Part XVII - Official Language • अनुच्छेद
अनुच्छेद 344 Simplified: राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को राजभाषा आयोग का गठन करने और संसद की एक राजभाषा समिति बनाने का निर्देश देता है। इनका कार्य हिंदी के आधिकारिक उपयोग को बढ़ावा देने और अंग्रेजी के उपयोग को धीरे-धीरे सीमित करने के सुझाव देना है।
Official Text
राजभाषा के संबंध मि आयोग और संसद् कि समिति – (1) राष्ट्रपति, इस संविधान के प्रारंभ से पाँच वषर् कि समािप्त पर और तत्पश्चात ् ऐसे प्रारंभ से दस वषर् कि समािप्त पर, आदेश द्वारा, एक आयोग गठित करेगा जो एक अध्यि और आठवीं अनु सू ची मि विनिदिर्ष्ट विभिन्न भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे अन्य सदस्यि से मिलकर बनेगा िजनको राष्ट्रपति नियु क्त करे और आदेश मि आयोग द्वारा अनु सरण कि जाने वालि प्रक्रिया परिनििश्चत कि जाएगी । (2) आयोग का यह कतर्व्य होगा कि वह राष्ट्रपति को – (क) संघ के शासकयि प्रयोजनि के लिए हिन्दि भाषा के अधिकाधिक प्रयोग, (ख) संघ के सभी या किन्हंि शासकयि प्रयोजनि के लिए अंग्रेजी भाषा के प्रयोग पर निबधिनि, (ग) अनु च्छेद 348 मि उिल्लखित सभी या किन्हंि प्रयोजनि के लिए प्रयोग कि जाने वालि भाषा, 1. सं.आ. 41 देखिए । (घ) संघ के किसी एक या अधिक विनिदिर्ष्ट प्रयोजनि के लिए प्रयोग किए जाने वाले अंकि के रूप, (ङ) संघ कि राजभाषा तथा संघ और किसी राज्य के बीच या एक राज्य और दू सरे राज्य के बीच पत्रादि कि भाषा और उनके प्रयोग के संबंध मि राष्ट्रपति द्वारा आयोग को निदिशित किए गए किसी अन्य विषय, के बारे मि सिफारिश करे । (3) खंड (2) के अधीन अपनी सिफारिशि करने मि , आयोग भारत कि औद्योगिक, सांस्कृ तिक और वैिानिक उन्नति का और लोक सेवाओं के संबंध मि अहिन्दि भाषी िेत्रि के व्यिक्तयि के न्यायसंगत दावि और हिति का सम्यक ् ध्यान रखेगा । (4) एक समिति गठित कि जाएगी जो तीस सदस्यि से मिलकर बनेगी िजनमि से बीस लोक सभा के सदस्य हगिे और दस राज्य सभा के सदस्य हगिे जो क्रमशः लोक सभा के सदस्यि और राज्य सभा के सदस्यि द्वारा आनु पातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनु सार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित हगिे । (5) समिति का यह कतर्व्य होगा कि वह खंड (1) के अधीन गठित आयोग कि सिफारिशि कि परििा करे और राष्ट्रपति को उन पर अपनी राय के बारे मि प्रतिवेदन दे । (6) अनु च्छेद 343 मि किसी बात के होते हु ए भी, राष्ट्रपति खंड (5) मि निदिर्ष्ट प्रतिवेदन पर विचार करने के पश्चात ् उस संपू णर् प्रतिवेदन के या उसके किसी भाग के अनु सार निदेश दे सकेगा ।
Simple Meaning
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को राजभाषा आयोग का गठन करने और संसद की एक राजभाषा समिति बनाने का निर्देश देता है। इनका कार्य हिंदी के आधिकारिक उपयोग को बढ़ावा देने और अंग्रेजी के उपयोग को धीरे-धीरे सीमित करने के सुझाव देना है।
Explain Like Ten
यह नियम सरकार को एक विशेष समिति और आयोग बनाने के लिए कहता है, जिसका काम यह देखना है कि देश के सरकारी कामों में हिंदी भाषा का उपयोग कैसे बढ़ाया जा रहा है।
Student Mode
अनुच्छेद 344 के अनुसार, संविधान के लागू होने के 5 वर्ष बाद और फिर प्रत्येक 10 वर्ष बाद राष्ट्रपति राजभाषा आयोग का गठन करेंगे, जिसमें आठवीं अनुसूची की भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य होंगे। इसके अलावा, 30 सदस्यों वाली एक संसदीय समिति (20 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य) का गठन किया जाता है जो आयोग की सिफारिशों की जांच कर राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपती है।
Example
हिंदी के विकास और सरकारी कामकाज में इसके बढ़ते उपयोग की समीक्षा करने के लिए गठित होने वाली संसदीय समितियां इसी अनुच्छेद के तहत बनाई जाती हैं।
Key Takeaway
राजभाषा हिंदी के विकास की समीक्षा हेतु आयोग और संसदीय समिति के गठन का प्रावधान।
FAQs
राजभाषा के संबंध में संसदीय समिति में कुल कितने सदस्य होते हैं?
इस समिति में कुल 30 सदस्य होते हैं, जिनमें से 20 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से चुने जाते हैं।
राजभाषा आयोग का मुख्य कर्तव्य क्या होता है?
संघ के सरकारी कार्यों में हिंदी भाषा के उत्तरोत्तर प्रयोग को बढ़ाने और अंग्रेजी के प्रयोग को सीमित करने के संबंध में राष्ट्रपति को सिफारिशें देना।
Quiz
राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति के गठन का प्रावधान किस अनुच्छेद में वर्णित है?
Answer: अनुच्छेद 344