Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 372क Simplified: विधियों का अनुकूलन करने की राष्ट्रपति की शक्ति

अनुच्छेद 372क को 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के बाद कानूनों को पुनर्गठित करने में मदद के लिए जोड़ा गया था। इसने राष्ट्रपति को अस्थायी शक्ति दी कि वे मौजूदा कानूनों को अनुकूलित, संशोधित या निरस्त कर सकें ताकि वे भारत के नए पुनर्गठित राज्य सीमाओं और संघीय ढांचे के साथ मेल खा सकें।

Official Text

�व�धय� का अनु कू लन करने क� राष्ट्रप�त क� शक्ति – (1) सं�विधिान (सातवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1956 के प्रारंभ से ठ�क पहले भारत में� या उसके �कसीभाग में� प्रवृ � �कसी �व�ध के उपबंधों� को उस अ�ध�नयमेंद्वारा यथासंशो�धत इससं�विधिान के उपबंधों� के अनु रूप बनाने के प्रयोजनों� के �लए, राष्ट्रप�त, 1 नवंब र, 1957 सेपहले �कए गए आदेश ∗ द्वारा, ऐसी �व�ध में� �नरसन के रूप में� या संशोधन के रूप में� ऐसेअनुकूलन और उपांतरण कर सके गा जो आवश्यक या समेंीचीन ह� और यह उपबंधों करसके गा �क वह �व�ध ऐसी तार�ख से जो आदेश में� �व�न�दर्ष्ट क� जाए, इस प्रकार �कएगए अनु कू लन� और उपांत रण� के अधीन रहते हु ए प्रभावी होगी और �कसी ऐसे अनु कू लनया उपांतरण को �कसी न्यायालयों में� प्रश्नगत नह�ं �कया जाएगा । (2) खंड (1) क� कोई बात, �कसी स�में�विधिान-मेंंडल या अन्य स�मेंप्रा�धकार� को, राष्ट्रप�त द्वारा उक्त खंड के अधीन अनु कू �लत या उपांत�रत �कसी �व�ध का �नरसन या संशोधन करने से रोकने वाल� नह�ं समेंझी जाएगी । 1. सं�विधिान (सातवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1956 क� धारा 23 द्वारा (1 -11-1956 से) अंतःस्था�पत । ∗ दे�खए 1956 और 1957 के �व�ध अनु कू लन आदेश ।भारत का सं�विधिान 248

Simple Meaning

अनुच्छेद 372क को 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के बाद कानूनों को पुनर्गठित करने में मदद के लिए जोड़ा गया था। इसने राष्ट्रपति को अस्थायी शक्ति दी कि वे मौजूदा कानूनों को अनुकूलित, संशोधित या निरस्त कर सकें ताकि वे भारत के नए पुनर्गठित राज्य सीमाओं और संघीय ढांचे के साथ मेल खा सकें।

Explain Like Ten

1956 में भारत ने अपने राज्यों की सीमाओं में बदलाव किया। इस नियम ने राष्ट्रपति जी को यह शक्ति दी कि वे पुराने राज्य कानूनों को नए राज्यों की सीमाओं के अनुसार तुरंत बदल सकें, ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।

Student Mode

अनुच्छेद 372क को 7वें संविधान संशोधन अधिनियम (1956) द्वारा जोड़ा गया था। इस संशोधन ने राज्यों का पुनर्गठन किया था। राज्यों के पुनर्गठन के कारण उत्पन्न कानूनी समस्याओं को हल करने के लिए, इस अनुच्छेद ने राष्ट्रपति को 1 नवंबर, 1956 से ठीक पहले प्रवृत्त किसी भी कानून को संशोधित और अनुकूलित करने की शक्ति दी, जिसकी अंतिम तिथि 1 नवंबर, 1957 निर्धारित की गई थी।

Example

जब 1956 में भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया, तो नए विलय किए गए क्षेत्रों को कवर करने के लिए क्षेत्रीय कानूनों को अनुकूलित करना पड़ा। राष्ट्रपति ने इन स्थानीय कानूनों को तुरंत लागू करने के लिए अनुच्छेद 372क के तहत अनुकूलन आदेश जारी किए।

Key Takeaway

इसने राष्ट्रपति को 1956-1957 में राज्य पुनर्गठन के समय कानूनों को नए राज्य क्षेत्रों के अनुकूल बनाने के लिए अस्थायी रूप से संशोधित करने की शक्ति दी।

FAQs

किस संशोधन के तहत अनुच्छेद 372क जोड़ा गया था?

इसे संविधान (सातवें संशोधन) अधिनियम, 1956 द्वारा जोड़ा गया था।

अनुच्छेद 372क के तहत राष्ट्रपति के लिए विधियों को अनुकूलित करने की अंतिम तिथि क्या थी?

राष्ट्रपति को 1 नवंबर, 1957 से पहले ऐसे आदेश जारी करने थे।

Quiz

किस बड़े सुधार को सुविधाजनक बनाने के लिए संविधान में अनुच्छेद 372क जोड़ा गया था?

Answer: 1956 का राज्य पुनर्गठन

अनुच्छेद 372क के तहत राष्ट्रपति के लिए विधियों को अनुकूलित करने की समय सीमा क्या थी?

Answer: 1 नवंबर 1957

Related Topics