Part XIX - Miscellaneous • अनुच्छेद
अनुच्छेद 361ख Simplified: लाभप्रद राजनीतिक पद पर नियुक्ति के लिए निरर्हता
अनुच्छेद 361ख दलबदल (अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने) के कारण अयोग्य घोषित किए गए सांसदों या विधायकों पर प्रतिबंध लगाता है। यदि किसी सदस्य को 10वीं अनुसूची (दलबदल कानून) के तहत अयोग्य घोषित किया जाता है, तो वह तब तक किसी भी लाभप्रद राजनीतिक पद (जैसे मंत्री या सरकारी बोर्ड के अध्यक्ष, जहाँ सरकारी खजाने से वेतन मिलता हो) पर नियुक्त नहीं हो सकता, जब तक कि उसका कार्यकाल समाप्त न हो जाए या वह दोबारा चुनाव जीतकर न आ जाए।
Official Text
किसी राजनीतिक दल का किसी सदन का कोई सदस्य, जो दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के अधीन सदन का सदस्य होने के लिए निरर्हित है, अपनी निरर्हता की तारीख से प्रारंभ होने वाली और उस तारीख तक जिसको ऐसे सदस्य के रूप में उसकी पदावधि समाप्त होगी या उस तारीख तक जिसको वह किसी सदन के लिए कोई निर्वाचन लड़ता है, और निर्वाचित घोषित किया जाता है, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, की अवधि के दौरान, कोई लाभप्रद राजनीतिक पद धारण करने के लिए भी निरर्हित होगा। स्पष्टीकरण–इस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए,– (क) “सदन” पद का वही अर्थ है जो उसका दसवीं अनुसूची के पैरा 1 के खंड (क) में है ; (ख) “लाभप्रद राजनीतिक पद” अभिव्यक्ति से अभिप्रेत है,– (i) भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कोई पद, जहां ऐसे पद के लिए वेतन या पारिश्रमिक का संदाय, यथास्थिति, भारत सरकार या राज्य सरकार के लोक राजस्व से किया जाता है ; या (ii) किसी निकाय के अधीन, चाहे निगमित हो या नहीं, जो भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के पूर्णतः या भागतः स्वामित्वाधीन है, कोई पद और ऐसे पद के लिए वेतन या पारिश्रमिक का संदाय ऐसे निकाय से किया जाता है, सिवाय वहां के जहां संदत्त ऐसा वेतन या पारिश्रमिक प्रतिकरात्मक स्वरूप का है।
Simple Meaning
अनुच्छेद 361ख दलबदल (अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने) के कारण अयोग्य घोषित किए गए सांसदों या विधायकों पर प्रतिबंध लगाता है। यदि किसी सदस्य को 10वीं अनुसूची (दलबदल कानून) के तहत अयोग्य घोषित किया जाता है, तो वह तब तक किसी भी लाभप्रद राजनीतिक पद (जैसे मंत्री या सरकारी बोर्ड के अध्यक्ष, जहाँ सरकारी खजाने से वेतन मिलता हो) पर नियुक्त नहीं हो सकता, जब तक कि उसका कार्यकाल समाप्त न हो जाए या वह दोबारा चुनाव जीतकर न आ जाए।
Explain Like Ten
अगर कोई नेता अपनी पार्टी को धोखा देकर दूसरी पार्टी में जाता है और दलबदल कानून के तहत अयोग्य हो जाता है, तो उसे सरकार में कोई भी बड़ा और मोटी सैलरी वाला सरकारी पद (जैसे किसी सरकारी कमेटी का हेड) नहीं दिया जा सकता। उसे पहले दोबारा चुनाव जीतना होगा।
Student Mode
अनुच्छेद 361ख को 91वें संविधान संशोधन अधिनियम (2003) द्वारा जोड़ा गया था। इसके तहत यदि संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदस्य को 10वीं अनुसूची (दलबदल) के तहत अयोग्य ठहराया जाता है, तो वह अयोग्यता की तिथि से लेकर अपने कार्यकाल की समाप्ति तक या पुनः निर्वाचित होने तक (जो भी पहले हो) किसी भी 'लाभप्रद राजनीतिक पद' (remunerative political post) को धारण करने के लिए अयोग्य हो जाता है। लाभप्रद राजनीतिक पद का अर्थ है: (a) भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन ऐसा पद जिसका वेतन सार्वजनिक राजस्व से दिया जाता हो, या (b) सरकार के पूर्ण या आंशिक स्वामित्व वाले किसी निगम/निकाय के अधीन ऐसा पद जहाँ से वेतन मिलता हो (क्षतिपूरक भत्तों को छोड़कर)।
Example
यदि कोई विधायक दलबदल के कारण अपनी सदस्यता खो देता है, तो वह सरकार में किसी लाभप्रद बोर्ड के अध्यक्ष का पद स्वीकार नहीं कर सकता जब तक कि वह नए सिरे से चुनाव नहीं जीत जाता।
Key Takeaway
दलबदल करने वाले नेताओं को लाभप्रद राजनीतिक पदों का लालच देने से रोकने के लिए यह एक कड़ा प्रतिबंधात्मक नियम है।
FAQs
दलबदल के कारण अयोग्य घोषित सदस्य कब तक लाभप्रद पद धारण नहीं कर सकता?
वह अयोग्यता की तारीख से लेकर अपने पुराने कार्यकाल की समाप्ति तक, या जब तक वह दोबारा चुनाव जीतकर नहीं आ जाता (जो भी पहले हो), तब तक ऐसा पद धारण नहीं कर सकता।
अनुच्छेद 361ख को किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?
इसे दलबदल विरोधी कानूनों को कड़ा करने के लिए 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया था।
Quiz
दलबदल के आधार पर अयोग्य घोषित किए गए सदस्यों को लाभप्रद राजनीतिक पद धारण करने से रोकने वाला अनुच्छेद कौन सा है?
Answer: अनुच्छेद 361ख