Part XV - Elections • अनुच्छेद
अनुच्छेद 328 Simplified: किसी राज्य के विधान-मंडल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की उस विधान-मंडल की शक्ति
अनुच्छेद 328 राज्यों के विधान-मंडलों को यह शक्ति देता है कि वे अपने राज्य के विधानसभा और विधान परिषद के चुनावों से संबंधित उन सभी विषयों पर कानून बना सकें, जिन पर संसद ने अब तक कोई कानून नहीं बनाया है। यानी यह राज्य चुनावों के लिए पूरक कानून बनाने की राज्य की शक्ति है।
Official Text
किसी राज्य के विधान-मंडल के लिए निर्वाचनि के संबंध मि उपबंध करने कि उस विधान-मंडल कि शिक्त–इस संविधान के उपबंधि के अधीन रहते हु ए और जहां तक संसद् इस निमिि उपबंध नहीं करती है वहां तक, किसी राज्य का विधान-मंडल समय-समय पर, विधि द्वारा, उस राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए निर्वाचनि से संबंधित या संसक्त सभी विषयि के संबंध मि , िजनके अंतगर्त निवार्चक-नामावलि तैयार कराना और ऐसे सदन या सदनि का सम्यक ् गठन सु नििश्चत करने के लिए अन्य सभी आवश्यक विषय हि , उपबंध कर सकेगा ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 328 राज्यों के विधान-मंडलों को यह शक्ति देता है कि वे अपने राज्य के विधानसभा और विधान परिषद के चुनावों से संबंधित उन सभी विषयों पर कानून बना सकें, जिन पर संसद ने अब तक कोई कानून नहीं बनाया है। यानी यह राज्य चुनावों के लिए पूरक कानून बनाने की राज्य की शक्ति है।
Explain Like Ten
यह नियम राज्य की सरकारों (विधानसभा) को अपने खुद के राज्यों के चुनाव के लिए छोटे नियम बनाने की इजाजत देता है, लेकिन वे ऐसा तभी कर सकते हैं जब देश की बड़ी संसद ने उस विषय पर पहले से कोई नियम न बनाया हो।
Student Mode
यह अनुच्छेद राज्यों के विधान-मंडलों को उनके स्वयं के चुनावों के संबंध में कानून बनाने की अवशिष्ट या पूरक शक्ति (Residual or Supplementary Power) प्रदान करता है। हालांकि, यह शक्ति संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अधीन और केवल उन क्षेत्रों तक सीमित है जो संसद के कानून द्वारा कवर नहीं किए गए हैं।
Example
यदि राज्य में स्थानीय चुनाव व्यवस्था या राज्य विधानसभा चुनाव के किसी विशिष्ट पहलू पर संसद का कानून मौन है, तो राज्य सरकार विधानसभा में कानून पास करके उस कमी को पूरा कर सकती है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 328 राज्यों को अपने विधान-मंडलों के चुनावों के संबंध में नियम बनाने की सीमित व पूरक विधायी शक्ति देता है।
FAQs
क्या राज्य विधानमंडल संसद के चुनाव कानून को बदल सकता है?
नहीं, राज्य विधानमंडल केवल संसद के कानूनों के अधीन और पूरक रूप में ही नियम बना सकता है। संसद का कानून हमेशा राज्य के कानून पर हावी रहेगा।
राज्य विधानमंडल की चुनाव संबंधी शक्ति किन विषयों तक सीमित है?
यह मतदाता सूची की तैयारी और राज्य विधानमंडल के गठन से जुड़े उन मामलों तक सीमित है जिन पर संसद का कानून उपलब्ध नहीं है।
Quiz
राज्य विधानमंडल को अपने चुनावों के संबंध में पूरक कानून बनाने की शक्ति कौन सा अनुच्छेद प्रदान करता है?
Answer: अनुच्छेद 328
यदि चुनाव नियमों के संबंध में संसद और राज्य विधानमंडल के कानूनों में टकराव होता है, तो किसका कानून मान्य होगा?
Answer: संसद का