Part XII - Finance & Property • अनुच्छेद

अनुच्छेद 268 Simplified: संघ द्वारा अधिरोपित किए जाने वाले किंतु राज्यों द्वारा संग्रहित और विनियोजित किए जाने वाले शुल्क

अनुच्छेद 268 कर राजस्व (टैक्स के पैसे) के बंटवारे का एक खास नियम है। इसके तहत कुछ दस्तावेज (जैसे शेयर ट्रांसफर, बीमा पॉलिसी या चेक पर लगने वाला स्टांप ड्यूटी) जो संघ सूची में आते हैं, उनकी कर दरें तो केंद्र सरकार तय करती है, लेकिन उन करों को इकट्ठा करने और उन्हें अपने खजाने में रखने (विनियोजित करने) का पूरा काम राज्य सरकारें करती हैं। केंद्र शासित प्रदेशों में इसे केंद्र सरकार ही वसूलती है।

Official Text

संघ द्वारा उद्गृ हति किए जाने वाले कि ं तु राज्यि द्वारा संगृ हति और विनियोिजत किए जाने वाले शु ल्क – (1) ऐसे स्टांप-शु ल्क *** जो संघ सू ची मि वणिर्त हि , भारत सरकार द्वारा उद्गृ हति किए जाएंगे, कि ं तु – (क) उस दशा मि , िजसमि ऐसे शु ल्क [संघ राज्यिेत्र] के भीतर उद्ग्रहणीय हि , भारत सरकार द्वारा, और (ख) अन्य दशाओं मि िजन-िजन राज्यि के भीतर ऐसे शु ल्क उद्ग्रहणीय हि , उन-उन राज्यि द्वारा, संगृ हति किए जाएंगे । (2) किसी राज्य के भीतर उद्ग्रहणीय किसी ऐसे शु ल्क के किसी वििीय वषर् मि आगम, भारत कि संचित निधि के भाग नहीं हगिे, किन्तु उस राज्य को सपि दिए जाएंगे ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 268 कर राजस्व (टैक्स के पैसे) के बंटवारे का एक खास नियम है। इसके तहत कुछ दस्तावेज (जैसे शेयर ट्रांसफर, बीमा पॉलिसी या चेक पर लगने वाला स्टांप ड्यूटी) जो संघ सूची में आते हैं, उनकी कर दरें तो केंद्र सरकार तय करती है, लेकिन उन करों को इकट्ठा करने और उन्हें अपने खजाने में रखने (विनियोजित करने) का पूरा काम राज्य सरकारें करती हैं। केंद्र शासित प्रदेशों में इसे केंद्र सरकार ही वसूलती है।

Explain Like Ten

यह नियम कहता है कि कुछ खास कागजों पर लगने वाला स्टांप टैक्स (जैसे बीमा या शेयर के कागज) कितना होगा, यह दिल्ली की सरकार तय करेगी। लेकिन जब उत्तर प्रदेश या बिहार के लोग यह टैक्स देंगे, तो वह सारा पैसा वहां की राज्य सरकार खुद रखेगी और अपने राज्य के विकास में खर्च करेगी।

Student Mode

अनुच्छेद 268 वित्तीय संघवाद (Fiscal Federalism) के अंतर्गत राजस्व विभाजन (Revenue Distribution) का उपबंध करता है। इसके तहत संघ सूची में वर्णित स्टांप शुल्कों (Stamp Duties) को भारत सरकार द्वारा अधिरोपित (Levy) किया जाता है, परंतु उन्हें राज्यों द्वारा ही संग्रहित (Collect) और विनियोजित (Appropriate) किया जाता है। खंड (2) यह स्पष्ट करता है कि इन शुल्कों से प्राप्त राजस्व भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) का हिस्सा नहीं बनता, बल्कि सीधे राज्य के राजस्व में चला जाता है।

Example

यदि आप उत्तर प्रदेश में कोई बीमा पॉलिसी लेते हैं या बैंक के साथ कोई वित्तीय सौदा करते हैं, तो उस पर कितना स्टांप ड्यूटी (Stamp Duty) लगेगा, यह नियम संसद तय करती है। लेकिन उस स्टांप शुल्क को उत्तर प्रदेश सरकार वसूल करेगी और सारा पैसा खुद अपने पास रख लेगी, वह केंद्र सरकार को नहीं भेजा जाएगा।

Key Takeaway

अनुच्छेद 268 वित्तीय संघवाद का एक उदाहरण है जहां केंद्र कर दरों में एकरूपता बनाए रखने के लिए टैक्स तय करता है, लेकिन राजस्व पूरी तरह राज्यों को दे देता है।

FAQs

संघ सूची के स्टांप शुल्क पर टैक्स की दरें कौन तय करता है?

इस पर टैक्स की दरें भारत सरकार (केंद्र सरकार) द्वारा अधिरोपित की जाती हैं।

क्या राज्यों में वसूला गया यह स्टांप शुल्क केंद्र सरकार के खजाने में जाता है?

नहीं, यह शुल्क राज्यों द्वारा ही संग्रहित किया जाता है और वे इसे स्वयं रखती हैं, यह भारत की संचित निधि का हिस्सा नहीं बनता।

Quiz

अनुच्छेद 268 के अनुसार, संघ सूची में शामिल स्टांप शुल्क किसके द्वारा अधिरोपित किए जाते हैं?

Answer: भारत सरकार (संघ) द्वारा

राज्यों के भीतर वसूला जाने वाला यह स्टांप शुल्क किसे सौंप दिया जाता है?

Answer: उसी राज्य को जहाँ यह वसूला गया है

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