Part XII - Finance & Property • अनुच्छेद

अनुच्छेद 295 Simplified: अन्य दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार

अनुच्छेद 295 पूर्व रियासतों (जिन्हें संविधान में 'भाग ख' के राज्य जैसे हैदराबाद, मैसूर या त्रावणकोर-कोचीन कहा गया) की संपत्तियों और कर्जों को स्वतंत्र भारत सरकार और राज्य सरकारों को ट्रांसफर करने का नियम है। यदि किसी रियासत की कोई संपत्ति या अधिकार केंद्र के विषयों (जैसे सेना, डाक या रेलवे) से संबंधित था, तो वह केंद्र सरकार को मिल गया। इसके अलावा अन्य स्थानीय संपत्तियां और दफ्तर संबंधित राज्य सरकार को मिल गए।

Official Text

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Simple Meaning

अनुच्छेद 295 पूर्व रियासतों (जिन्हें संविधान में 'भाग ख' के राज्य जैसे हैदराबाद, मैसूर या त्रावणकोर-कोचीन कहा गया) की संपत्तियों और कर्जों को स्वतंत्र भारत सरकार और राज्य सरकारों को ट्रांसफर करने का नियम है। यदि किसी रियासत की कोई संपत्ति या अधिकार केंद्र के विषयों (जैसे सेना, डाक या रेलवे) से संबंधित था, तो वह केंद्र सरकार को मिल गया। इसके अलावा अन्य स्थानीय संपत्तियां और दफ्तर संबंधित राज्य सरकार को मिल गए।

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यह नियम देशी राजाओं के राज्यों (जैसे हैदराबाद या मैसूर) के भारत में मिलने के बाद उनकी संपत्तियों के बंटवारे के बारे में है। नियम कहता है कि राजाओं के पास जो सेना, डाकघर या रेलवे जैसी चीजें थीं, वे देश की मुख्य सरकार (केंद्र सरकार) को मिल गईं। बाकी स्थानीय चीजें (जैसे दफ्तर और स्कूल) वहाँ की राज्य सरकार को मिल गईं।

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अनुच्छेद 295 प्रथम अनुसूची के भाग ख के राज्यों (Part B States) में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों और बाध्यताओं के उत्तराधिकार (Succession) को विनियमित करता है। खंड (1) के अनुसार, यदि पूर्व रियासत की संपत्ति या दायित्व संघ सूची (Union List) में उल्लिखित किसी विषय से संबंधित थे, तो वे स्वतः भारत सरकार (Union) में निहित हो गए। खंड (2) यह व्यवस्था करता है कि संघ सूची से इतर अन्य सभी स्थानीय संपत्तियां, अधिकार और देनदारियां तदनुरूपी राज्य सरकार को हस्तांतरित होंगी।

Example

जब मैसूर रियासत का भारत में पूरी तरह विलय हुआ, तो उसकी सेना, हथियार और मुख्य डाकघर का नियंत्रण अनुच्छेद 295(1) के तहत केंद्र सरकार के हाथ में चला गया। लेकिन महाराजा के स्थानीय प्रशासनिक दफ्तर और सरकारी स्कूल मैसूर (अब कर्नाटक) की राज्य सरकार को अनुच्छेद 295(2) के तहत उत्तराधिकार में मिले।

Key Takeaway

भारतीय संघ में शामिल रियासतों की संपत्तियों का विभाजन किया गया: संघ सूची के विषयों से जुड़ी संपत्तियां केंद्र सरकार को और अन्य सभी स्थानीय संपत्तियां राज्य सरकारों को मिलीं।

FAQs

रियासतों के केंद्रीय विषयों (जैसे सेना या विदेशी मामले) से जुड़ी संपत्तियां किसे मिलीं?

वे संपत्तियां अनुच्छेद 295(1)(क) के तहत सीधे भारत सरकार (केंद्र सरकार) को सौंप दी गईं।

देशी राज्यों के स्थानीय प्रशासनिक भवन और संपत्तियां किसे मिलीं?

वे संपत्तियां संबंधित राज्य सरकार को मिलीं, जो पूर्व रियासत की तदनुरूपी राज्य बनी।

Quiz

अनुच्छेद 295 के तहत, रियासतों के संघ सूची से जुड़े दायित्व और संपत्तियां किसके पास गईं?

Answer: भारत सरकार (संघ) के पास

प्रथम अनुसूची के भाग ख के राज्यों की वे संपत्तियां जो संघ सूची में शामिल नहीं थीं, वे किसे प्राप्त हुईं?

Answer: संबंधित राज्य सरकार को उत्तराधिकार में

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