Part XVI - Special Provisions for Certain Classes • अनुच्छेद

अनुच्छेद 333 Simplified: राज्यों की विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व

यह अनुच्छेद राज्यों के राज्यपाल को यह शक्ति देता था कि वे राज्य विधानसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के एक सदस्य को नामांकित कर सकें, यदि वे पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व न पा सके हों। यह प्रावधान भी 104वें संशोधन द्वारा समाप्त हो गया है।

Official Text

राज्यि कि विधान सभाओं मि आंग्ल-भारतीय समु दाय का प्रतिनिधित्व– अनु च्छेद 170 मि किसी बात के होते हु ए भी, यदि किसी राज्य के राज्यपाल *** कि यह राय है कि उस राज्य कि विधान सभा मि आंग्ल-भारतीय समु दाय का प्रतिनिधित्व आवश्यक है और उसमि उसका प्रतिनिधित्व पयार्प्त नहीं है तो वह उस विधान सभा मि [उस समु दाय का एक सदस्य नामनिदिशित कर सकेगा] । प्रतिस्थापित । 3. पू विरि िेत्र (पु नगर्ठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) कि धारा 71 द्वारा ( 21- 1-1972 से) कु छ शब्दि का लोप किया गया । ु सू ची द्वारा (1-11- 1956 से) “या राजप्रमु ख” शब्दि का लोप किया गया । ि उस समु दाय के िजतने सदस्य वह समु चित समझे नामनिदिशित कर सकेगा” के स्थान पर प्रतिस्थापित । ु छ वगि के संबंध मि विशेष उपबंध)

Simple Meaning

यह अनुच्छेद राज्यों के राज्यपाल को यह शक्ति देता था कि वे राज्य विधानसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के एक सदस्य को नामांकित कर सकें, यदि वे पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व न पा सके हों। यह प्रावधान भी 104वें संशोधन द्वारा समाप्त हो गया है।

Explain Like Ten

यह पुराना नियम राज्यों के राज्यपाल को यह शक्ति देता था कि वे राज्य की विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के एक सदस्य को खुद चुन सकें, लेकिन अब यह नियम बंद हो चुका है।

Student Mode

अनुच्छेद 333 के अनुसार, अनुच्छेद 170 में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी राज्य के राज्यपाल की यह राय थी कि आंग्ल-भारतीय समुदाय को प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है, तो वे विधानसभा में उस समुदाय के एक सदस्य को नामनिर्देशित कर सकते थे। 104वें संशोधन (2019) द्वारा इसे समाप्त कर दिया गया।

Example

यदि किसी राज्य में चुनाव के बाद एंग्लो-इंडियन समुदाय का कोई सदस्य विधानसभा में नहीं पहुंचता था, तो राज्यपाल एक सदस्य को मनोनीत करते थे, जो प्रथा अब समाप्त हो चुकी है।

Key Takeaway

राज्य विधानसभाओं में राज्यपाल द्वारा एंग्लो-इंडियन के नामांकन की शक्ति जो अब समाप्त हो चुकी है।

FAQs

राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय सदस्य को नामांकित करने का अधिकार किसे था?

राज्य के राज्यपाल को विधानसभा में एक आंग्ल-भारतीय सदस्य को नामांकित करने का अधिकार प्राप्त था।

यह नामांकन व्यवस्था कब और किस संशोधन द्वारा समाप्त हुई?

इसे 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा 25 जनवरी 2020 से प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया गया।

Quiz

राज्य विधानसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए राज्यपाल को नामांकन की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत दी गई थी?

Answer: अनुच्छेद 333

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