Part VIII - The Union Territories • अनुच्छेद
अनुच्छेद 239कख Simplified: संवैधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध
अनुच्छेद 239कख (239कख) दिल्ली में संवैधानिक तंत्र के विफल होने की स्थिति में शासन के प्रावधानों से संबंधित है। यदि राष्ट्रपति को उपराज्यपाल (LG) से रिपोर्ट मिलती है या अन्यथा संतुष्टि होती है कि दिल्ली का प्रशासन अनुच्छेद 239कक के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति दिल्ली सरकार या विधानसभा के प्रावधानों को निलंबित करके वहां सीधे केंद्रीय प्रशासन लागू कर सकते हैं।
Official Text
सां�विधिा�नक तंत्र के �विफल हो जाने क� दशा में� उपबंधों–य�द राष्ट्रप�तका, उप-राज्योंपाल से प्र�तवेदन �मेंलने पर या अन्यथा, यह समेंाधान हो जाता है �क,– (क) ऐसी िस्थ�त उत्पन्न हो गई है िजसमें� राष्ट्र�य राजधानी राज्यों�क्षेत्र काप्रशासन अनु च्छेद 239कक या उस अनु च्छेद के अनु सरण में� बनाई गई �कसी �व�ध के उपबंधों� के अनु सार नह�ं चलाया जा सकता है ; या (ख) राष्ट्र�य राजधानी राज्यों�े त्र के उ�चत प्रशासन के �लए ऐसा करनाआवश्यक या समेंीचीन है, तो राष्ट्रप�त, आदेश द्वारा, अनु च्छेद 239कक के �कसी उपबंधों के अथवा उस अनु च्छेदके अनु सरण में� बनाई गई �कसी �व�ध के सभी या �कन्ह�ं उपबंधों� के प्रवतर्नको, ऐसीअव�ध के �लए और ऐसी शर्तों� के अधीन रहते हु ए, जो ऐसी �व�ध में� �व�न�दर्ष्ट क� जाएं, �नलं�बत कर सके गा, तथा ऐसे आनु षं�गक और पा�रणा�मेंक उपबंधों कर सके गा जोअनुच्छेद 239 और अनु च्छेद 239कक के उपबंधों� के अनु सार राष्ट्र�य राजधानी राज्यों�क्षेत्रके प्रशासन के �लए उसे आवश्यक या समेंीचीन प्रतीत ह� । 1. सं�विधिान (स�रवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1992 क� धारा 3 द्वारा (21- 12- 1991 से) “(7)” के स्थानों परप्र�तस्था�पत । 2. सं�विधिान (स�रवां संशोधन) अ�ध�नयमें, 1992 क� धारा 3 द्वारा ( 21- 12- 1991 से) अंतःस्था�पत । 3. पां�डचेर� (नामेंप�रवतर्न) अ�ध�नयमें, 2006 (2006 का 44) क� धारा 4 द्वारा (1-10- 2006 से) “पां�डचेर�” के स्थानोंपर प्र�तस्था�पत ।भारत का सं�विधिान 116 1
Simple Meaning
अनुच्छेद 239कख (239कख) दिल्ली में संवैधानिक तंत्र के विफल होने की स्थिति में शासन के प्रावधानों से संबंधित है। यदि राष्ट्रपति को उपराज्यपाल (LG) से रिपोर्ट मिलती है या अन्यथा संतुष्टि होती है कि दिल्ली का प्रशासन अनुच्छेद 239कक के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति दिल्ली सरकार या विधानसभा के प्रावधानों को निलंबित करके वहां सीधे केंद्रीय प्रशासन लागू कर सकते हैं।
Explain Like Ten
यदि दिल्ली की चुनी हुई सरकार नियमों के अनुसार काम नहीं कर पाती है या वहां कोई सरकार नहीं बन पाती है, तो देश के राष्ट्रपति दिल्ली की सरकार और विधानसभा को कुछ समय के लिए बंद कर सकते हैं। वे दिल्ली को सीधे केंद्र सरकार के अधीन लाकर चला सकते हैं।
Student Mode
अनुच्छेद 239कख दिल्ली (NCT) के लिए आपातकालीन प्रावधान है। इसके तहत यदि राष्ट्रपति संतुष्ट हैं कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें दिल्ली का प्रशासन अनुच्छेद 239कक के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता, तो वे आदेश द्वारा अनुच्छेद 239कक के किसी भी या सभी प्रावधानों को निलंबित कर सकते हैं। यह राज्यों में लागू होने वाले राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) का दिल्ली संस्करण है।
Example
यदि दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाए, या चुनावों के बाद कोई भी दल सरकार बनाने में विफल रहे, तो उपराज्यपाल (LG) केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजते हैं। राष्ट्रपति तब अनुच्छेद 239कख के तहत दिल्ली की विधानसभा को निलंबित कर सकते हैं और उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली का प्रशासन सीधे संभाल सकते हैं।
Key Takeaway
अनुच्छेद 239कख दिल्ली में राष्ट्रपति शासन (President's Rule) के समान काम करता है, जो संवैधानिक विफलता की स्थिति में केंद्र सरकार को दिल्ली का सीधा नियंत्रण लेने की शक्ति देता है।
FAQs
अनुच्छेद 239कख मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
यह दिल्ली (NCT) में संवैधानिक मशीनरी के विफल होने पर प्रशासन के निलंबन और सीधे राष्ट्रपति के नियंत्रण से संबंधित है।
क्या सरलीकृत व्याख्या अनुच्छेद 239कख के आधिकारिक पाठ का विकल्प है?
नहीं। अनुच्छेद 239कख का आधिकारिक संवैधानिक पाठ ही अंतिम रूप से प्रामाणिक है।
Quiz
अनुच्छेद 239कख का मुख्य विषय क्या है?
Answer: संवैधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध
अनुच्छेद 239कख के लिए कौन सा स्रोत आधिकारिक (Authoritative) है?
Answer: आधिकारिक संवैधानिक पाठ