Part III - Fundamental Rights • अनुच्छेद

अनुच्छेद 28 Simplified: कुछ शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपासना में उपस्थित होने के बारे में स्वतंत्रता

अनुच्छेद 28 सरकारी स्कूलों में धार्मिक शिक्षा दिए जाने पर रोक लगाता है। साथ ही, सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में भी किसी छात्र को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी धार्मिक प्रार्थना या सभा में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

Official Text

(1) राज्य-निधि से पूर्णतः पोषित किसी शिक्षा संस्था में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी। (2) खंड (1) की कोई बात ऐसी शिक्षा संस्था को लागू नहीं होगी जिसका प्रशासन राज्य करता है किंतु जो किसी ऐसे न्यास या संस्थान के अधीन स्थापित हुई है जिसके अनुसार उस संस्था में धार्मिक शिक्षा देना आवश्यक है। (3) राज्य से मान्यता प्राप्त या राज्य-निधि से सहायता पाने वाली शिक्षा संस्था में उपस्थित होने वाले किसी व्यक्ति को ऐसी संस्था में दी जाने वाली धार्मिक शिक्षा में भाग लेने के लिए या उसमें की जाने वाली धार्मिक उपासना में उपस्थित होने के लिए तब तक बाध्य नहीं किया जाएगा जब तक कि उस व्यक्ति ने, या यदि वह अवयस्क है तो उसके संरक्षक ने, इसके लिए अपनी सहमति नहीं दे दी है।

Simple Meaning

अनुच्छेद 28 सरकारी स्कूलों में धार्मिक शिक्षा दिए जाने पर रोक लगाता है। साथ ही, सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में भी किसी छात्र को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी धार्मिक प्रार्थना या सभा में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

Explain Like Ten

सरकारी स्कूलों में किसी खास धर्म की पढ़ाई या प्रार्थना को अनिवार्य नहीं किया जा सकता। निजी स्कूलों में भी यदि धार्मिक प्रार्थना होती है, तो बच्चे की मर्जी के बिना उसे शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

Student Mode

यह अनुच्छेद शिक्षण संस्थानों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत करता है: (1) पूरी तरह से राज्य द्वारा पोषित (धार्मिक शिक्षा पूरी तरह प्रतिबंधित), (2) राज्य द्वारा प्रशासित लेकिन न्यास के तहत स्थापित (धार्मिक शिक्षा की अनुमति है), (3) राज्य से मान्यता प्राप्त, और (4) राज्य सहायता प्राप्त। अंतिम दो श्रेणियों में धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है, लेकिन उपस्थित होना स्वैच्छिक (voluntary) है।

Example

पूरी तरह से सरकारी फंड से चलने वाले स्कूल में किसी विशेष धर्म की प्रार्थना को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता और न ही उसकी धार्मिक कक्षाएं ली जा सकती हैं।

Key Takeaway

सरकारी स्कूलों को धार्मिक रूप से तटस्थ रहना होगा और वे किसी पर अपनी आस्था नहीं थोप सकते।

FAQs

क्या सरकारी स्कूल में धार्मिक प्रार्थना अनिवार्य की जा सकती है?

नहीं, पूरी तरह से राज्य द्वारा पोषित (सरकारी) स्कूलों में धार्मिक शिक्षा पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के बारे में क्या नियम है?

ऐसे स्कूलों में धार्मिक निर्देश दिए जा सकते हैं, लेकिन किसी भी छात्र को उसकी इच्छा के विरुद्ध उपस्थित होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

Quiz

धार्मिक शिक्षा किस प्रकार के स्कूलों में पूरी तरह प्रतिबंधित है?

Answer: पूरी तरह से सरकारी वित्त पोषित स्कूलों में

क्या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में धार्मिक प्रार्थना अनिवार्य है?

Answer: नहीं, यह स्वैच्छिक है

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