Part XII - Finance • अनुच्छेद
अनुच्छेद 277 Simplified: व्यावृत्ति
अनुच्छेद 277 एक वित्तीय बचत (बचाव) प्रावधान है। यह राज्य सरकारों और स्थानीय नगरपालिकाओं को उन करों, उपकरों या शुल्कों को वसूलते रहने की छूट देता है जिन्हें वे संविधान लागू होने (1950) से ठीक पहले कानूनी रूप से वसूल रहे थे, भले ही वे कर अब संघ सूची (केंद्र के अधिकार क्षेत्र) में डाल दिए गए हों। यह नियम राज्यों को अचानक होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाता है, जब तक कि संसद इसके खिलाफ नया कानून नहीं बना देती।
Official Text
व्यावृ िि – ऐसे कर, शु ल्क, उपकर या फसि ि , जो इस संविधान के प्रारंभ से ठकि पहले किसी राज्य कि सरकार द्वारा अथवा किसी नगरपालिका या अन्य स्थानीय प्राधिकारि या निकाय द्वारा उस राज्य, नगरपालिका, िजला या अन्य स्थानीयिेत्र के प्रयोजनि के लिए विधिपू वर्क उद्गृ हति कि जा रहि थी, इस बात के होते हु ए भी कि वे कर, शु ल्क, उपकर या फसि ि संघ सू ची मि वणिर्त हि , तब तक उद्गृ हति कि जाती रहि गी और उन्हंि प्रयोजनि के लिए उपयोिजत कि जाती रहि गी जब तक संसद्, विधि द्वारा, इसके प्रतिकू ल उपबंध नहीं करती है ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 277 एक वित्तीय बचत (बचाव) प्रावधान है। यह राज्य सरकारों और स्थानीय नगरपालिकाओं को उन करों, उपकरों या शुल्कों को वसूलते रहने की छूट देता है जिन्हें वे संविधान लागू होने (1950) से ठीक पहले कानूनी रूप से वसूल रहे थे, भले ही वे कर अब संघ सूची (केंद्र के अधिकार क्षेत्र) में डाल दिए गए हों। यह नियम राज्यों को अचानक होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाता है, जब तक कि संसद इसके खिलाफ नया कानून नहीं बना देती।
Explain Like Ten
जब 1950 में हमारे देश का संविधान लागू हुआ, तो टैक्स लगाने के कई नियम बदल गए। लेकिन कुछ राज्यों और नगर निगमों के पुराने टैक्सों को बंद नहीं किया गया, ताकि उनके पास पैसों की कमी न हो जाए। यह नियम कहता है कि वे अपने पुराने टैक्स तब तक वसूलते रह सकते हैं जब तक संसद कोई नया कानून बनाकर उन्हें मना न कर दे।
Student Mode
अनुच्छेद 277 एक वित्तीय व्यावृत्ति खंड (Savings Clause) के रूप में कार्य करता है। यह राज्यों या स्थानीय निकायों (जैसे नगरपालिकाओं) को संविधान के प्रारंभ से पूर्व लगाए जा रहे करों, शुल्कों, उपकरों (Cesses) या फीसों को जारी रखने की अनुमति देता है, भले ही वे विषय अब सातवीं अनुसूची की संघ सूची (Union List) के अंतर्गत आते हों। यह प्रावधान संक्रमण काल में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तब तक प्रभावी रहता है जब तक कि संसद (Parliament) इसके प्रतिकूल कोई कानून नहीं बना देती।
Example
1950 से पहले जूट या माल के परिवहन पर यदि कोई स्थानीय नगरपालिका टैक्स वसूल रही थी, तो वह अनुच्छेद 277 के तहत इसे वसूलना जारी रख सकी ताकि उसके स्थानीय स्कूल और अस्पताल चलते रहें, भले ही परिवहन करों को बाद में संघ सूची में शामिल कर दिया गया था। यह तब तक चला जब तक संसद ने इस पर नया कानून नहीं बना दिया।
Key Takeaway
संविधान से पहले के राज्य और स्थानीय कर तब तक वसूले जाते रह सकते हैं जब तक कि संसद उनके स्थान पर कोई नया केंद्रीय कानून न बना दे।
FAQs
अनुच्छेद 277 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों और स्थानीय निकायों को संविधान लागू होने के बाद अचानक वित्तीय घाटे से बचाना है।
क्या राज्य सरकारें संघ सूची में शामिल करों को हमेशा के लिए वसूल सकती हैं?
नहीं, वे केवल तब तक ही इन्हें वसूल सकती हैं जब तक संसद इसके विपरीत कोई नया कानून नहीं बना देती।
Quiz
अनुच्छेद 277 के अनुसार, संविधान के पूर्व से चले आ रहे करों को कब तक वसूला जा सकता है?
Answer: जब तक संसद इसके विपरीत कोई कानून न बना दे
अनुच्छेद 277 किस प्रकार के करों, शुल्कों या फीसों को संरक्षण प्रदान करता है?
Answer: संविधान लागू होने से ठीक पहले से विधिपूर्वक वसूले जा रहे करों को