Part XII - Finance & Property • अनुच्छेद
अनुच्छेद 299 Simplified: संविदाएं
अनुच्छेद 299 सरकारी अनुबंधों (सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स) को साइन करने के कड़े नियम तय करता है। जब भी सरकार (केंद्र या राज्य) किसी काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट करती है, तो वह कॉन्ट्रैक्ट लिखित में होना चाहिए और वह केंद्र में 'भारत के राष्ट्रपति' और राज्यों में 'राज्य के राज्यपाल' के नाम पर ही किया जाना चाहिए। साथ ही, इस पर केवल वही अधिकारी साइन कर सकता है जिसे राष्ट्रपति या राज्यपाल ने अधिकृत किया हो। इस नियम के तहत राष्ट्रपति, राज्यपाल या साइन करने वाले अधिकारी व्यक्तिगत रूप से किसी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होते।
Official Text
संविदाएं – (1) संघ कि या राज्य कि कार्यपालिका शिक्त का प्रयोग करते हु ए कि गई सभी संविदाएं, यथािस्थति, राष्ट्रपति द्वारा या उस राज्य के राज्यपाल *** द्वारा कि गई कहि जाएंगी और वे सभी संविदाएं और संपिि संबंधी हस्तांतरण-पत्र, जो उस शिक्त का प्रयोग करते हु ए किए जाएं, राष्ट्रपति या राज्यपाल *** कि ओर से ऐसे व्यिक्तयि द्वारा और रीति से निष्पादित किए जाएंगे िजसे वह निदिर्ष्ट या प्राधिकृ त करे । (2) राष्ट्रपति या किसी राज्य का राज्यपाल *** इस संविधान के प्रयोजनि के लिए या भारत सरकार के संबंध मि इससे पू वर् प्रवृ ि किसी अधिनियमिति के प्रयोजनि के लिए कि गई या निष्पादित कि गई किसी संविदा या हस्तांतरण-पत्र के संबंध मि वैयिक्तक रूप से दायी नहीं होगा या उनमि से किसी कि ओर से ऐसी संविदा या हस्तांतरण -पत्र करने या निष्पादित करने वाला व्यिक्त उसके संबंध मि वैयिक्तक रूप से दायी नहीं होगा ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 299 सरकारी अनुबंधों (सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स) को साइन करने के कड़े नियम तय करता है। जब भी सरकार (केंद्र या राज्य) किसी काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट करती है, तो वह कॉन्ट्रैक्ट लिखित में होना चाहिए और वह केंद्र में 'भारत के राष्ट्रपति' और राज्यों में 'राज्य के राज्यपाल' के नाम पर ही किया जाना चाहिए। साथ ही, इस पर केवल वही अधिकारी साइन कर सकता है जिसे राष्ट्रपति या राज्यपाल ने अधिकृत किया हो। इस नियम के तहत राष्ट्रपति, राज्यपाल या साइन करने वाले अधिकारी व्यक्तिगत रूप से किसी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होते।
Explain Like Ten
यह नियम सरकार द्वारा ठेकेदारों के साथ किए जाने वाले समझौतों (कॉन्ट्रैक्ट) के बारे में है। नियम कहता है कि सरकारी समझौते हमेशा लिखित में होने चाहिए और केंद्र में राष्ट्रपति के नाम पर तथा राज्यों में राज्यपाल के नाम पर ही किए जाने चाहिए। साथ ही, यदि समझौते में कोई गड़बड़ी होती है, तो राष्ट्रपति या राज्यपाल को व्यक्तिगत रूप से सजा नहीं दी जा सकती या उनके पैसे नहीं काटे जा सकते, क्योंकि वे देश की भलाई के लिए सरकारी काम कर रहे थे।
Student Mode
अनुच्छेद 299 सरकारी संविदाओं की औपचारिकता और वैधता (Formality and Validity of Government Contracts) को निर्धारित करता है। वैध सरकारी संविदा के लिए तीन शर्तें अनिवार्य हैं: (1) संविदा लिखित होनी चाहिए, (2) यह स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति या राज्यपाल के नाम पर व्यक्त होनी चाहिए, और (3) इसे केवल राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (Authorized Officer) द्वारा ही निष्पादित किया जाना चाहिए। खंड (2) राष्ट्रपति, राज्यपाल और अधिकृत अधिकारियों को संविदा से उत्पन्न होने वाली व्यक्तिगत देनदारी से पूर्ण उन्मुक्ति (Personal Immunity) प्रदान करता है।
Example
जब सरकार किसी कंपनी को सड़क बनाने का ठेका देती है, तो कॉन्ट्रैक्ट पेपर पर लिखा जाता है: 'यह अनुबंध सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति और ठेकेदार कंपनी के बीच किया गया है।' यदि काम में कोई विवाद होता है, तो ठेकेदार राष्ट्रपति पर व्यक्तिगत मुकदमा नहीं चला सकता; उसे केवल सरकार के संबंधित विभाग पर मुकदमा करना होगा।
Key Takeaway
सभी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट लिखित रूप में होने चाहिए और राष्ट्रपति या राज्यपाल के नाम पर अधिकृत अधिकारियों द्वारा ही किए जाने चाहिए, जिससे वे व्यक्तिगत देनदारी से सुरक्षित रहें।
FAQs
सरकारी कॉन्ट्रैक्ट किसके नाम पर किए जाते हैं?
केंद्र सरकार के कॉन्ट्रैक्ट राष्ट्रपति (President) के नाम पर और राज्य सरकार के कॉन्ट्रैक्ट राज्यपाल (Governor) के नाम पर किए जाते हैं।
क्या सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मौखिक रूप से हो सकते हैं?
नहीं, अनुच्छेद 299 के तहत सरकारी संविदाओं का लिखित होना और अधिकृत अधिकारी द्वारा निष्पादित किया जाना अनिवार्य है, मौखिक संविदाएं वैध नहीं होतीं।
Quiz
अनुच्छेद 299 के अनुसार, राज्यों की ओर से किए जाने वाले सभी सरकारी अनुबंध (संविदाएं) किसके नाम पर व्यक्त किए जाने चाहिए?
Answer: राज्य के राज्यपाल के नाम पर
यदि किसी अधिकृत सरकारी अधिकारी ने राष्ट्रपति के नाम पर कोई संविदा निष्पादित की है, तो क्या वह अधिकारी किसी विवाद में व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा?
Answer: नहीं, उसे व्यक्तिगत देनदारी से पूर्ण उन्मुक्ति प्राप्त है