Part VIII - The Union Territories • अनुच्छेद

अनुच्छेद 239ख Simplified: विधानमंडल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की प्रशासक की शक्ति

अनुच्छेद 239ख (239ख) पुदुच्चेरी (Puducherry) केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक (उपराज्यपाल) को विधानमंडल के विश्रांतिकाल (Recess) के दौरान अस्थायी अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति देता है। इस विधायी शक्ति का प्रयोग करने के लिए प्रशासक को भारत के राष्ट्रपति से पूर्व निर्देश और मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य है। विधानसभा के सत्र में आने के बाद 6 सप्ताह के भीतर अध्यादेश को मंजूरी मिलनी चाहिए, अन्यथा यह समाप्त हो जाता है।

Official Text

�विधिान-मेंंडल के �वश्रां�तकाल में� अध्यादेश प्रख्या�पत करने क� प्रशासक क� शक्ति–(1) उस समेंय को छोड़कर जब 2 3 पु डु चेर� संघ राज्यों�क्षेत्र का �विधिान-मेंंडल सत्र में� है, य�द �कसी समेंय उसके प्रशासक का यह समेंाधान हो जाता है �क ऐसी प�रिस्थ�तयां �वद्यमेंान ह � िजनके कारण तु रन्त कारर्वाई करना उसके �लएआवश्यक हो गया है तो वह ऐसे अध्यादेश प्रख्या�पत कर सके गा जो उसेउन प�रिस्थ�तय� में� अपे��त प्रतीत ह� : परंतु प्रशासक, कोई ऐसा अध्यादेश राष्ट्रप�त से इस �न�में� अनु देश अ�भप्राप्तकरने के पश्चात् ह� प्रख्या�पत करेगा, अन्यथा नह�ं : परं तु यह और �क जब कभी उक्त �विधिान-मेंंडल का �विघटन कर �दया जाता है याअनुच्छेद 239क के खंड (1) में� �न�दर्ष्ट �व�ध के अधीन क� गई �कसी कारर्वाई के कारणउसका कायर्करण �नलं�बत रहता है तब प्रशासक ऐसे �विघटन या �नलंबन क� अव�ध केदौरान कोई अध्यादेश प्रख्या�पत नह�ं करेगा । (2) राष्ट्रप�त के अनु देश� के अनु सरण में� इस अनु च्छेद के अधीन प्रख्या�पतअध्यादेश संघ राज्यों�क्षेत्र के �विधिान-मेंंडल का ऐसा अ�ध�नयमेंसमेंझा जाएगा जो अनु च्छेद 239क के खंड (1) में� �न�दर्ष्ट �व�ध में� , उस �न�में� अंत�वर्ष्ट उपबंधों� का अनु पालनकरने के पश्चात् समें्यक् रूप से अ�ध�नय�मेंत �कया गया है, �कं तु प्रत्येक ऐसाअध्यादेश — ( क) संघ राज्यों�क्षेत्र के �विधिान-मेंंडल के समें� रखा जाएगा और �विधिान- मेंंडल के पु नः समेंवेत होने से छह सप्ताह क� समेंािप्त पर या य�द उस अव�धक� समेंािप्त से पहले �विधिान-मेंंडल उसके अननु मेंोदन का संकल्प पा�रत कर देताहै तो संकल्प के पा�रत होने पर प्रवतर्न में� नह�ं रहेगा ; और (ख) राष्ट्रप�त से इस �न�में� अनु देश अ�भप्राप्त करने के पश्चात् प्रशासकद्वारा �कसी भीसमेंय वापस �लया जा सके गा । (3) य�द और जहां तक इस अनु च्छेद के अधीन अध्यादेश कोई ऐसा उपबंधों करताहै जो संघ राज्यों�े त्र के �विधिान-मेंंडल के ऐसे अ�ध�नयमेंमें� , िजसे अनु च्छेद 239क के खंड (1) में� �न�दर्ष्ट �व�ध में� इस �न�में� अंत�वर्ष्ट उपबंधों� का अनु पालन करने के पश्चात् बनाया गया है, अ�ध�नय�मेंत �कए जाने पर �व�धमेंान्य नह�ं होता तो और वहां तक वहअध्यादेश शू न्य होगा । 4 (4)* * * * 1. सं�विधिान (सताईसवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1971 क� धारा 3 द्वारा ( 30- 12-1971 से) अंतःस्था�पत । 2. गोवा, दमेंण और द�व पु नगर्ठन अ�ध�नयमें, 1987 (1987 का 18) क� धारा 63 द्वारा (30- 5-1987 से) “अनु च्छेद 239क के खंड ( 1) में� �न�दर्ष्ट संघ राज्यों�क्षेत्र�” के स्थानों पर प्र�तस्था�पत । 3. पां�डचेर� (नामेंप�रवतर्न) अ�ध�नयमें, 2006 (2006 का 44) क� धारा 4 द्वारा ( 1-10- 2006 से) "पां�डचेर�" केस्थानों पर प्र�तस्था�पत । 4. सं�विधिान (अड़तीसवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1975 क� धारा 4 द्वारा (भू तल�ी रूप से) अंतःस्था�पत और सं�विधिान (चवाल�सवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1978 क� धारा 32 द्वारा ( 20- 6-1979 से) लोप �कया गया ।भारत का सं�विधिान 117

Simple Meaning

अनुच्छेद 239ख (239ख) पुदुच्चेरी (Puducherry) केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक (उपराज्यपाल) को विधानमंडल के विश्रांतिकाल (Recess) के दौरान अस्थायी अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति देता है। इस विधायी शक्ति का प्रयोग करने के लिए प्रशासक को भारत के राष्ट्रपति से पूर्व निर्देश और मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य है। विधानसभा के सत्र में आने के बाद 6 सप्ताह के भीतर अध्यादेश को मंजूरी मिलनी चाहिए, अन्यथा यह समाप्त हो जाता है।

Explain Like Ten

अगर पुदुच्चेरी की विधानसभा छुट्टी पर है और किसी नए कानून की तुरंत जरूरत है, तो वहां के प्रशासक (उपराज्यपाल) एक अस्थायी कानून बना सकते हैं, जिसे अध्यादेश (Ordinance) कहते हैं। लेकिन ऐसा करने के लिए उन्हें पहले भारत के राष्ट्रपति से अनुमति लेनी होगी।

Student Mode

अनुच्छेद 239ख पुदुच्चेरी केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक को स्थानीय विधानमंडल के विश्रांतिकाल (Recess) के दौरान अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति देता है। प्रशासक केवल राष्ट्रपति से निर्देश प्राप्त करने के बाद ही ऐसा अध्यादेश जारी कर सकता है। यह अध्यादेश विधानमंडल के पुनः समवेत होने से छह सप्ताह की समाप्ति पर निष्प्रभावी हो जाएगा, जब तक कि इसे पहले ही अस्वीकृत न कर दिया जाए।

Example

यदि पुदुच्चेरी को विधायी अवकाश के दौरान एक अति आवश्यक कर राहत योजना पारित करनी है, तो उपराज्यपाल (LG) अपने स्तर पर अध्यादेश जारी नहीं कर सकते। अनुच्छेद 239ख के तहत, उन्हें पहले भारत के राष्ट्रपति से मंजूरी लेनी होगी। राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के बाद ही अध्यादेश जारी किया जा सकता है और विधानसभा के पुनः सत्र में आने पर उसे पटल पर रखना होगा।

Key Takeaway

अनुच्छेद 239ख पुदुच्चेरी के प्रशासक को राष्ट्रपति की अनिवार्य मंजूरी के अधीन, विधानसभा के विश्रांतिकाल के दौरान अस्थायी अध्यादेश जारी करने का अधिकार देता है।

FAQs

क्या पुदुच्चेरी का प्रशासक स्वतंत्र रूप से अध्यादेश जारी कर सकता है?

नहीं, अनुच्छेद 239ख(1) के परंतुक के अनुसार, प्रशासक केवल भारत के राष्ट्रपति से निर्देश प्राप्त करने के बाद ही अध्यादेश प्रख्यापित कर सकता है।

विधानसभा के पुनः समवेत होने पर अध्यादेश का क्या होता है?

इसे विधानसभा के समक्ष रखा जाना चाहिए और यह सत्र शुरू होने की तारीख से छह सप्ताह (Six Weeks) की समाप्ति पर काम करना बंद कर देता है, या यदि इसे पहले ही अस्वीकार कर दिया जाए तो पहले समाप्त हो जाता है।

यदि पुदुच्चेरी विधानसभा भंग हो, तो क्या अध्यादेश जारी किया जा सकता है?

नहीं, विधानसभा के विघटन (Dissolution) या निलंबन (Suspension) के दौरान प्रशासक कोई अध्यादेश जारी नहीं कर सकता है।

Quiz

अनुच्छेद 239ख के तहत, पुदुच्चेरी के प्रशासक किसके निर्देश प्राप्त करने के बाद ही अध्यादेश प्रख्यापित कर सकते हैं?

Answer: भारत के राष्ट्रपति

अनुच्छेद 239ख के तहत प्रख्यापित अध्यादेश विधानसभा के पुनः समवेत होने से कितने सप्ताह बाद स्वतः समाप्त हो जाता है?

Answer: 6 सप्ताह

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