Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 379 Simplified: अनंतिम संसद और उसके अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के बारे में उपबंध

अनुच्छेद 379 ने मूल रूप से 1950 से 1952 में पहले आम चुनाव होने तक भारत की संविधान सभा को 'अनंतिम संसद' के रूप में स्थापित किया था। चूंकि भारत ने 1952 तक अपनी पहली स्थायी द्विसदनीय संसद का चुनाव कर लिया था, इसलिए इस संक्रमणकालीन अनुच्छेद को 1956 में 7वें संशोधन द्वारा निरस्त कर दिया गया था।

Official Text

[अन्तकार्लनि संसद् तथा उसके अध्यि और उपाध्यि के बारे मि उपबंध ।]– संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 कि धारा 29 और अनु सू ची द्वारा (1-11 -1956 से) लोप किया गया ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 379 ने मूल रूप से 1950 से 1952 में पहले आम चुनाव होने तक भारत की संविधान सभा को 'अनंतिम संसद' के रूप में स्थापित किया था। चूंकि भारत ने 1952 तक अपनी पहली स्थायी द्विसदनीय संसद का चुनाव कर लिया था, इसलिए इस संक्रमणकालीन अनुच्छेद को 1956 में 7वें संशोधन द्वारा निरस्त कर दिया गया था।

Explain Like Ten

जब हमारा देश स्वतंत्र हुआ, तब तुरंत पूरे देश में चुनाव कराना संभव नहीं था। इसलिए इस नियम ने कहा कि जब तक जनता वोट देकर नई संसद नहीं चुन लेती, तब तक संविधान लिखने वाले नेता ही देश की संसद के रूप में कार्य करेंगे। चुनाव होने के बाद इस नियम को हटा दिया गया।

Student Mode

अनुच्छेद 379 एक महत्वपूर्ण संक्रमणकालीन विधायी सुरक्षा कवच था। इसके तहत संविधान सभा को जनवरी 1950 से मई 1952 में प्रथम निर्वाचित संसद के गठन तक भारत की 'अनंतिम संसद' के रूप में कार्य करने का अधिकार दिया गया। 1956 में 7वें संशोधन द्वारा इस प्रावधान को निरस्त कर दिया गया क्योंकि इसकी प्रासंगिकता समाप्त हो गई थी।

Example

1950 और 1952 के बीच, पहले आम चुनाव से पहले, संविधान सभा ने ही अनुच्छेद 379 के तहत भारत की संसद के रूप में काम किया और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम जैसे शुरुआती कानून पारित किए।

Key Takeaway

एक निरसित अनुच्छेद जिसने पहले आम चुनाव होने तक संविधान सभा को भारत की अनंतिम संसद के रूप में कार्य करने का अधिकार दिया था।

FAQs

1950 और 1952 के बीच संविधान सभा की क्या भूमिका थी?

अनुच्छेद 379 के तहत, इसने पहले आम चुनाव होने तक भारत की अनंतिम संसद के रूप में कार्य किया।

अनुच्छेद 379 को संविधान से क्यों हटाया गया था?

इसे 1956 में 7वें संशोधन द्वारा निरस्त कर दिया गया था क्योंकि 1952 में देश में एक स्थायी निर्वाचित संसद का गठन हो चुका था।

Quiz

अनुच्छेद 379 के तहत किस संस्था ने भारत की अनंतिम संसद के रूप में कार्य किया था?

Answer: भारत की संविधान सभा

किस वर्ष 7वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 379 को निरस्त किया गया था?

Answer: 1956

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