Part XVII - Official Language • अनुच्छेद
अनुच्छेद 349 Simplified: भाषा से संबंधित कुछ विधियों के अधिनियमन के लिए विशेष प्रक्रिया
यह अनुच्छेद संविधान के लागू होने के पहले 15 वर्षों (1950-1965) के दौरान भाषा से संबंधित कोई भी कानून या संशोधन संसद में लाने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी अनिवार्य बनाता था। राष्ट्रपति भी राजभाषा आयोग की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ही मंजूरी दे सकते थे।
Official Text
भाषा से संबंधित कु छ विधियां अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया – इस संविधान के प्रारंभ से पन्द्रह वषर् कि अवधि के दौरान, अनु च्छेद 348 के खंड (1) मि उिल्लखित किसी प्रयोजन के लिए प्रयोग कि जाने वालि भाषा के लिए उपबंध करने वाला कोई विधेयक या संशोधन संसद् के किसी सदन मि राष्ट्रपति कि पू वर् मंजू रि के बिना पु रःस्थापित या प्रस्तावित नहीं किया जाएगा और राष्ट्रपति किसी ऐसे विधेयक को पु रःस्थापित या किसी ऐसे संशोधन को प्रस्तावित किए जाने कि मंजू रि अनु च्छेद 344 के खंड (1) के अधीन गठित आयोग कि सिफारिशि पर और उस अऩु च्छेद के खंड (4) के अधीन गठित समिति के प्रतिवेदन पर विचार करने के पश्चात ् हि देगा, अन्यथा नहीं ।
Simple Meaning
यह अनुच्छेद संविधान के लागू होने के पहले 15 वर्षों (1950-1965) के दौरान भाषा से संबंधित कोई भी कानून या संशोधन संसद में लाने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी अनिवार्य बनाता था। राष्ट्रपति भी राजभाषा आयोग की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ही मंजूरी दे सकते थे।
Explain Like Ten
यह नियम पुराने समय के लिए था जो कहता था कि देश के शुरुआती 15 सालों में भाषा से जुड़े किसी भी नियम को बदलने से पहले राष्ट्रपति जी की विशेष अनुमति लेना बहुत जरूरी था।
Student Mode
अनुच्छेद 349 राजभाषा से जुड़े कानूनों के अधिनियमन की विशेष प्रक्रिया बताता है। इसके अनुसार संविधान के प्रारंभ से 15 वर्ष की अवधि के दौरान, अनुच्छेद 348(1) में निर्दिष्ट न्यायालयों और अधिनियमों की भाषा में परिवर्तन करने वाला कोई विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी के बिना संसद में पेश नहीं किया जा सकता था। राष्ट्रपति भी राजभाषा आयोग और समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद ही अपनी मंजूरी देते थे।
Example
1965 से पहले संसद में राजभाषा के संबंध में कोई भी बदलाव लाने वाला बिल पेश करने से पहले राष्ट्रपति की विशेष अनुमति की आवश्यकता होती थी, जो कि अब एक ऐतिहासिक प्रावधान है।
Key Takeaway
संविधान लागू होने के पहले 15 वर्षों में भाषा संबंधी कानूनों को पारित करने की एक विशेष प्रक्रिया।
FAQs
संविधान के प्रारंभ से 15 वर्षों तक भाषा संबंधी कानून पेश करने के लिए किसकी पूर्व अनुमति आवश्यक थी?
भारत के राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति और मंजूरी आवश्यक थी।
राष्ट्रपति इस प्रकार की मंजूरी देने से पहले किसकी रिपोर्ट पर विचार करते थे?
वे राजभाषा आयोग की सिफारिशों और संसदीय समिति की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ही अनुमति दे सकते थे।
Quiz
भाषा से संबंधित कुछ विधियों के अधिनियमन के लिए विशेष प्रक्रिया का उपबंध किस अनुच्छेद में किया गया है?
Answer: अनुच्छेद 349