Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 227 Simplified: सभी न्यायालयों के ऊपर अधीक्षण की उच्च न्यायालय की शक्ति
अनुच्छेद 227 प्रत्येक उच्च न्यायालय (High Court) को अपने क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के भीतर सभी अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) और अधिकरणों (Tribunals) पर प्रशासनिक और न्यायिक अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति प्रदान करता है। इसमें सैन्य न्यायालय शामिल नहीं हैं। उच्च न्यायालय निचली अदालतों से विवरण (Returns) मांग सकता है, उनके कामकाज को विनियमित करने के लिए सामान्य नियम और प्रारूप जारी कर सकता है, और उनके अधिकारियों एवं वकीलों की फीस की तालिकाएँ तय कर सकता है (राज्यपाल की पूर्व स्वीकृति से)।
Official Text
सभी न्यायालयि के अधीणि कि उच्च न्यायालय कि शिक्त– [(1) प्रत्येक उच्च न्यायालय उन राज्यिेत्रि मि सवर्त्र, िजनके संबंध मि वह अपनी अधिकारिता का प्रयोग करता है, सभी न्यायालयि और अधिकरणि का अधीणि करेगा ।] (2) पू वर्गामी उपबंध कि व्यापकता पर प्रतिकू ल प्रभाव डाले बिना, उच्च न्यायालय– (क) ऐसे न्यायालयि से विवरणी मंगा सकेगा ; (ख) ऐसे न्यायालयि कि पद्धति और कायर्वाहियि के विनियमन के लिए साधारण नियम और प्ररूप बना सकेगा, और निकाल सकेगा तथा विहित कर सकेगा ; और (ग) किन्हंि ऐसे न्यायालयि के अधिकारियि द्वारा रखी जाने वालि पु स्तकि, प्रवििष्टयि और लेखाओं के प्ररूप विहित कर सकेगा । (3) उच्च न्यायालय उन फसिि कि सारणियां भी िस्थर कर सकेगा जो ऐसे न्यायालयि के शैरिफ को तथा सभी लिपिकि और अधिकारियि को तथा उनमि विधि- व्य वसाय करने वाले अटनिर्यि, अधिवक्ताओं और प्लडिरि को अनु िेय हगिी : रूप मि पु नःसंख्यांकित किया गया । प्रतिस्थापित और तत्पश्चात ् संविधान (चवालसिवां संशोधन) अधिनियम, 1978 कि धारा 31 द्वारा (20- 6-1979 से) खंड ( 1) के स्थान पर प्रतिस्थापित । परंतु खंड (2) या खंड (3) के अधीन बनाए गए कोई नियम, विहित किए गए कोई प्ररूप या िस्थर कि गई कोई सारणी तत्समय प्रवृ ि किसी विधि के उपबंध से असंगत नहीं होगी और इनके लिए राज्यपाल के पू वर् अनु मोदन कि अपेिा होगी । (4) इस अनु च्छेद कि कोई बात उच्च न्यायालय को सशस्त्र बलि से संबंधित किसी विधि द्वारा या उसके अधीन गठित किसी न्यायालय या अधिकरण पर अधीणि कि शक्तियाँ देने वालि नहीं समझी जाए गी । (5)* * * *
Simple Meaning
अनुच्छेद 227 प्रत्येक उच्च न्यायालय (High Court) को अपने क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के भीतर सभी अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) और अधिकरणों (Tribunals) पर प्रशासनिक और न्यायिक अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति प्रदान करता है। इसमें सैन्य न्यायालय शामिल नहीं हैं। उच्च न्यायालय निचली अदालतों से विवरण (Returns) मांग सकता है, उनके कामकाज को विनियमित करने के लिए सामान्य नियम और प्रारूप जारी कर सकता है, और उनके अधिकारियों एवं वकीलों की फीस की तालिकाएँ तय कर सकता है (राज्यपाल की पूर्व स्वीकृति से)।
Explain Like Ten
उच्च न्यायालय अपने राज्य की सभी छोटी अदालतों और ट्रिब्यूनल का 'बड़ा बॉस' होता है। यह उनके काम की जांच कर सकता है, उनके चलने के नियम बना सकता है और यह सुनिश्चित कर सकता है कि वे निष्पक्ष रूप से काम करें। हालांकि, यह सेना की अदालतों (Military Courts) को नियंत्रित नहीं कर सकता।
Student Mode
अनुच्छेद 227 प्रत्येक उच्च न्यायालय को उसके प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र के भीतर काम करने वाले सभी न्यायालयों और अधिकरणों (सैन्य अदालतों को छोड़कर) पर अधीक्षण की शक्ति देता है। यह शक्ति केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि न्यायिक भी है। इसके तहत उच्च न्यायालय विवरण (Returns) मंगा सकता है, नियम बना सकता है, बही-खातों के रख-रखाव के प्रारूप तय कर सकता है और निचली अदालतों के फैसलों में न्याय की विफलता को रोकने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है। इसके तहत बनाए गए नियमों के लिए राज्यपाल (Governor) की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है।
Example
यदि किसी जिले का किराया नियंत्रण न्यायालय या श्रम अधिकरण (Labor Tribunal) मुकदमों में अत्यधिक देरी करता है या अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करता है, तो प्रभावित नागरिक अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकता है। उच्च न्यायालय उस अधिकरण के रिकॉर्ड मांग सकता है, उसके कामकाज की समीक्षा कर सकता है और उसे सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश दे सकता है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 227 उच्च न्यायालयों को अपने राज्य के सभी निचले न्यायालयों और अधिकरणों पर व्यापक प्रशासनिक और न्यायिक नियंत्रण देता है ताकि न्याय की सुसंगतता बनी रहे।
FAQs
क्या अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय की अधीक्षण शक्ति अधिकरणों (Tribunals) पर भी लागू होती है?
हाँ, यह सैन्य न्यायालयों को छोड़कर राज्य के भीतर काम करने वाले सभी अधीनस्थ न्यायालयों और प्रशासनिक अधिकरणों (जैसे राजस्व या श्रम अधिकरण) पर लागू होती है।
अनुच्छेद 227 और अनुच्छेद 226 में क्या अंतर है?
अनुच्छेद 226 मुख्य रूप से अधिकारों की रक्षा के लिए रिट जारी करने की शक्ति है, जबकि अनुच्छेद 227 निचली अदालतों के प्रशासनिक और न्यायिक निरीक्षण व नियंत्रण की एक व्यापक पर्यवेक्षी शक्ति (Supervisory Power) है।
अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों के लिए किसकी मंजूरी आवश्यक है?
उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों, प्रारूपों और फीस तालिकाओं के लिए संबंधित राज्य के राज्यपाल (Governor) की पूर्व मंजूरी आवश्यक है।
Quiz
अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय के अधीक्षण की शक्ति से किसे बाहर रखा गया है?
Answer: सशस्त्र बल अधिकरण (Armed Forces Tribunals)
अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित नियमों और प्रारूपों के लिए किसकी स्वीकृति आवश्यक है?
Answer: राज्य के राज्यपाल