Part XVIII - Emergency Provisions • अनुच्छेद

अनुच्छेद 357 Simplified: अनुच्छेद 356 के अधीन की गई उद्घोषणा के अधीन विधायी शक्तियों का प्रयोग

अनुच्छेद 357 यह तय करता है कि जब किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) लागू होता है, तो उस राज्य के लिए कानून बनाने की शक्तियों का उपयोग कैसे किया जाएगा। इसके तहत संसद यह अधिकार राष्ट्रपति या उनके द्वारा मनोनीत किसी अधिकारी (जैसे राज्यपाल) को सौंप सकती है। राष्ट्रपति शासन हटने के बाद भी ये कानून तब तक लागू रहते हैं जब तक कि राज्य की नई विधानसभा उन्हें बदल या रद्द नहीं कर देती।

Official Text

अनु च्छेद 356 के अधीन कि गई उद्घोषणा के अधीन विधायी शिक्तयि का प्रयोग – (1) जहां अनु च्छेद 356 के खंड (1) के अधीन कि गई उद्घोषणा द्वारा यह घोषणा कि गई है कि राज्य के विधान-मंडल कि शक्तियाँ संसद् द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोक्तव्य हगिी वहां– (क) राज्य के विधान-मंडल कि विधि बनाने कि शिक्त राष्ट्रपति को प्रदान करने कि और इस प्रकार प्रदि शिक्त का किसी अन्य प्राधिकारि को, िजसे राष्ट्रपति इस निमिि विनिदिर्ष्ट करे, ऐसी शति के अधीन, िजन्हि राष्ट्रपति अधिरोपित करना ठकि समझे, प्रत्यायोजन करने के लिए राष्ट्रपति को प्राधिकृ त करने कि संसद् को ; (ख) संघ या उसके अधिकारियि और प्राधिकारियि को शक्तियाँ प्रदान करने या उन पर कतर्व्य अधिरोपित करने के लिए अथवा शिक्तयि का प्रदान किया जाना या कतर्व्यि का अधिरोपित किया जाना प्राधिकृ त करने के लिए, विधि बनाने कि संसद् को अथवा राष्ट्रपति को या ऐसे अन्य प्राधिकारि को, िजसमि ऐसी विधि बनाने कि शिक्त उपखंड (क) के अधीन निहित है ; (ग) जब लोक सभा सत्र मि नहीं है तब राज्य कि संचित निधि मि से व्यय के लिए, संसद् कि मंजू रि लंबित रहने तक ऐसे व्यय को प्राधिकृ त करने कि राष्ट्रपति को, मिता होगी । ू तलिी प्रभाव से) अंतःस्थापित और तत्पश्चात ् संविधान (चवालसिवां संशोधन) अधिनियम, 1978 धारा 38 (20-6-1979 से) खंड (5) के स्थान पर प्रतिस्थापित । (चसिठवां संशोधन) अधिनियम, 1990 कि धारा 2 द्वारा (16 -4-1990 से) अंतःस्थापित किया गया था । [(2) राज्य के विधान-मंडल कि शिक्त का प्रयोग करते हु ए संसद् द्वारा, अथवा राष्ट्रपति या खंड (1) के उपखंड (क) मि निदिर्ष्ट अन्य प्राधिकारि द्वारा, बनाई गई ऐसी विधि, िजसे संसद् अथवा राष्ट्रपति या ऐसा अन्य प्राधिकारि अनु च्छेद 356 के अधीन कि गई उद्घोषणा के अभाव मि बनाने के लिए समि नहीं होता, उद्घोषणा के प्रवतर्न मि न रहने के पश्चात ् तब तक प्रवृ ि बनी रहेगी जब तक समि विधान-मंडल या अन्य प्राधिकारि द्वारा उसका परिवतर्न या निरसन या संशोधन नहीं कर दिया जाता है ।]

Simple Meaning

अनुच्छेद 357 यह तय करता है कि जब किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) लागू होता है, तो उस राज्य के लिए कानून बनाने की शक्तियों का उपयोग कैसे किया जाएगा। इसके तहत संसद यह अधिकार राष्ट्रपति या उनके द्वारा मनोनीत किसी अधिकारी (जैसे राज्यपाल) को सौंप सकती है। राष्ट्रपति शासन हटने के बाद भी ये कानून तब तक लागू रहते हैं जब तक कि राज्य की नई विधानसभा उन्हें बदल या रद्द नहीं कर देती।

Explain Like Ten

जब किसी राज्य की सरकार हटाई जाती है, तो देश की संसद राष्ट्रपति जी को यह अधिकार दे देती है कि वे उस राज्य के लिए नए कानून लिख सकें। राष्ट्रपति शासन खत्म होने के बाद भी वे कानून तब तक बने रहते हैं जब तक राज्य की अपनी नई सरकार उन्हें बदल न दे।

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अनुच्छेद 357 राष्ट्रपति शासन के दौरान विधायी और वित्तीय शक्तियों के संचालन की प्रक्रिया निर्धारित करता है। (1) संसद राज्य के लिए कानून बनाने की शक्ति राष्ट्रपति को प्रदान कर सकती है और उन्हें इसे किसी अन्य प्राधिकारी को प्रत्यायोजित (delegate) करने का अधिकार दे सकती है। (2) लोकसभा सत्र में न होने पर राष्ट्रपति राज्य की संचित निधि (Consolidated Fund of the State) से व्यय की अनुमति दे सकते हैं, जिसकी बाद में संसद से स्वीकृति आवश्यक होती है। (3) राष्ट्रपति शासन के दौरान बने कानून राष्ट्रपति शासन समाप्त होने के बाद भी तब तक प्रभावी बने रहते हैं, जब तक राज्य विधानमंडल उनमें संशोधन या उन्हें निरस्त न कर दे।

Example

जब जम्मू-कश्मीर या पंजाब में राष्ट्रपति शासन लागू था, तब संसद ने राष्ट्रपति को वहाँ के लिए नियम और कानून बनाने के अधिकार सौंपे थे, और वे कानून बाद में भी वैध बने रहे।

Key Takeaway

राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य की विधायी शक्ति संसद या राष्ट्रपति के पास चली जाती है, और उनके द्वारा बनाए गए कानून आपातकाल समाप्त होने के बाद भी प्रभाव में बने रहते हैं।

FAQs

राष्ट्रपति शासन के समाप्त होने पर क्या उस दौरान बने कानून स्वतः समाप्त हो जाते हैं?

नहीं, अनुच्छेद 357(2) के अनुसार वे कानून तब तक प्रभावी रहते हैं जब तक राज्य का विधानमंडल कानून पारित करके उन्हें बदल या समाप्त न कर दे।

क्या राष्ट्रपति शासन में राज्य के बजट से खर्च को मंजूरी दी जा सकती है?

हाँ, यदि संसद का सत्र न चल रहा हो, तो राष्ट्रपति संसद की मंजूरी की प्रतीक्षा किए बिना राज्य की संचित निधि से खर्च को मंजूरी दे सकते हैं।

Quiz

राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य के लिए कानून बनाने की विधायी शक्तियाँ संसद किसे सौंप सकती है?

Answer: राष्ट्रपति को

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