Part VI - The States • अनुच्छेद

अनुच्छेद 232 Simplified: निर्वचन (निरसित)

अनुच्छेद 232 एक व्याख्यात्मक प्रावधान था जो संविधान लागू होने के समय भाग क (Part A) और भाग ख (Part B) राज्यों में उच्च न्यायालयों के संदर्भ में 'राज्य' या 'राज्यपाल' जैसे शब्दों के अर्थ स्पष्ट करता था। 1956 में 7वें संविधान संशोधन द्वारा राज्यों के पुनर्गठन और विभिन्न श्रेणियों के राज्यों के वर्गीकरण को समाप्त करने के बाद इस अनुच्छेद को निरसित (हटा) कर दिया गया था क्योंकि इसकी आवश्यकता नहीं रह गई थी।

Official Text

[232. निवर्चन–संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 कि धारा 6 द्वारा (1 -11 -1956 से) अनु च्छेद 230, 231 और 232 के स्थान पर अनु च्छेद 230, और 231 को प्रतिस्थापित किया गया ।]

Simple Meaning

अनुच्छेद 232 एक व्याख्यात्मक प्रावधान था जो संविधान लागू होने के समय भाग क (Part A) और भाग ख (Part B) राज्यों में उच्च न्यायालयों के संदर्भ में 'राज्य' या 'राज्यपाल' जैसे शब्दों के अर्थ स्पष्ट करता था। 1956 में 7वें संविधान संशोधन द्वारा राज्यों के पुनर्गठन और विभिन्न श्रेणियों के राज्यों के वर्गीकरण को समाप्त करने के बाद इस अनुच्छेद को निरसित (हटा) कर दिया गया था क्योंकि इसकी आवश्यकता नहीं रह गई थी।

Explain Like Ten

यह एक पुराना पृष्ठ था जो यह बताता था कि 1950 के दशक में विभिन्न प्रकार के राज्यों के लिए अदालतों के नियमों का क्या अर्थ है। जब भारत ने अपने सभी राज्यों को एक जैसा और बराबर बना दिया, तो इस पुराने पृष्ठ को हटा दिया गया।

Student Mode

अनुच्छेद 232 मूल रूप से तत्कालीन पोस्ट-इंडिपेंडेंस वर्गीकरण (Part A and Part B States) के अनुसार उच्च न्यायालयों से संबंधित शब्दों की व्याख्या करने वाला खंड था। राज्यों के पुनर्गठन और भाषाई आधार पर राज्यों के एकीकरण को लागू करने वाले 7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा इस अनुच्छेद को अप्रासंगिक होने के कारण निरसित कर दिया गया था।

Example

1956 से पहले, भारत में भाग क, ख, ग प्रकार के अलग-अलग राज्य थे। अनुच्छेद 232 यह बताता था कि विभिन्न क्षेत्रों में उच्च न्यायालय के नियम कैसे लागू होंगे। जब राज्यों का पुनर्गठन हुआ और सभी राज्यों को समान दर्जा दिया गया, तो इस परिभाषा की कोई आवश्यकता नहीं रही और इसे हटा दिया गया।

Key Takeaway

अनुच्छेद 232 को 1956 में निरसित कर दिया गया था, जो भारत में राज्यों की श्रेणियों को समाप्त करने और उच्च न्यायालयों के प्रशासनिक एकीकरण को दर्शाता है।

FAQs

अनुच्छेद 232 को क्यों निरस्त (निरसित) किया गया था?

इसे 1956 में इसलिए निरस्त किया गया था क्योंकि 7वें संविधान संशोधन द्वारा भाग क और भाग ख राज्यों के बीच का अंतर समाप्त कर दिया गया था, जिससे यह व्याख्यात्मक खंड निरर्थक हो गया था।

किस संशोधन ने अनुच्छेद 232 को संविधान से हटाया?

7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा।

अनुच्छेद 232 के हटने के बाद राज्यों में उच्च न्यायालयों के नियमों को कहाँ समेकित किया गया?

उन्हें नए संशोधित अनुच्छेद 230 और 231 के तहत सुव्यवस्थित किया गया।

Quiz

अनुच्छेद 232 को किस संविधान संशोधन द्वारा निरसित किया गया था?

Answer: सातवां संशोधन

निरस्त होने से पहले, अनुच्छेद 232 किससे संबंधित था?

Answer: भाग क और ख राज्यों के लिए शब्दों का निर्वचन

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