Part VIII - The Union Territories • अनुच्छेद
अनुच्छेद 240 Simplified: कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति
अनुच्छेद 240 भारत के राष्ट्रपति को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, और पुदुच्चेरी केंद्रशासित प्रदेशों की शांति, प्रगति और सुशासन के लिए विनियम (Regulation) बनाने की शक्ति देता है। इन विनियमों का बल और प्रभाव संसद के अधिनियम के समान होता है। पुदुच्चेरी के लिए, विधानसभा की बैठक शुरू होने पर राष्ट्रपति की यह शक्ति निलंबित हो जाती है, लेकिन विधानसभा के भंग या निलंबित होने पर यह पुनः बहाल हो जाती है।
Official Text
कु छ संघ राज्यिेत्रि के लिए विनियम बनाने कि राष्ट्रपति कि शिक्त–(1) राष्ट्रपति– (क) अंदमान और निकोबार द्वीप ; [(ख) लदि्वीप ;] [(ग) दादरा और नागर हवेलि और दमण और दवि;] [(घ)****;] [(ङ) [पु डु चेरि] ;] (च)* * * * (छ)* * * * संघ राज्यिे त्र कि शांति, प्रगति और सु शासन के लिए विनियम बना सकेगा : [परंतु जब [पु डु चेरि] [संघ राज्यिेत्र] के लिए विधान-मंडल के रूप मि कायर् करने के लिए अनु च्छेद 239क के अधीन किसी निकाय का सृ जन किया जाता है तब राष्ट्रपति विधान-मंडल के प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से उस संघ राज्यिेत्र कि शांति, प्रगति और सु शासन के लिए विनियम नहीं बनाएगा :] 1. लक्कादवि, मिनिकोय और अमीनदविी द्वीप (नाम परिवतर्न) अधिनियम, 1973 (1973 का 34) कि धारा 4 द्वारा (1-11- 1973 से) प्रवििष्ट (ख) के स्थान पर प्रतिस्थापित । 2. दादरा और नागर हवेलि तथा दमण और दवि (संघ राज्यिेत्रि का विलयन) अधिनियम, 2019 (2019 का 44) कि धारा 4(i) द्वारा (26- 1-2020 से) के स्थान पर प्रतिस्थापित । संविधान (दसवां संशोधन) अधिनियम, 1961 कि धारा 3 द्वारा ( 26- 1-2020 से) प्रवििष्ट ग अंतःस्थापित कि गई थी । 3. दादरा और नागर हवेलि तथा दमण और दवि (संघ राज्यिेत्रि का विलयन) अधिनियम, 2019 (2019 का 44) कि धारा 4(iii) द्वारा लोप किया गया । 5. पांडिचेरि (नाम परिवतर्न) अधिनियम, 2006 (2006 का 44) कि धारा 4 द्वारा (1-10- 2006 से) “पांडिचेरि” के स्थान पर प्रतिस्थापित । 6. मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 34) कि धारा 39 द्वारा (20-2-1987 से) मिजोरम संबंधी प्रवििष्ट (च) का लोप किया गया । 7. अरुणाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 69) कि धारा 42 द्वारा (20- 2-1987 से) अरुणाचल प्रदेश संबंधी प्रवििष्ट (छ) का लोप किया गया । पांडिचेरि संघ राज्यिेत्र” शब्दि के स्थान पर प्रतिस्थापित । [परंतु यह और कि जब कभी [पु डु चेरि]] संघ राज्यिेत्र के विधान-मंडल के रूप मि कायर् करने वाले निकाय का विघटन कर दिया जाता है या उस निकाय का ऐसे विधान-मंडल के रूप मि कायर् करण, अनु च्छेद 239क के खंड (1) मि निदिर्ष्ट विधि के अधीन कि गई कारर्वाई के कारण निलंबित रहता है तब राष्ट्रपति ऐसे विघटन या निलंबन कि अवधि के दौरान उस संघ राज्यिेत्र कि शांति, प्रगति और सु शासन के लिए विनियम बना सकेगा ।] (2) इस प्रकार बनाया गया कोई विनिय म संसद् द्वारा बनाए गए किसी अधिनियम या [किसी अन्य विधि] का, जो उस संघ राज्यिेत्र को तत्समय लागू है, निरसन या संशोधन कर सकेगा और राष्ट्रपति द्वारा प्रख्यापित किए जाने पर उसका वहि बल और प्रभाव होगा जो संसद् के किसी ऐसे अधिनियम का है जो उस राज्यिेत्र को लागू होता है ।]
Simple Meaning
अनुच्छेद 240 भारत के राष्ट्रपति को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, और पुदुच्चेरी केंद्रशासित प्रदेशों की शांति, प्रगति और सुशासन के लिए विनियम (Regulation) बनाने की शक्ति देता है। इन विनियमों का बल और प्रभाव संसद के अधिनियम के समान होता है। पुदुच्चेरी के लिए, विधानसभा की बैठक शुरू होने पर राष्ट्रपति की यह शक्ति निलंबित हो जाती है, लेकिन विधानसभा के भंग या निलंबित होने पर यह पुनः बहाल हो जाती है।
Explain Like Ten
जिन केंद्रशासित प्रदेशों की अपनी विधानसभा नहीं होती (जैसे लक्षद्वीप या अंडमान और निकोबार), उनके लिए देश के राष्ट्रपति सीधे नियम या कानून बना सकते हैं। ये नियम उतने ही शक्तिशाली होते हैं जैसे कि संसद द्वारा बनाए गए कानून हों।
Student Mode
अनुच्छेद 240 राष्ट्रपति को विशिष्ट केंद्रशासित प्रदेशों (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, और पुदुच्चेरी) के लिए विनियम बनाने की शक्ति देता है। अनुच्छेद 240(2) के तहत, इन विनियमों द्वारा संसद के किसी भी अधिनियम को संशोधित या निरसित किया जा सकता है जो उस क्षेत्र पर लागू होता है।
Example
यदि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में भूमि सुधार के लिए किसी तत्काल नियम की आवश्यकता है, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 240 के तहत विनियम जारी कर सकते हैं। इस विनियम को संसद के कानून जैसी ही मान्यता मिलेगी और यह सीधे उस केंद्रशासित प्रदेश पर लागू होगा।
Key Takeaway
अनुच्छेद 240 राष्ट्रपति को निर्दिष्ट केंद्रशासित प्रदेशों की स्थिरता और विकास सुनिश्चित करने के लिए सीधे विनियम (कानून) बनाने की शक्ति प्रदान करता है।
FAQs
अनुच्छेद 240 के तहत राष्ट्रपति किन केंद्रशासित प्रदेशों के लिए विनियम बना सकते हैं?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, और पुदुच्चेरी के लिए।
क्या राष्ट्रपति किसी भी समय पुदुच्चेरी के लिए विनियम बना सकते हैं?
नहीं। विधानसभा के गठन और उसकी प्रथम बैठक के बाद राष्ट्रपति पुदुच्चेरी के लिए विनियम नहीं बना सकते। हालांकि, यदि विधानसभा भंग या निलंबित हो जाती है, तो यह शक्ति पुनः बहाल हो जाती है।
क्या राष्ट्रपति का विनियम संसद के किसी अधिनियम को रद्द कर सकता है?
हाँ, अनुच्छेद 240(2) के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा बनाया गया विनियम संसद के किसी भी लागू कानून को संशोधित या निरस्त (Repeal) कर सकता है।
Quiz
अनुच्छेद 240 के तहत राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए विनियम का बल और प्रभाव किसके समान होता है?
Answer: संसद के एक अधिनियम
पुदुच्चेरी के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति कब निलंबित हो जाती है?
Answer: जब स्थानीय विधानमंडल की पहली बैठक होती है