Part XIV & XIVA - Services and Tribunals • अनुच्छेद

अनुच्छेद 315 Simplified: संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग

अनुच्छेद 315 देश में निष्पक्ष और योग्यता-आधारित भर्ती के लिए लोक सेवा आयोगों की स्थापना करता है। इसके तहत केंद्र के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), प्रत्येक राज्य के लिए राज्य लोक सेवा आयोग (जैसे UPPSC, BPSC), और दो या अधिक राज्यों के लिए एक संयुक्त लोक सेवा आयोग (JPSC) का गठन किया जा सकता है।

Official Text

संघ और राज्यि के लिए लोक सेवा आयोग – (1) इस अनु च्छेद के उपबंधि के अधीन रहते हु ए, संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग होगा । (2) दो या अधिक राज्य यह करार कर सकि गे कि राज्यि के उस समू ह के लिए एक हि लोक सेवा आयोग होगा और यदि इस आशय का संकल्प उन राज्यि मि से प्रत्येक राज्य के विधान-मंडल के सदन द्वारा या जहां दो सदन हि वहां प्रत्येक सदन द्वारा पारित कर दिया जाता है तो संसद् उन राज्यि कि आवश्यकताओं कि पू तिर् करने के लिए विधि द्वारा संयु क्त राज्य लोक सेवा आयोग कि (िजसे इस अध्याय मि “संयु क्त आयोग” कहा गया है) नियु िक्त का उपबंध कर सकेगी । (3) पू वकि्त प्रकार कि किसी विधि मि ऐसे आनु षंगिक और पारिणामिक उपबंध हो सकि गे जो उस विधि के प्रयोजनि को प्रभावी करने के लिए आवश्यक या वांछनीय हि । (4) यदि किसी राज्य का राज्यपाल *** संघ लोक सेवा आयोग से ऐसा करने का अनु रोध करता है तो वह राष्ट्रपति के अनु मोदन से उस राज्य कि सभी या किन्हंि आवश्यकताओं कि पू तिर् करने के लिए सहमत हो सकेगा । (5) इस संविधान मि , जब तक कि संदभर् से अन्यथा अपेिति न हो संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के प्रति निदशिि का यह अथर् लगाया जाएगा कि वे ऐसे आयोग के प्रति निदशि हि जो प्रश्नगत किसी विशिष्ट विषय के संबंध मि , यथािस्थति, संघ कि या राज्य कि आवश्यकताओं कि पू तिर् करता है ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 315 देश में निष्पक्ष और योग्यता-आधारित भर्ती के लिए लोक सेवा आयोगों की स्थापना करता है। इसके तहत केंद्र के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), प्रत्येक राज्य के लिए राज्य लोक सेवा आयोग (जैसे UPPSC, BPSC), और दो या अधिक राज्यों के लिए एक संयुक्त लोक सेवा आयोग (JPSC) का गठन किया जा सकता है।

Explain Like Ten

यह नियम देश में बड़े सरकारी अधिकारियों (जैसे कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर) को चुनने के लिए विशेष टीमें बनाता है। केंद्र सरकार के लिए यह टीम UPSC है, और राज्यों के लिए उनके अपने लोक सेवा आयोग होते हैं।

Student Mode

यह अनुच्छेद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) की स्थापना का संवैधानिक आधार है। खंड (2) के तहत, संसद दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) की स्थापना कर सकती है। यह भारतीय प्रशासनिक संरचना में योग्यता प्रणाली (Merit System) का रक्षक है।

Example

यदि आप पूरे देश के लिए आईएएस (IAS) या आईपीएस (IPS) बनना चाहते हैं, तो आप UPSC की परीक्षा देते हैं। वहीं यदि आप राज्य में डिप्टी कलेक्टर बनना चाहते हैं, तो आप अपने राज्य के लोक सेवा आयोग (SPSC) की परीक्षा देते हैं।

Key Takeaway

अनुच्छेद 315 देश और राज्यों के प्रशासनिक तंत्र को सुचारू और योग्यता-आधारित रूप से चलाने के लिए स्वायत्त भर्ती निकायों की स्थापना की गारंटी देता है।

FAQs

क्या दो राज्य मिलकर एक ही लोक सेवा आयोग रख सकते हैं?

हाँ, अनुच्छेद 315(2) के तहत यदि दोनों राज्यों के विधानमंडल संकल्प पारित करें, तो संसद कानून बनाकर उनके लिए एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) का गठन कर सकती है।

क्या राज्यपाल UPSC से राज्य की आवश्यकताओं को पूरा करने का अनुरोध कर सकते हैं?

हाँ, राज्यपाल के अनुरोध पर और राष्ट्रपति की मंजूरी से, UPSC किसी राज्य के लिए भी भर्ती और परामर्श का कार्य कर सकता है।

Quiz

अनुच्छेद 315 के तहत केंद्र सरकार के स्तर पर भर्ती करने वाले आयोग का नाम क्या है?

Answer: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)

दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त लोक सेवा आयोग (JSPSC) का गठन कौन कर सकता है?

Answer: संसद, कानून द्वारा

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