Part XIV & XIVA - Services and Tribunals • अनुच्छेद
अनुच्छेद 321 Simplified: लोक सेवा आयोगों के कार्यों का विस्तार करने की शक्ति
अनुच्छेद 321 संसद या राज्य विधानमंडलों को यह अधिकार देता है कि वे कानून बनाकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के कार्यों का विस्तार कर सकते हैं। इसके तहत इन आयोगों को स्थानीय निकायों (जैसे नगर निगम), वैधानिक निगमों या सार्वजनिक संस्थानों की भर्ती का कार्य भी सौंपा जा सकता है।
Official Text
लोक सेवा आयोगि के कृ त्यि का विस्तार करने कि शिक्त – यथािस्थति, संसद् द्वारा या किसी राज्य के विधान-मंडल द्वारा बनाया गया कोई अधिनियम संघ लोक सेवा आयोग या राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा संघ कि या राज्य कि सेवाओं के संबंध मि और किसी स्थानीय प्राधिकारि या विधि द्वारा गठित अन्य निगमित निकाय या किसी लोक संस्था कि सेवाओं के संबंध मि भी अतिरिक्त कृ त्यि के प्रयोग के लिए उपबंध कर सकेगा ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 321 संसद या राज्य विधानमंडलों को यह अधिकार देता है कि वे कानून बनाकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के कार्यों का विस्तार कर सकते हैं। इसके तहत इन आयोगों को स्थानीय निकायों (जैसे नगर निगम), वैधानिक निगमों या सार्वजनिक संस्थानों की भर्ती का कार्य भी सौंपा जा सकता है।
Explain Like Ten
यह नियम कहता है कि अगर देश की संसद या राज्य की सरकार चाहे, तो वे एक नया कानून बनाकर भर्ती करने वाली टीम (UPSC) को और भी अधिक काम सौंप सकते हैं, जैसे नगर निगम या अन्य सरकारी बैंकों के कर्मचारियों को चुनना।
Student Mode
यह अनुच्छेद आयोगों के कार्यों के विस्तार का कानूनी तंत्र है। इसके अनुसार, संसद (UPSC के लिए) या राज्य विधानमंडल (SPSC के लिए) अधिनियम पारित करके लोक सेवा आयोगों को स्थानीय प्राधिकारियों, कानून द्वारा गठित निगमों या सार्वजनिक संस्थाओं की सेवाओं के संबंध में अतिरिक्त कार्य सौंप सकते हैं।
Example
संसद ने एक कानून पारित किया जिसके तहत दिल्ली नगर निगम (MCD) के ग्रुप-ए अधिकारियों की भर्ती की जिम्मेदारी UPSC को सौंप दी गई। यह कार्य विस्तार अनुच्छेद 321 के तहत ही संभव हुआ।
Key Takeaway
अनुच्छेद 321 विधायिका को लोक सेवा आयोगों की विशेषज्ञता का उपयोग अन्य सार्वजनिक संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए करने की शक्ति देता है।
FAQs
UPSC के कार्यों का विस्तार कौन कर सकता है?
UPSC के कार्यों का विस्तार केवल भारत की संसद कानून बनाकर कर सकती है।
क्या राज्य विधानमंडल अपने राज्य लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार कर सकता है?
हाँ, राज्य विधानमंडल कानून बनाकर राज्य लोक सेवा आयोग को स्थानीय निकायों या राज्य संचालित निगमों के लिए भर्ती करने का अतिरिक्त कार्य दे सकता है।
Quiz
लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार करने का अधिकार किसे प्राप्त है?
Answer: संबंधित विधायिका (संसद या राज्य विधानमंडल) को
अनुच्छेद 321 के तहत किस प्रकार की संस्थाओं की भर्ती का कार्य लोक सेवा आयोग को सौंपा जा सकता है?
Answer: स्थानीय प्राधिकारियों, वैधानिक निगमों और लोक संस्थाओं की