Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 382 Simplified: पहली अनुसूची के भाग क के राज्यों के लिए अनंतिम विधान-मंडलों के संबंध में उपबंध

यह अनुच्छेद 1950 से 1952 के बीच (पहले आम चुनावों से पहले) मद्रास, बॉम्बे और बिहार जैसे बड़े राज्यों की पुरानी प्रांतीय विधानसभाओं को राज्य के अनंतिम विधानमंडल के रूप में कार्य करने की अनुमति देता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।

Official Text

[पहलि अनु सू ची के भाग क मि के राज्यि के अन्तकार्लनि विधान-मंडलि के बारे मि उपबंध ।]–संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम , 1956 कि धारा 29 और अनु सू ची द्वारा (1-11 -1956 से) लोप किया गया ।

Simple Meaning

यह अनुच्छेद 1950 से 1952 के बीच (पहले आम चुनावों से पहले) मद्रास, बॉम्बे और बिहार जैसे बड़े राज्यों की पुरानी प्रांतीय विधानसभाओं को राज्य के अनंतिम विधानमंडल के रूप में कार्य करने की अनुमति देता था। इसे 1956 में निरस्त किया गया।

Explain Like Ten

यह नियम आज़ादी के बाद राज्यों में अस्थायी रूप से कानून बनाने वाले नेताओं की टीम को काम करते रहने के लिए बनाया गया था, जो अब खत्म हो चुका है।

Student Mode

अनुच्छेद 382 भाग क के राज्यों (जैसे संयुक्त प्रांत, बॉम्बे, मद्रास) के लिए अनंतिम विधानमंडलों की व्यवस्था करता था। इसके तहत पुराने प्रांतों के विधानमंडलों को तब तक राज्य विधानसभा का दर्जा मिला जब तक 1952 में नए चुनाव नहीं हो गए। इसे 1956 में निरसित कर दिया गया।

Example

जब तक 1952 में नए चुनाव नहीं हुए, तब तक बॉम्बे विधानसभा के पुराने सदस्य ही नए बॉम्बे राज्य के लिए कानून बनाते रहे, जिससे राज्य में कानूनों का कोई शून्य नहीं बना।

Key Takeaway

1952 के आम चुनाव तक भाग क राज्यों की पुरानी विधानसभाओं को अस्थायी दर्जा देने वाला निरसित नियम।

FAQs

अनुच्छेद 382 किस प्रकार के राज्यों के लिए था?

यह पहली अनुसूची के भाग क में शामिल राज्यों के लिए अनंतिम विधानमंडलों की व्यवस्था करता था।

क्या 1952 से पहले राज्यों में विधानसभाएं थीं?

हाँ, अनुच्छेद 382 के तहत स्वतंत्रता पूर्व की विधान सभाओं को ही अनंतिम विधानसभा माना गया था।

Quiz

भाग क के राज्यों की अस्थायी विधानसभाओं से संबंधित किस अनुच्छेद को 1956 में हटाया गया था?

Answer: अनुच्छेद 382

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