Part IXB - Co-operative Societies • अनुच्छेद

अनुच्छेद 243यद Simplified: बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों को लागू होना

अनुच्छेद 243यद यह स्पष्ट करता है कि सहकारिता से जुड़े ये सभी नियम बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों (ऐसी सोसाइटियां जो एक से अधिक राज्यों में काम करती हैं) पर भी लागू होंगे। बस अंतर यह होगा कि इनके लिए राज्य सरकार की जगह केंद्र सरकार, राज्य कानून की जगह संसद के केंद्रीय कानून लागू होंगे।

Official Text

इस भाग के उपबंध बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों को इस संशोधन के अधीन रहते हुए लागू होंगे कि 'राज्य के विधान-मंडल', 'राज्य अधिनियम' या 'राज्य सरकार' के प्रति किसी निर्देश का अर्थ क्रमशः 'संसद', 'केंद्रीय अधिनियम' या 'केंद्रीय सरकार' के प्रति निर्देश लगाया जाएगा।

Simple Meaning

अनुच्छेद 243यद यह स्पष्ट करता है कि सहकारिता से जुड़े ये सभी नियम बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों (ऐसी सोसाइटियां जो एक से अधिक राज्यों में काम करती हैं) पर भी लागू होंगे। बस अंतर यह होगा कि इनके लिए राज्य सरकार की जगह केंद्र सरकार, राज्य कानून की जगह संसद के केंद्रीय कानून लागू होंगे।

Explain Like Ten

यह नियम कहता है कि जो सहकारी समितियां बहुत बड़ी होती हैं और एक से अधिक राज्यों में काम करती हैं (जैसे अमूल दूध कंपनी), उन पर किसी एक राज्य की सरकार के नहीं, बल्कि पूरे देश की संसद और केंद्र सरकार के नियम लागू होंगे।

Student Mode

अनुच्छेद 243यद बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों (Multi-State Co-operative Societies) पर भाग IXB के प्रावधानों के अनुप्रयोग को निर्देशित करता है। यह स्पष्ट करता है कि एक से अधिक राज्यों में फैले सहकारी संगठनों के लिए संघीय नियमों का पालन किया जाएगा। इसके तहत 'राज्य विधानमंडल' को 'संसद' से, 'राज्य अधिनियम' को 'केंद्रीय अधिनियम' से और 'राज्य सरकार' को 'केंद्र सरकार' से प्रतिस्थापित किया जाता है ताकि नियामक एकरूपता (Regulatory Uniformity) बनी रहे।

Example

जैसे 'इफको' (IFFCO) या 'अमूल' (AMUL) जैसी बड़ी सहकारी संस्थाएं देश के कई राज्यों में फैली हुई हैं। इन पर किसी एक राज्य का कानून लागू नहीं होता, बल्कि अनुच्छेद 243यद के अनुसार, इन्हें नियंत्रित करने वाले कानून संसद द्वारा बनाए जाते हैं और वे सीधे भारत सरकार (केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय) के अधीन काम करती हैं।

Key Takeaway

अनुच्छेद 243यद एक से अधिक राज्यों में कार्यरत बड़ी सहकारी सोसाइटियों के नियमन के लिए एक समान केंद्रीय कानून की व्यवस्था करता है।

FAQs

बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियाँ क्या होती हैं?

ऐसी सहकारी सोसाइटियाँ जिनके कार्यकलाप एक से अधिक राज्यों में फैले होते हैं, उन्हें बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियाँ (Multi-State Co-operative Societies) कहा जाता है।

बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों के लिए कानून कौन बना सकता है?

अनुच्छेद 243यद के अनुसार, इनके नियमन और नियंत्रण के लिए कानून बनाने का अधिकार केवल देश की संसद (Parliament) के पास है।

Quiz

बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों के मामले में 'राज्य सरकार' के प्रति निर्देश को क्या समझा जाएगा?

Answer: केंद्र सरकार (केंद्रीय सरकार)

अनुच्छेद 243यद के अनुसार, बहु-राज्यीय सहकारी सोसाइटियों के नियमन हेतु कानून बनाने की शक्ति किसके पास है?

Answer: संसद

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