Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद
अनुच्छेद 387 Simplified: कुछ निर्वाचनों के प्रयोजनों के लिए जनसंख्या के निर्धारण के बारे में विशेष उपबंध
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को देश के पहले आम चुनावों (1951-1952) के लिए जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने से पहले देश की जनसंख्या का एक अनुमानित आंकड़ा तय करने की शक्ति देता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।
Official Text
[कु छ निर्वाचनि के परियोजनि के लिए जनसंख्या के निधार्रण के बारे मि विशेष उपबं ध ।]–संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 कि धारा 29 और अनु सू ची द्वारा (1-11 -1956 से) लोप किया गया ।
Simple Meaning
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को देश के पहले आम चुनावों (1951-1952) के लिए जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने से पहले देश की जनसंख्या का एक अनुमानित आंकड़ा तय करने की शक्ति देता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।
Explain Like Ten
यह नियम राष्ट्रपति जी को यह अधिकार देता था कि वे देश के पहले चुनाव कराने के लिए बिना जनगणना के भी लोगों की संख्या का अंदाज़ा लगा सकें ताकि चुनाव में देरी न हो।
Student Mode
अनुच्छेद 387 के तहत, 1951 की पहली जनगणना के सुसंगत आंकड़े उपलब्ध होने से पूर्व, राष्ट्रपति को पहले आम चुनावों के प्रयोजन के लिए निर्वाचन क्षेत्रों के सीमांकन और अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की सीटों के निर्धारण हेतु जनसंख्या घोषित करने की शक्ति दी गई थी। इसे 1956 में निरस्त किया गया।
Example
1951 के चुनावों के लिए चुनाव आयोग को सीटों का निर्धारण करने के लिए जनसंख्या की जरूरत थी। राष्ट्रपति ने इस अनुच्छेद के तहत एक अनुमानित आंकड़ा घोषित किया ताकि चुनाव समय पर हो सकें।
Key Takeaway
चुनाव निर्वाचन क्षेत्रों के निर्धारण के लिए राष्ट्रपति को जनसंख्या अनुमान लगाने की अस्थायी शक्ति देने वाला निरसित नियम।
FAQs
पहले आम चुनाव के समय जनसंख्या का निर्धारण कैसे हुआ था?
राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 387 के तहत विशेष आदेश जारी कर अस्थायी जनसंख्या का निर्धारण किया था।
Quiz
पहले आम चुनावों के लिए जनसंख्या निर्धारण हेतु राष्ट्रपति को विशेष अस्थायी शक्ति देने वाला कौन सा अनुच्छेद 1956 में निरस्त किया गया था?
Answer: अनुच्छेद 387