Part IXB - Co-operative Societies • अनुच्छेद
अनुच्छेद 243यध Simplified: संघ राज्यक्षेत्रों को लागू होना
अनुच्छेद 243यध यह तय करता है कि सहकारिता से जुड़े ये नियम केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में कैसे लागू होंगे। जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा नहीं है (जैसे लद्दाख या लक्षद्वीप), वहां राज्य विधानमंडल का मतलब राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक होगा। विधानसभा वाले प्रदेशों (जैसे दिल्ली या पुडुचेरी) में वहां की विधानसभा कानून बनाएगी। राष्ट्रपति को नियमों में छूट देने का अधिकार भी प्राप्त है।
Official Text
इस भाग के उपबंध संघ राज्यक्षेत्रों को लागू होंगे और किसी ऐसे संघ राज्यक्षेत्र को लागू होने में, जिसकी कोई विधानसभा नहीं है, इस प्रकार प्रभावी होंगे मानो किसी राज्य के विधान-मंडल के प्रति निर्देश, अनुच्छेद 239 के अधीन नियुक्त उसके प्रशासक के प्रति निर्देश हों, और किसी विधानसभा वाले संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में, उस विधानसभा के प्रति निर्देश हों: परंतु राष्ट्रपति, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, यह निदेश दे सकेगा कि इस भाग के उपबंध किसी ऐसे संघ राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग को लागू नहीं होंगे जिसे वह अधिसूचना में विनिर्दिष्ट करे।
Simple Meaning
अनुच्छेद 243यध यह तय करता है कि सहकारिता से जुड़े ये नियम केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में कैसे लागू होंगे। जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा नहीं है (जैसे लद्दाख या लक्षद्वीप), वहां राज्य विधानमंडल का मतलब राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक होगा। विधानसभा वाले प्रदेशों (जैसे दिल्ली या पुडुचेरी) में वहां की विधानसभा कानून बनाएगी। राष्ट्रपति को नियमों में छूट देने का अधिकार भी प्राप्त है।
Explain Like Ten
यह नियम कहता है कि केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे पुडुचेरी या दिल्ली) में भी सहकारी सोसाइटियों के नियम वैसे ही चलेंगे। बस अंतर यह होगा कि जहाँ अपनी विधानसभा नहीं है, वहाँ का मुखिया (प्रशासक) नियमों को तय करेगा और राष्ट्रपति चाहें तो इसमें बदलाव भी कर सकते हैं।
Student Mode
अनुच्छेद 243यध केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में भाग IXB के विस्तार और अनुकूलन (Extension and Adaptation) का उपबंध करता है। विधानसभा रहित केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य विधानमंडल का कार्य अनुच्छेद 239 के तहत नियुक्त प्रशासक (Administrator) को सौंपा गया है, जबकि विधानसभा युक्त क्षेत्रों में संबंधित विधानसभा को यह शक्ति प्राप्त है। यह राष्ट्रपति को राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से किसी भी केंद्र शासित प्रदेश को इन प्रावधानों से छूट देने का अधिकार भी प्रदान करता है।
Example
यदि पुडुचेरी (जो कि एक केंद्र शासित प्रदेश है और वहां विधानसभा है) में किसी सहकारी समिति का गठन होता है, तो उसके नियम पुडुचेरी की विधानसभा तय करेगी। लेकिन अंडमान और निकोबार में, जहां विधानसभा नहीं है, वहां के नियम उपराज्यपाल (प्रशासक) द्वारा लागू किए जाएंगे।
Key Takeaway
अनुच्छेद 243यध यह सुनिश्चित करता है कि सहकारी सोसाइटियों के नियम संघ शासित प्रदेशों के अनूठे प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप लागू हों।
FAQs
क्या भाग IXB के सहकारिता नियम केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होते हैं?
हाँ, अनुच्छेद 243यध के तहत ये नियम केंद्र शासित प्रदेशों पर भी लागू होते हैं।
बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य विधानमंडल की जगह कौन कार्य करता है?
वहाँ अनुच्छेद 239 के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक (Administrator) राज्य विधानमंडल के स्थान पर कार्य करता है।
Quiz
अनुच्छेद 243यध के अनुसार, किस प्राधिकारी के पास केंद्र शासित प्रदेशों को सहकारिता नियमों से छूट देने का अधिकार है?
Answer: राष्ट्रपति को
विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे दिल्ली) में सहकारिता नियमों के संबंध में कानून बनाने की शक्ति किसके पास है?
Answer: वहां की विधानसभा के पास