Part XI - Union-State Relations • अनुच्छेद

अनुच्छेद 250 Simplified: यदि आपात की उद्घोषणा प्रवृत्त हो तो राज्य सूची में के विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद की शक्ति

अनुच्छेद 250 यह नियम बनाता है कि यदि देश में राष्ट्रीय आपातकाल (Emergency) लागू हो, तो संसद को राज्य सूची के सभी विषयों पर कानून बनाने का पूरा अधिकार मिल जाता है। आपातकाल समाप्त होने के 6 महीने बाद, संसद द्वारा इस शक्ति के तहत बनाए गए कानून अपने आप समाप्त (निष्प्रभावी) हो जाते हैं।

Official Text

यदि आपात कि उद्घोषणा प्रवतर्न मि हो तो राज्य सू ची मि के विषय के संबंध मि विधि बनाने कि संसद् कि शिक्त – (1) इस अध्याय मि किसी बात के होते हु ए भी, संसद् को, जब तक आपात कि उद्घोषणा प्रवतर्न मि है, [अनु च्छेद 246क के अधीन उपबंधित माल या सेवा कर या] राज्य सू ची मि प्रगणित किसी भी विषय के संबंध मि भारत के संपू णर् राज्यिेत्र या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने कि शिक्त होगी । (2) संसद् द्वारा बनाई गई कोई विधि, िजसे संसद् आपात कि उद्घोषणा के अभाव मि बनाने के लिए समि नहीं होती, उद्घोषणा के प्रवतर्न मि न रहने के पश्चात ् छह मास कि अवधि कि समािप्त पर अमिता कि मात्रा तक उन बाति के सिवाय प्रभावी नहीं रहेगी िजन्हि उक्त अवधि कि समािप्त से पहले किया गया है या करने का लोप किया गया है ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 250 यह नियम बनाता है कि यदि देश में राष्ट्रीय आपातकाल (Emergency) लागू हो, तो संसद को राज्य सूची के सभी विषयों पर कानून बनाने का पूरा अधिकार मिल जाता है। आपातकाल समाप्त होने के 6 महीने बाद, संसद द्वारा इस शक्ति के तहत बनाए गए कानून अपने आप समाप्त (निष्प्रभावी) हो जाते हैं।

Explain Like Ten

यह नियम कहता है कि यदि कभी देश में आपातकाल (जैसे कोई युद्ध या बड़ी मुसीबत) घोषित हो, तो राज्यों की ताकत कम हो जाती है। तब देश की संसद राज्यों के सारे कामों पर (जैसे पुलिस) भी कानून बना सकती है। संकट टलने और आपातकाल खत्म होने के 6 महीने बाद ये कानून अपने आप समाप्त हो जाते हैं।

Student Mode

अनुच्छेद 250 राष्ट्रीय आपातकाल (Proclamation of National Emergency - Article 352) के दौरान विधायी शक्तियों के केंद्रीकरण का प्रावधान करता है। जब आपातकाल प्रवृत्त हो, तब संघवाद अस्थायी रूप से एकात्मक रूप ले लेता है और संसद को राज्य सूची के विषयों तथा अनुच्छेद 246क के करों पर संपूर्ण भारत हेतु विधि बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त हो जाती है। आपातकाल की समाप्ति के 6 माह बाद ये विधियां अक्षमता की सीमा तक स्वतः निष्प्रभावी (Cease to have effect) हो जाती हैं।

Example

1975 में जब देश में राष्ट्रीय आपातकाल लगाया गया था, तब संसद ने राज्य सूची के विषय जैसे पुलिस व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर कई राष्ट्रीय नियम बनाए। 1977 में जब आपातकाल समाप्त हुआ, तो वे सभी नियम 6 महीने बाद यानी सितंबर 1977 तक स्वतः ही प्रभावहीन हो गए।

Key Takeaway

अनुच्छेद 250 आपातकाल के दौरान भारत के संघीय ढांचे को पूरी तरह से एकात्मक (Unitary) प्रणाली में बदल देता है, जिससे संसद को राज्यों के विषयों पर सर्वोच्च अधिकार प्राप्त हो जाता है।

FAQs

क्या राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान संसद राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकती है?

हाँ, अनुच्छेद 250 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में संसद को राज्य सूची के सभी विषयों पर कानून बनाने का पूर्ण अधिकार प्राप्त हो जाता है।

आपातकाल समाप्त होने के बाद संसद द्वारा बनाए गए इन कानूनों की वैधता कब समाप्त होती है?

आपातकाल की उद्घोषणा समाप्त होने के छह महीने बाद ये कानून स्वतः प्रभावहीन हो जाते हैं।

Quiz

अनुच्छेद 250 के तहत संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने का अधिकार कब प्राप्त होता है?

Answer: जब आपात की उद्घोषणा (आपातकाल) प्रवृत्त हो

आपातकाल हटने के बाद, अनुच्छेद 250 के तहत बना कानून कितने समय बाद स्वतः निष्क्रिय हो जाता है?

Answer: 6 महीने बाद

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