Part XI - Union-State Relations • अनुच्छेद
अनुच्छेद 258 Simplified: कुछ दशाओं में राज्यों को शक्तियां प्रदान करने आदि की संघ की शक्ति
केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह अपने प्रशासनिक कामों (जैसे जनगणना, पासपोर्ट जांच) को राज्य सरकार या राज्य के अधिकारियों को सौंप सके। इसके दो तरीके हैं: पहला, राष्ट्रपति राज्य सरकार की सहमति से ऐसा कर सकते हैं; दूसरा, संसद कानून बनाकर राज्य के अधिकारियों को जिम्मेदारी दे सकती है। इस काम को करने में राज्य सरकार का जो भी एक्स्ट्रा (अतिरिक्त) प्रशासनिक खर्च होगा, वह केंद्र सरकार चुकाएगी।
Official Text
कु छ दशाओं मि राज्यि को शिक्त प्रदान करने आदि कि संघ कि शिक्त – (1) इस संविधान मि किसी बात के होते हु ए भी, राष्ट्रपति, किसी राज्य कि सरकार कि सहमति से उस सरकार को या उसके अधिकारियि को ऐसे किसी विषय से संबंधित कृ त्य, िजन पर संघ कि कार्यपालिका शिक्त का विस्तार है, सशतर् या बिना शतर् सपि सकेगा । (2) संसद् द्वारा बनाई गई विधि, जो किसी राज्य को लागू होती है ऐसे विषय से संबंधित होने पर भी, िजसके संबंध मि राज्य के विधान-मंडल को विधि बनाने कि शिक्त नहीं है, उस राज्य या उसके अधिकारियि और प्राधिकारियि को शिक्त प्रदान कर सकेगी और उन पर कतर्व्य अधिरोपित कर सकेगी या शिक्तयि का प्रदान किया जाना और कतर्व्यि का अधिरोपित किया जाना प्राधिकृ त कर सकेगी । (3) जहां इस अनु च्छेद के आधार पर किसी राज्य अथवा उसके अधिकारियि या प्राधिकारियि को शक्तियाँ प्रदान कि गई हि या उन पर कतर्व्य अधिरोपित किए गए हि वहां उन शिक्तयि और कतर्व्यि के प्रयोग के संबंध मि राज्य द्वारा प्रशासन मि किए गए अतिरिक्त खचि के संबंध मि भारत सरकार द्वारा उस राज्य को ऐसी राशि का, जो करार पाई जाए या करार के अभाव मि ऐसी राशि का, िजसे भारत के मु ख्य न्यायमू तिर् द्वारा नियु क्त मध्यस्थ अवधारित करे, संदाय किया जाएगा ।
Simple Meaning
केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह अपने प्रशासनिक कामों (जैसे जनगणना, पासपोर्ट जांच) को राज्य सरकार या राज्य के अधिकारियों को सौंप सके। इसके दो तरीके हैं: पहला, राष्ट्रपति राज्य सरकार की सहमति से ऐसा कर सकते हैं; दूसरा, संसद कानून बनाकर राज्य के अधिकारियों को जिम्मेदारी दे सकती है। इस काम को करने में राज्य सरकार का जो भी एक्स्ट्रा (अतिरिक्त) प्रशासनिक खर्च होगा, वह केंद्र सरकार चुकाएगी।
Explain Like Ten
यह नियम कहता है कि देश के राष्ट्रपति राज्यों की मंजूरी से अपने कुछ काम (जैसे पासपोर्ट की जांच या देश के लोगों की गिनती) राज्य के सरकारी अधिकारियों को सौंप सकते हैं। इस काम के बदले केंद्र सरकार राज्यों को पूरा पैसा देगी ताकि उन पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े।
Student Mode
अनुच्छेद 258 संघ द्वारा राज्यों को शक्तियों के प्रत्यायोजन (Delegation of Powers by the Union to States) का उपबंध करता। खंड (1) राष्ट्रपति को राज्य सरकार की सहमति से संघीय कार्यपालिका कार्यों को सौंपने की शक्ति देता है। खंड (2) संसद को विधायी माध्यम से राज्य के अधिकारियों पर कर्तव्य आरोपित करने का अधिकार देता है, भले ही वह राज्य सूची का विषय न हो। खंड (3) अतिरिक्त प्रशासनिक व्यय (Extra Administrative Expenses) की प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करता है।
Example
पासपोर्ट का सत्यापन या राष्ट्रीय जनगणना (Census) केंद्र सरकार के विषय हैं। लेकिन जब पुलिस वेरिफिकेशन या जनगणना के आंकड़े जुटाने की बात आती है, तो राष्ट्रपति राज्य के पुलिस कर्मियों और जिला अधिकारियों को यह काम सौंपते हैं। इस अतिरिक्त काम के लिए केंद्र सरकार राज्यों को पैसा देती है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 258 प्रशासनिक विकेंद्रीकरण (Administrative Decentralization) और सहकारिता को बढ़ावा देता है, जिससे केंद्र अपने कार्यों के लिए राज्यों के प्रशासनिक तंत्र का उपयोग करता है।
FAQs
क्या राष्ट्रपति राज्य की सहमति से संघीय कार्यों को राज्य को सौंप सकते हैं?
हाँ, अनुच्छेद 258(1) के तहत राष्ट्रपति संबंधित राज्य सरकार की सहमति से संघ के कार्यों को राज्य को सौंप सकते हैं।
संघ के कार्यों को करने में राज्यों को होने वाले अतिरिक्त प्रशासनिक खर्च का भुगतान कौन करता है?
इस अतिरिक्त खर्च का भुगतान भारत सरकार (केंद्र सरकार) द्वारा राज्य को किया जाता है।
Quiz
अनुच्छेद 258 के तहत, राज्य सरकार की सहमति से संघीय कार्यपालिका के कार्यों को राज्य को सौंपने का अधिकार किसे है?
Answer: भारत के राष्ट्रपति को
यदि संघीय कार्य सौंपने पर खर्च की गई राशि के संबंध में केंद्र और राज्य में विवाद हो, तो इसका निर्णय कौन करता है?
Answer: भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त मध्यस्थ (आर्बिट्रेटर)