

यदि 1950 में संविधान सभा के किसी सदस्य का निधन हो गया, तो उस सीट को भरने के लिए इस अनुच्छेद के नियमों का पालन किया गया।

Key Takeaway

अंतरिम काल में रिक्त सीटों को भरने के नियम बताने वाला निरसित संक्रमणकालीन नियम।

FAQs

अनंतिम संसद में रिक्तियों को कैसे भरा जाता था?

संबंधित राज्यों के विधानमंडलों के सदस्यों द्वारा मतदान या राष्ट्रपति के नामांकन के माध्यम से भरा जाता था।

Quiz

अनंतिम संसद और राज्य विधानसभाओं में आकस्मिक रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया बताने वाला कौन सा अनुच्छेद 1956 में निरस्त किया गया?

Answer: अनुच्छेद 388

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