Part XVI - Special Provisions for Certain Classes • अनुच्छेद

अनुच्छेद 338क Simplified: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

अनुच्छेद 338क राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की स्थापना करता है। इसका काम अनुसूचित जनजातियों (ST यानी आदिवासियों) के अधिकारों, उनकी विशिष्ट संस्कृति, जंगलों और जमीनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा करना है। यह उनके विकास की योजनाओं में सलाह भी देता है।

Official Text

(1) अनुसूचित जनजातियों के लिए एक आयोग होगा जो राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के नाम से ज्ञात होगा। (2) संसद द्वारा इस निमित्त बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, आयोग एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्यों से मिलकर बनेगा और नियुक्त किए गए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों की सेवा की शर्तें और पदावधि ऐसी होगी जो राष्ट्रपति नियम द्वारा निर्धारित करे। (3) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करेगा। (4) आयोग को अपनी प्रक्रिया स्वयं विनियमित करने की शक्ति होगी। (5) आयोग का यह कर्तव्य होगा कि वह अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों की जाँच और निगरानी करे तथा उनके विकास का मूल्यांकन करे।

Simple Meaning

अनुच्छेद 338क राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की स्थापना करता है। इसका काम अनुसूचित जनजातियों (ST यानी आदिवासियों) के अधिकारों, उनकी विशिष्ट संस्कृति, जंगलों और जमीनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा करना है। यह उनके विकास की योजनाओं में सलाह भी देता है।

Explain Like Ten

यह नियम आदिवासियों (अनुसूचित जनजातियों) के लिए एक विशेष टीम बनाता है जो उनकी अनोखी भाषा, संस्कृति और जंगलों की रक्षा करने में मदद करती है।

Student Mode

89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को विभाजित कर अनुच्छेद 338क के तहत पृथक 'राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग' (NCST) का गठन किया गया। इसे अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, विकास और अधिकारों के उल्लंघन की जाँच के लिए सिविल कोर्ट की शक्तियाँ प्रदान की गई हैं।

Example

यदि किसी विकास परियोजना (जैसे बांध या फैक्टरी) के कारण आदिवासियों को उनकी ज़मीन से जबरन बेदखल किया जा रहा हो, तो यह आयोग उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।

Key Takeaway

अनुच्छेद 338क अनुसूचित जनजातियों के सांस्कृतिक व संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक विशेष राष्ट्रीय आयोग बनाता है।

FAQs

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) कब अस्तित्व में आया?

यह 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के माध्यम से वर्ष 2004 में एक पृथक आयोग के रूप में अस्तित्व में आया।

NCST के प्रमुख कार्य क्या हैं?

अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों के हनन की जाँच करना, उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में भाग लेना और राष्ट्रपति को उनके संरक्षण पर वार्षिक रिपोर्ट देना।

Quiz

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?

Answer: अनुच्छेद 338क

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