Part XVI - Special Provisions for Certain Classes • अनुच्छेद
अनुच्छेद 331 Simplified: लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के दो सदस्यों को नामांकित करने का अधिकार देता था यदि उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिला हो। वर्तमान में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।
Official Text
लोक सभा मि आंग्ल-भारतीय समु दाय का प्रतिनिधित्व–अनु च्छेद 81 मि किसी बात के होते हु ए भी, यदि राष्ट्रपति कि यह राय है कि लोक सभा मि आंग्ल- भारतीय समु दाय का प्रतिनिधित्व पयार्प्त नहीं है तो वह लोक सभा मि उस समु दाय के दो से अनधिक सदस्य नामनिदिशित कर सकेगा ।
Simple Meaning
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के दो सदस्यों को नामांकित करने का अधिकार देता था यदि उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिला हो। वर्तमान में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।
Explain Like Ten
यह पुराना नियम राष्ट्रपति जी को संसद में एंग्लो-इंडियन समुदाय के दो लोगों को खुद चुनने की शक्ति देता था, लेकिन अब इस नियम को खत्म कर दिया गया है।
Student Mode
अनुच्छेद 331 के अनुसार, अनुच्छेद 81 में किसी बात के होते हुए भी, यदि राष्ट्रपति की राय में लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं था, तो वे उस समुदाय के अधिकतम दो सदस्यों को नामनिर्देशित कर सकते थे। इसे 104वें संशोधन (2019) द्वारा आगे नहीं बढ़ाया गया।
Example
यदि राष्ट्रपति को लगता था कि लोकसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय का कोई सदस्य चुनाव जीतकर नहीं आया है, तो वे दो सदस्यों को मनोनीत कर सकते थे, जो अब बंद हो चुका है।
Key Takeaway
आंग्ल-भारतीय समुदाय के लिए नामांकन की व्यवस्था जो अब 104वें संशोधन द्वारा समाप्त हो चुकी है।
FAQs
लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के कितने सदस्यों को नामांकित किया जा सकता था?
राष्ट्रपति द्वारा अधिकतम दो सदस्यों को नामांकित करने की व्यवस्था थी।
क्या आंग्ल-भारतीय नामांकन की व्यवस्था अभी भी लागू है?
नहीं, 104वें संविधान संशोधन (2019) के बाद 25 जनवरी 2020 से आंग्ल-भारतीयों के नामांकन की व्यवस्था समाप्त हो गई है।
Quiz
लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए नामांकन का अधिकार राष्ट्रपति को किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त था?
Answer: अनुच्छेद 331