Part XVI - Special Provisions for Certain Classes • अनुच्छेद
अनुच्छेद 341 Simplified: अनुसूचित जातियां
अनुच्छेद 341 यह तय करता है कि देश में किन जातियों को अनुसूचित जाति (Scheduled Caste - SC) माना जाएगा। इसके तहत राष्ट्रपति किसी राज्य के राज्यपाल की सलाह से जातियों की एक आधिकारिक सूची जारी करते हैं। इस सूची में किसी नई जाति को जोड़ने या हटाने का अंतिम अधिकार केवल देश की संसद के पास है।
Official Text
अनु सू चित जातियां–(1) राष्ट्रपति, [किसी राज्य [या संघ राज्यिेत्र] के संबंध मि और जहां वह *** राज्य है वहां उसके राज्यपाल *** से परामशर् करने के पश्चात ् ] लोक अधिसू चना द्वारा, उन जातियि, मू लवंशि या जनजातियि, अथवा जातियि, मू लवंशि या जनजातियि के भागि या उनमि के यू थि को विनिदिर्ष्ट कर सकेगा, िजन्हि इस संविधान के प्रयोजनि के लिए [यथािस्थति,] उस राज्य [या संघ राज्यिेत्र] के संबंध मि अनु सू चित जातियां समझा जाएगा । (2) संसद्, विधि द्वारा, किसी जाति, मू लवंश या जनजाति को अथवा जाति, मू लवंश या जनजाति के भाग या उसमि के यू थ को खंड (1) के अधीन निकालि गई अधिसू चना मि विनिदिर्ष्ट अनु सू चित जातियि कि सू ची मि सिम्मलित कर सकेगी या उसमि से अपविजर्त कर सकेगी, किन्तु जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय उक्त खंड के अधीन निकालि गई अधिसू चना मि किसी पश्चातवति अधिसू चना द्वारा परिवतर्न नहीं किया जाएगा । राजप्रमु ख से परामशर् करने के पश्चात ् ” के स्थान पर प्रतिस्थापित । ु सू ची द्वारा (1-11-1956 से) अंतःस्थापित । ु सू ची द्वारा (1-11-1956 से) “पहलि अनु सू ची के भाग क या भाग ख मि विनिदिर्ष्ट” शब्दि और अरिि का लोप किया गया । ु सू ची द्वारा (1-11-1956 से) “या राजप्रमु ख” शब्दि का लोप किया गया । ु सू चित जातियां) आदेश, 1950 (सं.आ. 19), संविधान (अनु सू चित जातियां) (संघ राज्यिेत्र) आदेश, 1951 (सं.आ. 32), संविधान (जम्मू -कश्मीर) अनु सू चित जातियां आदेश, 1956 (सं.आ. 52), संविधान (दादरा और नागर हवेलि) अनु सू चित जातियां आदेश, 1962 (सं.आ. 64). संविधान (पांडिचेरि) अनु सू चित जातियां आदे श, 1964 (सं.आ. 68), संविधान (गोवा, दमण और दवि) अनु सू चित जातियां आदेश, 1968 (सं.आ. 81) और संविधान (सि िक्कम) अनु सू चित जातियां आदेश, 1978 (सं.आ. 110) देखिए ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 341 यह तय करता है कि देश में किन जातियों को अनुसूचित जाति (Scheduled Caste - SC) माना जाएगा। इसके तहत राष्ट्रपति किसी राज्य के राज्यपाल की सलाह से जातियों की एक आधिकारिक सूची जारी करते हैं। इस सूची में किसी नई जाति को जोड़ने या हटाने का अंतिम अधिकार केवल देश की संसद के पास है।
Explain Like Ten
यह नियम बताता है कि किन जातियों को अनुसूचित जाति (SC) कहा जाएगा। इसके लिए राष्ट्रपति एक लिस्ट बनाते हैं और केवल संसद ही उस लिस्ट में नए नाम जोड़ या हटा सकती है।
Student Mode
अनुच्छेद 341 अनुसूचित जातियों (SC) की परिभाषा और पहचान की प्रक्रिया तय करता है। खंड (1) के तहत राष्ट्रपति राज्यपाल की सलाह से अधिसूचना जारी कर जातियों को अनुसूचित जाति घोषित करते हैं। खंड (2) स्पष्ट करता है कि राष्ट्रपति की इस सूची में किसी भी जाति को शामिल करने (Include) या बाहर करने (Exclude) का अधिकार केवल संसद को है, न कि राष्ट्रपति या राज्य सरकारों को।
Example
यदि उत्तर प्रदेश में किसी विशिष्ट समुदाय को एससी (SC) सूची में शामिल करना हो, तो राज्य सरकार सिफारिश करेगी, राष्ट्रपति अधिसूचना जारी करेंगे, और संसद कानून बनाकर उसे आधिकारिक रूप से जोड़ देगी।
Key Takeaway
अनुच्छेद 341 अनुसूचित जातियों की पहचान करने और उनकी आधिकारिक सूची तैयार करने की संवैधानिक प्रक्रिया निर्धारित करता है।
FAQs
क्या कोई राज्य सरकार किसी जाति को अनुसूचित जाति (SC) घोषित कर सकती है?
नहीं, राज्य सरकार केवल सिफारिश कर सकती है। अंतिम रूप से घोषित करने का अधिकार केवल संसद को है।
अनुसूचित जाति की सूची में बदलाव की प्रक्रिया क्या है?
राष्ट्रपति की अधिसूचना के बाद केवल संसद ही कानून पारित करके इस सूची में संशोधन कर सकती है।
Quiz
अनुसूचित जातियों की सूची में किसी नई जाति को जोड़ने या हटाने का अधिकार किसे है?
Answer: संसद को