Part XVII - Official Language • अनुच्छेद
अनुच्छेद 348 Simplified: उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में और अधिनियमों, विधेयकों आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा
यह अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और सभी हाई कोर्ट्स (High Courts) की कार्यवाही और सभी कानूनों, विधेयकों, नियमों और अध्यादेशों का आधिकारिक पाठ अंग्रेजी भाषा में होगा, जब तक कि संसद कोई नया कानून न बनाए। राज्यपाल राष्ट्रपति की सहमति से हाई कोर्ट में हिंदी के उपयोग की अनुमति दे सकते हैं।
Official Text
उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयि मि और अधिनियमि, विधेयकि आदि के लिए प्रयोग कि जाने वालि भाषा – (1) इस भाग के पू वर्गामी उपबंधि मि किसी बात के होते हु ए भी, जब तक संसद् विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक – (क) उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय मि सभी कायर्वाहियां अंग्रेजी भाषा मि हगिी, (ख) (i) संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन मि पु रःस्थापित किए जाने वाले सभी विधेयकि या प्रस्तावित किए जाने वाले उनके संशोधनि के, (ii) संसद् या किसी राज्य के विधान-मंडल द्वारा पारित सभी अधिनियमि के और राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल *** द्वारा प्रख्यापित सभी अध्यादेशि के, और (iii) इस संविधान के अधीन अथवा संसद् या किसी राज्य के विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन निकाले गए या बनाए गए सभी आदेशि, नियमि, विनियमि और उपविधियि के, प्राधिकृ त पाठ अंग्रेजी भाषा मि हगिे । (2) खंड (1) के उपखंड (क) मि किसी बात के होते हु ए भी, किसी राज्य का राज्यपाल *** राष्ट्रपति कि पू वर् सहमति से उस उच्च न्यायालय कि कायर्वाहियि मि , िजसका मु ख्य स्थान उस राज्य मि है, हिन्दि भाषा का या उस राज्य के शासकयि प्रयोजनि के लिए प्रयोग होने वालि किसी अन्य भाषा का प्रयोग प्राधि कृ त कर सकेगा : ु सू ची द्वारा (1-11-1956 से) “या राजप्र मु ख” शब्दि का लोप किया गया । परन्तु इस खंड कि कोई बात ऐसे उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए किसी निणर्य, डिक्रि या आदेश को लागू नहीं होगी । (3) खंड (1) के उपखंड (ख) मि किसी बात के होते हु ए भी, जहां किसी राज्य के विधान-मंडल ने, उस विधान-मंडल मि पु रःस्थापित विधेयकि मि या उसके द्वारा पारित अधिनियमि मि अथवा उस राज्य के राज्यपाल *** द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशि मि अथवा उस उपखंड के पैरा (iii) मि निदिर्ष्ट किसी आदेश, नियम, विनियम या उपविधि मि प्रयोग के लिए अंग्रेजी भाषा से भिन्न कोई भाषा विहित कि है वहां उस राज्य के राजपत्र मि उस राज्य के राज्यपाल *** के प्राधिकार से प्रकाशित अंग्रेजी भाषा मि उसका अनु वाद इस अनु च्छेद के अधीन उसका अंग्रेजी भाषा मि प्राधिकृ त पाठ समझा जाएगा ।
Simple Meaning
यह अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और सभी हाई कोर्ट्स (High Courts) की कार्यवाही और सभी कानूनों, विधेयकों, नियमों और अध्यादेशों का आधिकारिक पाठ अंग्रेजी भाषा में होगा, जब तक कि संसद कोई नया कानून न बनाए। राज्यपाल राष्ट्रपति की सहमति से हाई कोर्ट में हिंदी के उपयोग की अनुमति दे सकते हैं।
Explain Like Ten
यह नियम कहता है कि जब तक संसद कोई नया नियम न बनाए, तब तक सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की सारी बातचीत और फैसले अंग्रेजी भाषा में ही लिखे जाएंगे।
Student Mode
अनुच्छेद 348(1) के तहत, जब तक संसद कानून द्वारा अन्यथा उपबंध न करे, तब तक उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियां, तथा संसद व राज्य विधानमंडलों के सभी विधेयक, अधिनियम, अध्यादेश, आदेश, नियम और विनियम अंग्रेजी भाषा में होंगे। अनुच्छेद 348(2) के तहत राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी या राज्य की राजभाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकते हैं, लेकिन यह निर्णय/डिक्री/आदेश पर लागू नहीं होगा।
Example
संसद में पेश होने वाले सभी विधेयकों और सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्णयों का मूल और आधिकारिक पाठ अंग्रेजी में लिखा जाता है, भले ही उनका हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध कराया जाता हो।
Key Takeaway
न्यायपालिका और विधायी मसौदों में अंग्रेजी को आधिकारिक और प्रामाणिक भाषा के रूप में बनाए रखने का प्रावधान।
FAQs
उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की आधिकारिक भाषा क्या निर्धारित की गई है?
संविधान के अनुसार, जब तक संसद अन्यथा कानून न बनाए, न्यायालयों की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी होगी।
क्या उच्च न्यायालयों में हिंदी का प्रयोग किया जा सकता है?
हाँ, राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी या अन्य राजभाषा के प्रयोग की अनुमति दे सकते हैं, परंतु निर्णय अंग्रेजी में ही लिखे जाएंगे।
Quiz
उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की कार्यवाही तथा संसद और विधानमंडलों के विधेयकों की भाषा अंग्रेजी होने का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
Answer: अनुच्छेद 348