Part IX & IXA - Panchayats & Municipalities • अनुच्छेद
अनुच्छेद 243ढ Simplified: विद्यमान विधियों और पंचायतों का बने रहना
अनुच्छेद 243ढ एक परिवर्तनकालीन (ट्रांजिशनल) नियम है। जब 1993 में 73वां संशोधन लागू हुआ, तब कई राज्यों में पहले से ही अपने पंचायत कानून चल रहे थे। इस अनुच्छेद ने राज्यों को 1 वर्ष का समय दिया ताकि वे अपने असंगत कानूनों को बदलकर नए संविधान के अनुसार ढाल सकें। साथ ही, इसने पहले से चुनी गई पंचायतों को अपना कार्यकाल पूरा करने की सुरक्षा भी प्रदान की।
Official Text
इस भाग में किसी बात के होते हुए भी, किसी राज्य में संविधान (तिहत्तरवां संशोधन) अधिनियम, 1992 के प्रारंभ से ठीक पहले प्रवृत्त पंचायतों से संबंधित किसी विधि का कोई उपबंध, जो इस भाग के उपबंधों से असंगत है, तब तक प्रवृत्त बना रहेगा जब तक उसका सक्षम विधान-मंडल द्वारा या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा संशोधन या निरसन नहीं कर दिया जाता है या जब तक ऐसे प्रारंभ से एक वर्ष की समाप्ति नहीं हो जाती है, इनमें से जो भी पहले हो: परन्तु ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले विद्यमान सभी पंचायतें अपनी अवधि की समाप्ति तक बनी रहेंगी, जब तक कि उस राज्य की विधानसभा द्वारा या ऐसे राज्य की दशा में जिसमें विधान परिषद है, उस विधान-मंडल के प्रत्येक सदन द्वारा पारित इस आशय के संकल्प द्वारा उन्हें उससे पहले ही भंग नहीं कर दिया जाता है।
Simple Meaning
अनुच्छेद 243ढ एक परिवर्तनकालीन (ट्रांजिशनल) नियम है। जब 1993 में 73वां संशोधन लागू हुआ, तब कई राज्यों में पहले से ही अपने पंचायत कानून चल रहे थे। इस अनुच्छेद ने राज्यों को 1 वर्ष का समय दिया ताकि वे अपने असंगत कानूनों को बदलकर नए संविधान के अनुसार ढाल सकें। साथ ही, इसने पहले से चुनी गई पंचायतों को अपना कार्यकाल पूरा करने की सुरक्षा भी प्रदान की।
Explain Like Ten
जब 1993 में पंचायत के नए नियम बने, तो राज्यों को अपने पुराने नियम बदलने के लिए एक साल का समय दिया गया था। पुराने नियमों के तहत चुनी गई पंचायतों को भी अपना कार्यकाल पूरा करने दिया गया था।
Student Mode
अनुच्छेद 243ढ एक संक्रमणकालीन उपबंध है। यह निर्धारित करता है कि 73वें संशोधन के पहले से मौजूद राज्यों के असंगत पंचायत कानून अधिकतम एक वर्ष (अप्रैल 1994 तक) तक ही प्रभावी रह सकते हैं। यह पहले से चल रही पंचायतों को भी उनका कार्यकाल समाप्त होने तक सुरक्षा प्रदान करता है, बशर्ते उन्हें राज्य विधानमंडल द्वारा प्रस्ताव पास करके भंग न कर दिया जाए।
Example
73वां संशोधन लागू होने के समय कर्नाटक में 1983 का अपना स्थानीय कानून चल रहा था। अनुच्छेद 243ढ के तहत, कर्नाटक सरकार के पास नया पंचायती राज अधिनियम 1993 लागू करने के लिए 1 वर्ष का समय था, और वहां पहले से काम कर रही ग्राम पंचायतें भंग नहीं की गईं बल्कि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
Key Takeaway
अनुच्छेद 243ढ राज्यों को अपने पुराने कानूनों को बदलने के लिए 1 वर्ष का समय देकर और पहले से चुनी गई पंचायतों को सुरक्षा प्रदान करके नए पंचायती राज में सुगम परिवर्तन सुनिश्चित करता है।
FAQs
राज्यों को अपने स्थानीय कानूनों को 73वें संशोधन के अनुरूप बनाने के लिए कितना समय दिया गया था?
राज्यों को अधिकतम एक वर्ष का संक्रमणकालीन समय दिया गया था (73वां संशोधन 24 अप्रैल 1993 को लागू हुआ था, इसलिए यह समय सीमा 23 अप्रैल 1994 को समाप्त हो गई)।
क्या 73वें संशोधन के लागू होते ही सभी सक्रिय पंचायतें तुरंत भंग कर दी गई थीं?
नहीं, अनुच्छेद 243ढ के तहत पहले से चुनी गई पंचायतों को अपना सामान्य कार्यकाल पूरा करने की छूट दी गई थी, जब तक कि उन्हें विधानसभा द्वारा प्रस्ताव पारित कर भंग न कर दिया गया हो।
Quiz
अनुच्छेद 243ढ के तहत असंगत राज्य पंचायत कानूनों को बदलने या संशोधित करने के लिए अधिकतम कितनी अवधि दी गई थी?
Answer: 1 वर्ष
73वें संशोधन के समय पहले से मौजूद पंचायतों को कैसे सुरक्षित रखा गया था?
Answer: उन्हें विधानसभा संकल्प द्वारा भंग किए जाने के अतिरिक्त सामान्य अवधि तक बने रहने देकर