Part XII - Finance & Property • अनुच्छेद

अनुच्छेद 298 Simplified: व्यापार करने आदि की शक्ति

अनुच्छेद 298 केंद्र और राज्य सरकारों को एक व्यापारिक कंपनी की तरह काम करने की शक्ति देता है। इसके तहत सरकारें कोई भी व्यापार या बिजनेस चला सकती हैं, जमीन या संपत्ति खरीद और बेच सकती हैं, और किसी भी काम के लिए अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) साइन कर सकती हैं। हालांकि, यदि केंद्र सरकार किसी राज्य में ऐसा बिजनेस करती है जो उसके सामान्य विधायी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, तो उसे उस राज्य के स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा; और यही नियम राज्यों के लिए भी लागू होता है।

Official Text

[298. व्यापार करने आदि कि शिक्त – संघ कि और प्रत्येक राज्य कि कार्यपालिका शिक्त का विस्तार, व्यापार या कारबार करने और किसी प्रयोजन के लिए संपिि का अजर्न, धारण और व्ययन तथा संविदा करने पर, भी होगा : परंतु – (क) जहां तक ऐसा व्यापार या कारबार या ऐसा प्रयोजन वह नहीं है िजसके संबंध मि संसद् विधि बना सकती है वहां तक संघ कि उक्त कार्यपालिका शिक्त प्रत्येक राज्य मि उस राज्य के विधान के अधीन होगी ; और (ख) जहां तक ऐसा व्यापार या कारबार या ऐसा प्रयोजन वह नहीं है िजसके संबंध मि राज्य का विधान-मंडल विधि बना सकता है वहां तक प्रत्येक राज्य कि उक्त कार्यपालिका शिक्त संसद् के विधान के अधीन होगी ।]

Simple Meaning

अनुच्छेद 298 केंद्र और राज्य सरकारों को एक व्यापारिक कंपनी की तरह काम करने की शक्ति देता है। इसके तहत सरकारें कोई भी व्यापार या बिजनेस चला सकती हैं, जमीन या संपत्ति खरीद और बेच सकती हैं, और किसी भी काम के लिए अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) साइन कर सकती हैं। हालांकि, यदि केंद्र सरकार किसी राज्य में ऐसा बिजनेस करती है जो उसके सामान्य विधायी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, तो उसे उस राज्य के स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा; और यही नियम राज्यों के लिए भी लागू होता है।

Explain Like Ten

यह नियम सरकार को एक कारोबारी (बिजनेसमैन) की तरह काम करने की छूट देता है। सरकार अपने देश के लोगों की मदद के लिए बसें चला सकती है, कारखाने खोल सकती है, जमीन खरीद सकती है और ठेकेदारों के साथ समझौते (कॉन्ट्रैक्ट) कर सकती है। बस शर्त यह है कि उन्हें काम करते समय नियमों और कानूनों का पालन करना होगा।

Student Mode

अनुच्छेद 298 सरकारों की व्यावसायिक व संविदात्मक क्षमता (Commercial and Contractual Capacity of Governments) का संवैधानिक आधार है। यह संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति (Executive Power) का विस्तार किसी भी व्यापार या व्यवसाय को करने, संपत्ति का स्वामित्व रखने या उसे बेचने तथा संविदा (Contracts) करने की अनुमति देता है। यह शक्ति विधायिका के सामान्य क्षेत्राधिकार से स्वतंत्र है, परंतु सह-अस्तित्व बनाए रखने के लिए परंतुक (a) और (b) के तहत यह दूसरे स्तर की विधायिका के कानूनों के अधीन हो सकती है।

Example

केंद्र सरकार द्वारा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) जैसी व्यावसायिक कंपनी चलाना, या भूमि खरीदकर रेलवे लाइन बिछाना इसी शक्ति के तहत आता है। इसी प्रकार, राज्य सरकारें सरकारी बस सेवाएं चला सकती हैं, पुरानी सरकारी गाड़ियां बेच सकती हैं या राज्य की लॉटरी का संचालन कर सकती हैं।

Key Takeaway

केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के पास संपत्ति खरीदने-बेचने, व्यवसाय या व्यापार करने और कानूनी अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) करने की पूरी कार्यपालिका शक्ति है।

FAQs

क्या सरकारें सामान्य व्यापारिक कंपनियों की तरह बिजनेस और कॉन्ट्रैक्ट कर सकती हैं?

हाँ, अनुच्छेद 298 केंद्र और राज्यों को व्यापार करने, संपत्ति का सौदा करने और संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) करने की पूरी शक्ति देता है।

यदि केंद्र सरकार किसी राज्य में ऐसा व्यवसाय चलाती है जो राज्य सूची (State List) का विषय है, तो क्या उसे राज्य के नियमों का पालन करना होगा?

हाँ, परंतुक (क) के अनुसार केंद्र सरकार को उस राज्य के स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा।

Quiz

अनुच्छेद 298 के अनुसार, सरकारों की कार्यपालिका शक्ति में निम्नलिखित में से कौन सा अधिकार शामिल है?

Answer: व्यापार या व्यवसाय करना, संपत्ति खरीदना/बेचना और संविदा करना

यदि कोई राज्य सरकार किसी ऐसे विषय पर व्यवसाय करती है जो संघ सूची (Union List) का हिस्सा है, तो वह किसके द्वारा बनाए गए कानूनों के अधीन होगी?

Answer: संसद (Parliament) द्वारा बनाए गए कानूनों के

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