Part XI - Relations • अनुच्छेद

अनुच्छेद 246क Simplified: वस्तु और सेवा कर के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 246क वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए बनाया गया विशेष नियम है। यह संसद और राज्य विधानसभाओं दोनों को अपने-अपने स्तर पर जीएसटी लगाने और कानून बनाने का साझा अधिकार देता है। हालांकि, यदि व्यापार एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच हो (अंतर-राज्यीय), तो टैक्स लगाने और नियम बनाने का विशेष अधिकार केवल संसद के पास है।

Official Text

(1) अनुच्छेद 246 और अनुच्छेद 254 में किसी बात के होते हुए भी, संसद को और खंड (2) के अधीन रहते हुए, प्रत्येक राज्य के विधान-मंडल को, संघ द्वारा या ऐसे राज्य द्वारा अधिरोपित वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के संबंध में विधि बनाने की शक्ति है। (2) संसद को वस्तु और सेवा कर के संबंध में विधि बनाने की अनन्य शक्ति है जहां माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति अंतर-राज्यिक व्यापार या वाणिज्य के दौरान होती है। स्पष्टीकरण—इस अनुच्छेद के उपबंध, अनुच्छेद 279क के खंड (5) में निर्दिष्ट वस्तु और सेवा कर के संबंध में उस तारीख से प्रभावी होंगे जो वस्तु और सेवा कर परिषद (जीएसटी काउंसिल) द्वारा अनुशंसित की जाए।

Simple Meaning

अनुच्छेद 246क वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए बनाया गया विशेष नियम है। यह संसद और राज्य विधानसभाओं दोनों को अपने-अपने स्तर पर जीएसटी लगाने और कानून बनाने का साझा अधिकार देता है। हालांकि, यदि व्यापार एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच हो (अंतर-राज्यीय), तो टैक्स लगाने और नियम बनाने का विशेष अधिकार केवल संसद के पास है।

Explain Like Ten

यह नियम हमारे देश में जीएसटी (टैक्स) लगाने के लिए विशेष रूप से बनाया गया था। यह केंद्र सरकार और राज्य सरकारों दोनों को सामानों पर टैक्स लगाने का बराबर का अधिकार देता है। लेकिन जब सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजा जाता है, तब केवल देश की संसद ही टैक्स तय कर सकती है।

Student Mode

अनुच्छेद 246क को 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा जोड़ा गया, जो भारत में वस्तु और सेवा कर (GST) का संवैधानिक आधार है। यह अनुच्छेद 246 और 254 पर अध्यारोही प्रभाव (Overriding Effect) रखता है। खंड (1) केंद्र और राज्यों को जीएसटी पर कानून बनाने की समवर्ती शक्ति (Concurrent Power) देता है, जबकि खंड (2) अंतर-राज्यीय आपूर्ति (Inter-State Supply) पर कानून बनाने का अनन्य अधिकार संसद को प्रदान करता है।

Example

यदि आप राजस्थान के भीतर ही एक दुकान से मोबाइल खरीदते हैं, तो राज्य की विधानसभा के अधिकार से स्टेट जीएसटी (SGST) और संसद के अधिकार से सेंट्रल जीएसटी (CGST) लगाया जाता है। लेकिन यदि वह मोबाइल कर्नाटक से शिप होकर दिल्ली आता है, तो अनुच्छेद 246क के तहत केवल संसद ही इस पर एकीकृत जीएसटी (IGST) लगा सकती है।

Key Takeaway

अनुच्छेद 246क जीएसटी (GST) प्रणाली को संवैधानिक वैधता देता है और केंद्र व राज्यों को एक साथ अप्रत्यक्ष कर लगाने की साझा शक्ति प्रदान करता है।

FAQs

जीएसटी (GST) लगाने का अधिकार किस अनुच्छेद के तहत दिया गया है?

जीएसटी लगाने और उससे संबंधित कानून बनाने का अधिकार अनुच्छेद 246क के तहत दिया गया है।

अंतर-राज्यीय व्यापार (एक राज्य से दूसरे राज्य) पर जीएसटी लगाने का अधिकार किसके पास है?

अंतर-राज्यीय व्यापार या वाणिज्य पर जीएसटी लगाने का अनन्य (Exclusive) अधिकार केवल भारत की संसद के पास है।

Quiz

संविधान के किस संशोधन अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 246क को जोड़ा गया था?

Answer: 101वां संशोधन अधिनियम

अंतर-राज्यीय व्यापार के दौरान वस्तु और सेवा कर (GST) के संबंध में कानून बनाने की अनन्य शक्ति किसे प्राप्त है?

Answer: संसद को

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