Part XXI - Temporary, Transitional and Special Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 371ज Simplified: अरुणाचल प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 371ज अरुणाचल प्रदेश के लिए विशेष नियम प्रदान करता है। यह राज्यपाल को राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की विशेष जिम्मेदारी देता है, जिसके लिए वे मंत्रियों से सलाह लेने के बाद स्वतंत्र निर्णय ले सकते हैं। राष्ट्रपति किसी भी समय इस विशेष जिम्मेदारी को समाप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, राज्य की विधानसभा में कम से कम 30 सदस्य होना अनिवार्य है।

Official Text

अरुणाचल प्रदेश राज्यों के संबंध में� �विशेष उपबंधों – इस सं�विधिान में� �कसी बात के होते हु ए भी,– (क) अरुणाचल प्रदेश के राज्योंपाल का अरुणाचल प्रदेश राज्यों में� �व�धऔर व्यवस्था केसंबंध में� �विशेष उ�रदा�यत्व रहेगा और राज्योंपाल, उस संबंध में� अपने कृत्य� का �नवर्हन करने में� क� जाने वाल� कारर्वाई के बारे में� अपनेव्यिक्तगत �निर्णय का प्रयोग मेंं�त्र-प�रषद् से परामेंशर् करने के पश्चात् करेगा : 1. सं�विधिान (�तरपनवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1986 क� धारा 2 द्वारा (20- 2-1987 से) अंतःस्था�पत । 2. सं�विधिान (पचपनवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1986 क� धारा 2 द्वारा (20- 2-1987 से) अंतःस्था�पत ।भारत का सं�विधिान 245 परंतु य�द यह प्रश्न उठता है �क कोई मेंामेंला ऐसा मेंामेंला है या नह�ंिजसके संबंध में� राज्योंपाल से इस खंड के अधीन अपे�ा क� गई है �क वह अपनेव्यिक्तगत �निर्णय का प्रयोग करके कायर् करे तो राज्योंपाल का अपने �ववेक से �कया गया �व�नश्चय अं�तमेंहोगा और राज्योंपाल द्वारा क� गई �कसी बात क� �व�धमेंान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नह�ं क� जाएगी �क उसे अपनेव्यिक्तगत �निर्णय का प्रयोग करके कायर् करना चा�हए था या नह�ं : परंतु यह और �क य�द राज्योंपाल से प्र�तवेदन �मेंलने पर या अन्यथाराष्ट्रप�त का यह समेंाधान हो जाता है �क अब यह आवश्यक नह�ं है �कअरुणाचल प्रदेश राज्यों में� �व�ध और व्यवस्था के संबंध में� राज्योंपाल का �विशेषउ�रदा�यत्व रहे तो वह, आदेश द्वारा, �निर्देश दे सके गा �क राज्योंपाल का ऐसाउ�रदा�य त्व उस तार�खसे नह�ं रहेगा जो आदेश में� �व�न�दर्ष्ट क� जाए ; (ख) अरुणाचल प्रदेश राज्यों क� �विधिान सभा कमेंसे कमेंतीस सदस्यों� से �मेंलकर बनेगी । 1

Simple Meaning

अनुच्छेद 371ज अरुणाचल प्रदेश के लिए विशेष नियम प्रदान करता है। यह राज्यपाल को राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की विशेष जिम्मेदारी देता है, जिसके लिए वे मंत्रियों से सलाह लेने के बाद स्वतंत्र निर्णय ले सकते हैं। राष्ट्रपति किसी भी समय इस विशेष जिम्मेदारी को समाप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, राज्य की विधानसभा में कम से कम 30 सदस्य होना अनिवार्य है।

Explain Like Ten

यह नियम अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल को राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष शक्तियां देता है। संकट के समय वे मंत्रियों से बात करके खुद अंतिम फैसला ले सकते हैं। साथ ही, वहां की विधानसभा में कम से कम 30 विधायक होने चाहिए।

Student Mode

अनुच्छेद 371ज को 55वें संविधान संशोधन अधिनियम (1986) द्वारा जोड़ा गया था। इसके तहत: (1) राज्यपाल को कानून-व्यवस्था के संबंध में विशेष जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें वे मंत्रिपरिषद से परामर्श के बाद अपने व्यक्तिगत निर्णय का प्रयोग कर सकते हैं। (2) राष्ट्रपति इस जिम्मेदारी को समाप्त कर सकते हैं। (3) विधानसभा में सदस्यों की न्यूनतम संख्या 30 निर्धारित की गई है।

Example

यदि अरुणाचल प्रदेश में कोई कानून-व्यवस्था का बड़ा संकट उत्पन्न होता है, तो राज्यपाल राज्य पुलिस बलों को तैनात करने और प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए अपने व्यक्तिगत निर्णय का उपयोग कर सकते हैं, भले ही इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से परामर्श किया हो।

Key Takeaway

यह अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल को कानून-व्यवस्था पर विशेष विवेकाधीन अधिकार देता है और राज्य विधानसभा के लिए न्यूनतम 30 सदस्यों की संख्या निर्धारित करता है।

FAQs

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल किस स्थिति में व्यक्तिगत निर्णय का प्रयोग कर सकते हैं?

राज्यपाल, मंत्रिपरिषद से परामर्श करने के बाद, विशेष रूप से राज्य की कानून और व्यवस्था के संबंध में अपने व्यक्तिगत निर्णय का प्रयोग कर सकते हैं।

राज्यपाल की कानून-व्यवस्था संबंधी विशेष जिम्मेदारी को कैसे समाप्त किया जा सकता है?

यदि राष्ट्रपति संतुष्ट हो जाते हैं कि अब इसकी आवश्यकता नहीं है, तो वे एक आदेश द्वारा इसे समाप्त कर सकते हैं।

Quiz

अनुच्छेद 371ज के तहत अरुणाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की विशेष जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास है?

Answer: अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल

अनुच्छेद 371ज के अनुसार अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के लिए सदस्यों की न्यूनतम संख्या कितनी है?

Answer: 30 सदस्य

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