Part XII - Finance & Property • अनुच्छेद

अनुच्छेद 291 Simplified: शासकों की निजी थैली की राशि

अनुच्छेद 291 भारत की देशी रियासतों के राजा-महाराजाओं को मिलने वाली पेंशन या सरकारी भत्ते (जिसे प्रिवी पर्स या निजी थैली कहा जाता था) की गारंटी देता था। जब रियासतों का भारत में विलय हुआ था, तब उन्हें यह कर-मुक्त सालाना राशि देने का वादा किया गया था। लेकिन 1971 में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत तथा नागरिकों को समान बनाने के लिए 26वें संशोधन द्वारा राजाओं के प्रिवी पर्स, विशेषाधिकारों और इस अनुच्छेद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।

Official Text

[शासकि कि निजी थैलि कि राशि ।] – संविधान (छब्बीसवां संशोधन) अधिनियम, 1971 कि धारा 2 द्वारा (1 -11 -1956 से) लोप किया गया ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 291 भारत की देशी रियासतों के राजा-महाराजाओं को मिलने वाली पेंशन या सरकारी भत्ते (जिसे प्रिवी पर्स या निजी थैली कहा जाता था) की गारंटी देता था। जब रियासतों का भारत में विलय हुआ था, तब उन्हें यह कर-मुक्त सालाना राशि देने का वादा किया गया था। लेकिन 1971 में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत तथा नागरिकों को समान बनाने के लिए 26वें संशोधन द्वारा राजाओं के प्रिवी पर्स, विशेषाधिकारों और इस अनुच्छेद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।

Explain Like Ten

पुराने समय में जब राजाओं ने अपने राज्य भारत देश को सौंपे थे, तो सरकार ने उनसे वादा किया था कि उन्हें हर साल कुछ पैसे (पेंशन) दिए जाएंगे, जिसे प्रिवी पर्स कहते थे। लेकिन 1971 में सरकार ने तय किया कि लोकतंत्र में सभी लोग बराबर हैं और कोई राजा या प्रजा नहीं है, इसलिए उस वादे को और इस नियम को डिलीट करके राजाओं को मिलने वाले भत्ते बंद कर दिए गए।

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अनुच्छेद 291 पूर्व देशी रियासतों के शासकों को दिए जाने वाले प्रिवी पर्स (Privy Purses) के कराधान और भुगतान की संवैधानिक गारंटी से संबंधित था। लोकतांत्रिक समानता (Democratic Equality) स्थापित करने और सामंती अवशेषों को समाप्त करने के उद्देश्य से, संविधान (छब्बीसवां संशोधन) अधिनियम, 1971 द्वारा इसे पूरी तरह निरसित (Repealed) कर दिया गया, जिसके साथ ही शासकों की उपाधियाँ और विशेषाधिकार भी समाप्त हो गए।

Example

1971 से पहले, मैसूर या बड़ौदा के पूर्व राजाओं को हर साल सरकार की तरफ से लाखों रुपये का भुगतान मिलता था। 1971 में इंदिरा गांधी सरकार ने संविधान में 26वां संशोधन करके इस पुराने नियम को हटा दिया और शाही भत्तों को हमेशा के लिए बंद कर दिया।

Key Takeaway

शाही विशेषाधिकारों और प्रिवी पर्स (शाही भत्तों) को समाप्त करने के लिए 1971 में अनुच्छेद 291 को संविधान से हटा दिया गया।

FAQs

प्रिवी पर्स (Privy Purse) क्या था?

आजादी के बाद भारत में विलय करने वाले देशी राजाओं को दी जाने वाली कर-मुक्त वार्षिक पेंशन या भत्ता प्रिवी पर्स कहलाता था।

प्रिवी पर्स और राजाओं के अधिकारों को किस संशोधन द्वारा समाप्त किया गया?

इन्हें संविधान (छब्बीसवां संशोधन) अधिनियम, 1971 द्वारा समाप्त किया गया।

Quiz

राजाओं के विशेषाधिकारों और प्रिवी पर्स को समाप्त करने वाला 26वां संविधान संशोधन किस वर्ष लागू हुआ?

Answer: 1971

अनुच्छेद 291 का निरसन निम्नलिखित में से किस सिद्धांत को बढ़ावा देने के लिए किया गया था?

Answer: लोकतांत्रिक समानता और नागरिकों के समान अधिकारों के लिए

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