Part XVII - Official Language • अनुच्छेद

अनुच्छेद 345 Simplified: राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं

यह अनुच्छेद प्रत्येक राज्य के विधानमंडल को यह अधिकार देता है कि वह कानून बनाकर अपने राज्य के सरकारी कामकाज के लिए किसी भी स्थानीय भाषा को या हिंदी को राज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में अपना सके। जब तक ऐसा नहीं होता, अंग्रेजी का प्रयोग जारी रहेगा।

Official Text

राज्य कि राजभाषा या राजभा षाएं – अनु च्छेद 346 और अनु च्छेद 347 के उपबंधि के अधीन रहते हु ए, किसी राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, उस राज्य मि प्रयोग होने वालि भाषाओं मि से किसी एक या अधिक भाषाओं को या हिन्दि को उस राज्य के सभी या किन्हंि शासकयि प्रयोजनि के लिए प्रयोग कि जाने वालि भाषा या भाषाओं के रूप मि अंगीकार कर सकेगा : परन्तु जब तक राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, अन्यथा उपबंध न करे तब तक राज्य के भीतर उन शासकयि प्रयोजनि के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाता रहेगा िजनके लिए उसका इस संविधान के प्रारंभ से ठकि पहले प्रयोग किया जा रहा था ।

Simple Meaning

यह अनुच्छेद प्रत्येक राज्य के विधानमंडल को यह अधिकार देता है कि वह कानून बनाकर अपने राज्य के सरकारी कामकाज के लिए किसी भी स्थानीय भाषा को या हिंदी को राज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में अपना सके। जब तक ऐसा नहीं होता, अंग्रेजी का प्रयोग जारी रहेगा।

Explain Like Ten

यह नियम हर राज्य की सरकार को यह छूट देता है कि वह अपने राज्य की भाषा (जैसे गुजरात में गुजराती, महाराष्ट्र में मराठी) को सरकारी काम के लिए चुन सके।

Student Mode

अनुच्छेद 345 के अनुसार, किसी राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा उस राज्य में प्रयोग होने वाली भाषाओं में से किसी एक या अधिक भाषाओं को या हिंदी को उस राज्य के सभी या किन्हीं शासकीय प्रयोजनों के लिए राजभाषा के रूप में अपना सकता है। जब तक राज्य का विधानमंडल कानून नहीं बनाता, तब तक अंग्रेजी का प्रयोग उन सभी कार्यों के लिए होता रहेगा जिनके लिए वह पहले हो रहा था।

Example

उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंदी को अपनी मुख्य राजभाषा और उर्दू को दूसरी राजभाषा के रूप में अपनाया है, जबकि गोवा सरकार ने कोंकणी को अपनी राजभाषा घोषित किया है। यह निर्णय इसी अनुच्छेद के तहत लिए गए हैं।

Key Takeaway

राज्यों को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अपनी राजभाषा चुनने का पूरा अधिकार।

FAQs

क्या कोई राज्य हिंदी के अलावा किसी अन्य भाषा को अपनी राजभाषा घोषित कर सकता है?

हाँ, प्रत्येक राज्य के विधानमंडल को अधिकार है कि वह अपने राज्य में बोली जाने वाली किसी भी स्थानीय भाषा को राजभाषा के रूप में अपना सके।

यदि कोई राज्य अपनी राजभाषा तय नहीं करता, तो वहां किस भाषा में काम होगा?

जब तक राज्य सरकार कानून द्वारा राजभाषा तय नहीं करती, तब तक वहां सरकारी कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग जारी रहता है।

Quiz

किसी राज्य के विधानमंडल को अपने राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं चुनने का अधिकार किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त है?

Answer: अनुच्छेद 345

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