Part VII - The States in Part B of the First Schedule • अनुच्छेद
अनुच्छेद 238 Simplified: पहली अनुसूची के भाग ख के राज्य (निरसित)
अनुच्छेद 238 मूल रूप से पहली अनुसूची के 'भाग ख राज्यों' (Part B States) (जैसे हैदराबाद, मैसूर और त्रावणकोर-कोचीन जैसी पूर्व रियासतें) के शासन के नियमों से संबंधित था। 1956 में, जब भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया और राज्यों की विभिन्न श्रेणियों के अंतर को समाप्त कर दिया गया, तो यह अनुच्छेद अप्रासंगिक हो गया और इसे संविधान से हटा (निरसित कर) दिया गया।
Official Text
संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा निरसित।
Simple Meaning
अनुच्छेद 238 मूल रूप से पहली अनुसूची के 'भाग ख राज्यों' (Part B States) (जैसे हैदराबाद, मैसूर और त्रावणकोर-कोचीन जैसी पूर्व रियासतें) के शासन के नियमों से संबंधित था। 1956 में, जब भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया और राज्यों की विभिन्न श्रेणियों के अंतर को समाप्त कर दिया गया, तो यह अनुच्छेद अप्रासंगिक हो गया और इसे संविधान से हटा (निरसित कर) दिया गया।
Explain Like Ten
यह एक पुराना अध्याय था जो उन राज्यों के लिए नियम बनाता था जो पहले राजा-महाराजाओं की रियासतें हुआ करती थीं। 1956 में जब भारत ने सभी राज्यों को एक बराबर और एक समान बना दिया, तो इस पुराने नियम को हटा दिया गया।
Student Mode
अनुच्छेद 238 मूल रूप से मैसूर, हैदराबाद और राजस्थान जैसी पूर्व रियासतों (Part B States) में राज्य शासन के प्रावधानों (Part VI) के अनुप्रयोग को नियंत्रित करता था। 7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा राज्यों के पुनर्गठन और विभिन्न श्रेणियों के वर्गीकरण को समाप्त किए जाने के कारण इसे निरसित कर दिया गया था।
Example
1950 में, मैसूर एक भाग ख (Part B) राज्य था, इसलिए इसके प्रमुख राज्यपाल (Governor) नहीं बल्कि 'राजप्रमुख' (पूर्व महाराजा) होते थे, जो अनुच्छेद 238 के तहत शासित थे। 1956 में मैसूर को सामान्य राज्य बना दिया गया, जिससे यह विशेष प्रावधान अनावश्यक हो गया।
Key Takeaway
अनुच्छेद 238 के निरसन ने सभी भारतीय राज्यों के समान संवैधानिक ढांचे को लागू किया और पूर्व रियासतों से संबंधित शासन के भेदों को समाप्त कर दिया।
FAQs
भाग ख (Part B) राज्य क्या थे?
ये पूर्व रियासतें या रियासतों के संघ थे जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद भारत में विलय किया था और उनके प्रमुख प्रायः राजप्रमुख (भूतपूर्व राजा) होते थे।
अनुच्छेद 238 को क्यों निरस्त (निरसित) किया गया था?
क्योंकि 7वें संविधान संशोधन (1956) द्वारा भारत में राज्यों के श्रेणियों के अंतर को समाप्त कर सभी राज्यों के लिए एक समान शासन प्रणाली लागू की गई थी।
किस संशोधन द्वारा अनुच्छेद 238 को हटाया गया?
7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा।
Quiz
अनुच्छेद 238 को किस संविधान संशोधन द्वारा निरसित किया गया था?
Answer: सातवां संशोधन
निरस्त होने से पहले, अनुच्छेद 238 किस प्रकार के राज्यों पर शासन से संबंधित था?
Answer: भाग ख राज्य