Part XII - Finance • अनुच्छेद

अनुच्छेद 282 Simplified: संघ या राज्य द्वारा अपने राजस्व से किए जाने वाले व्यय

अनुच्छेद 282 केंद्र और राज्य सरकारों को जनहित में अपनी मर्जी से खर्च करने (Discretionary Grants) की बड़ी शक्ति देता है। इसके अनुसार, केंद्र या राज्य सरकार किसी भी 'लोक प्रयोजन' (जनता की भलाई) के काम के लिए पैसा खर्च कर सकती है या अनुदान दे सकती है, भले ही वह विषय उनके सामान्य कानून बनाने की सूची में शामिल न हो।

Official Text

संघ या राज्य द्वारा अपने राजस्व से किए जाने वाले व्यय – संघ या राज्य किसी लोक प्रयोजन के लिए कोई अनु दान इस बात के होते हु ए भी दे सकेगा कि वह प्रयोजन ऐसा नहीं है िजसके संबंध मि , यथािस्थति, संसद् या उस राज्य का विधान- मंडल विधि बना सकता है ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 282 केंद्र और राज्य सरकारों को जनहित में अपनी मर्जी से खर्च करने (Discretionary Grants) की बड़ी शक्ति देता है। इसके अनुसार, केंद्र या राज्य सरकार किसी भी 'लोक प्रयोजन' (जनता की भलाई) के काम के लिए पैसा खर्च कर सकती है या अनुदान दे सकती है, भले ही वह विषय उनके सामान्य कानून बनाने की सूची में शामिल न हो।

Explain Like Ten

यह नियम सरकार को लोगों की मदद करने के लिए एक विशेष शक्ति देता है। यह कहता है कि यदि केंद्र या राज्य सरकार को लगता है कि लोगों की भलाई के लिए किसी खास काम (जैसे स्कूल बनाना या घर देना) पर पैसा खर्च करना चाहिए, तो वे उस पर अपना बजट खर्च कर सकती हैं, भले ही वह काम सीधे उनके रोज के नियम बनाने के दायरे में न आता हो।

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अनुच्छेद 282 केंद्र और राज्यों को व्यापक विवेकाधीन व्यय शक्ति (Discretionary Spending Power) प्रदान करता है। इसके तहत संघ या राज्य किसी भी 'लोक प्रयोजन' (Public Purpose) के लिए अनुदान दे सकते हैं, भले ही वह विषय संबंधित विधायिका के विधायी क्षेत्राधिकार (Legislative Jurisdiction) में न आता हो। इस अनुच्छेद का उपयोग केंद्र सरकार द्वारा समाज कल्याण के लिए प्रायोजित योजनाओं (Centrally Sponsored Schemes) को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।

Example

यद्यपि आवास और ग्रामीण विकास मुख्य रूप से राज्यों के विषय हैं, फिर भी केंद्र सरकार अनुच्छेद 282 का उपयोग करके 'प्रधानमंत्री आवास योजना' जैसी बड़ी जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू करती है और राज्यों को सीधे अनुदान देती है।

Key Takeaway

केंद्र और राज्य सरकारें किसी भी लोक कल्याणकारी कार्य के लिए विवेकाधीन अनुदान दे सकती हैं, भले ही वह उनके विधायी क्षेत्राधिकार से बाहर हो।

FAQs

क्या केंद्र सरकार उन विषयों पर भी अनुदान दे सकती है जो राज्य सूची (State List) में हैं?

हाँ, अनुच्छेद 282 के तहत यदि वह कार्य लोक प्रयोजन (जनता की भलाई) का है, तो केंद्र सरकार उस पर वित्तीय अनुदान दे सकती है।

केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाएं (Centrally Sponsored Schemes) किस अनुच्छेद के तहत वित्तपोषित की जाती हैं?

ये योजनाएं मुख्य रूप से अनुच्छेद 282 के तहत दी जाने वाली विवेकाधीन वित्तीय सहायता से वित्तपोषित होती हैं।

Quiz

अनुच्छेद 282 के अनुसार, संघ या राज्य किस प्रयोजन के लिए विवेकाधीन अनुदान दे सकते हैं?

Answer: किसी भी लोक प्रयोजन (जनहित) के लिए

विवेकाधीन अनुदान देने की शक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

Answer: यह सरकार के सामान्य विधायी क्षेत्राधिकार की सीमाओं से बंधा नहीं है

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