Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 378 Simplified: लोक सेवा आयोगों के बारे में उपबंध

अनुच्छेद 378 ने लोक सेवा आयोगों के सदस्यों के संक्रमण को नियंत्रित किया। इसने भारत डोमिनियन के संघीय लोक सेवा आयोग को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में और प्रांतीय आयोगों को राज्य लोक सेवा आयोगों में परिवर्तित कर दिया, जिससे मौजूदा सदस्य अपने मूल कार्यकाल को पूरा कर सकें।

Official Text

लोक सेवा आयोगि के बारे मि उपबंध–(1) इस संविधान के प्रारंभ से ठकि पहले भारत डोमिनियन के लोक सेवा आयोग के पद धारण करने वाले सदस्य, यदि वे अन्यथा निर्वाचन न कर चु के हि तो ऐसे प्रारंभ पर संघ के लोक सेवा आयोग के सदस्य हो जाएंगे और अनु च्छेद 316 के खंड (1) और खंड (2) मि किसी बात के होते हु ए भी, कि ं तु उस अनु च्छेद के खंड (2) के परंतु क के अधीन रहते हु ए, अपनी उस पदावधि कि समािप्त तक पद धारण करते रहि गे जो ऐसे प्रारंभ से ठकि पहले ऐसे सदस्यि को लागू नियमि के अधीन अवधारित है । (2) इस सविधान के प्रारंभ से ठकि पहले किसी प्रांत के लोक सेवा आयोग के या प्रांति के समू ह कि आवश्यकताओं कि पू तिर् करने वाले किसी लोक सेवा आयोग के पद धारण करने वाले सदस्य, यदि वे अन्यथा निर्वाचन न कर चु के हि तो, ऐसे प्रारंभ पर, यथािस्थति, तत्स्थानी राज्य के लोक सेवा आयोग के सदस्य या तत्स्थानी राज्यि कि आवश्यकताओं कि पू तिर् करने वाले संयु क्त राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य हो जाएंगे और अनु च्छेद 316 के खंड (1) और खंड (2) मि किसी बात के होते हु ए भी, कि ं तु उस अनु च्छेद के खंड (2) के परंतु क के अधीन रहते हु ए, अपनी उस पदावधि कि समािप्त तक पद धारण करते रहि गे जो ऐसे प्रारंभ से ठकि पहले ऐसे सदस्यि को लागू नियमि के अधीन अवधारित है ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 378 ने लोक सेवा आयोगों के सदस्यों के संक्रमण को नियंत्रित किया। इसने भारत डोमिनियन के संघीय लोक सेवा आयोग को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में और प्रांतीय आयोगों को राज्य लोक सेवा आयोगों में परिवर्तित कर दिया, जिससे मौजूदा सदस्य अपने मूल कार्यकाल को पूरा कर सकें।

Explain Like Ten

देश चलाने के लिए ईमानदार और समझदार अफसरों की भर्ती करनी होती है। 1950 से पहले, जो टीम सरकारी नौकरियां देने की परीक्षा आयोजित करती थी, इस नियम ने उस टीम को UPSC के रूप में अपना काम जारी रखने की अनुमति दी ताकि परीक्षाएं न रुकें।

Student Mode

अनुच्छेद 378 लोक सेवा आयोगों के संस्थागत संक्रमण को नियंत्रित करता है। इसके तहत: (1) संघीय लोक सेवा आयोग को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के रूप में पुनर्गठित किया गया। (2) मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल को सुरक्षित रखा गया ताकि वे संविधान के अनुच्छेद 316 के सामान्य नियमों के बजाय अपने मूल नियमों के अनुसार सेवा पूरी कर सकें।

Example

1950 में, सिविल सेवा परीक्षाओं के आयोजन में कोई देरी नहीं हुई क्योंकि संघीय लोक सेवा आयोग के आयुक्त अनुच्छेद 378 के तहत स्वतः ही संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्य बन गए, जिससे भर्ती प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी रही।

Key Takeaway

यह पुरानी भर्ती एजेंसियों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों में बदलकर बिना किसी रुकावट के लोक सेवा भर्तियों को जारी रखना सुनिश्चित करता है।

FAQs

1950 के बाद संघीय लोक सेवा आयोग का नाम क्या हो गया?

अनुच्छेद 378 के तहत इसे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में परिवर्तित कर दिया गया।

अनुच्छेद 378 ने मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल की रक्षा कैसे की?

इन्होंने उन्हें संविधान लागू होने से पहले लागू नियमों के तहत अपना कार्यकाल पूरा करने की अनुमति दी।

Quiz

अनुच्छेद 378 के तहत भारत डोमिनियन के लोक सेवा आयोग को किसमें बदला गया?

Answer: संघ लोक सेवा आयोग

अनुच्छेद 378 के तहत स्थानांतरित सदस्यों के कार्यकाल को किस अनुच्छेद के नियमों के बावजूद संरक्षण दिया गया था?

Answer: अनुच्छेद 316

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