Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 223 Simplified: कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति
अनुच्छेद 223 उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रदान करता है। यदि मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो जाता है (जैसे सेवानिवृत्ति या अचानक निधन के कारण) या यदि मुख्य न्यायाधीश अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं (छुट्टी, बीमारी या अनुपस्थिति के कारण), तो राष्ट्रपति अस्थायी रूप से उन कर्तव्यों का पालन करने के लिए उस उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों में से एक को नियुक्त कर सकते हैं।
Official Text
कायर्कारि मु ख्य न्यायमू तिर् कि नियु िक्त –जब किसी उच्च न्यायालय के मु ख्य न्यायमू तिर् का पद रिक्त है या जब ऐसा मु ख्य न्यायमू तिर् अनु पिस्थति के कारण या अन्यथा अपने पद के कतर्व्यि का पालन करने मि असमथर् है तब न्यायालय के अन्य न्यायाधीशि मि से ऐसा एक न्यायाधीश, िजसे राष्ट्रपति इस प्रयोजन के लिए नियु क्त करे, उस पद के कतर्व्यि का पालन करेगा ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 223 उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रदान करता है। यदि मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो जाता है (जैसे सेवानिवृत्ति या अचानक निधन के कारण) या यदि मुख्य न्यायाधीश अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं (छुट्टी, बीमारी या अनुपस्थिति के कारण), तो राष्ट्रपति अस्थायी रूप से उन कर्तव्यों का पालन करने के लिए उस उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों में से एक को नियुक्त कर सकते हैं।
Explain Like Ten
यदि उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बीमार है, छुट्टी पर है, या सेवानिवृत्त हो गया है, तो राष्ट्रपति उस अदालत के अन्य न्यायाधीशों में से किसी एक को अस्थायी बॉस के रूप में काम करने के लिए नियुक्त कर सकते हैं जब तक कि कोई नया मुख्य न्यायाधीश कार्यभार नहीं संभाल लेता।
Student Mode
अनुच्छेद 223 राष्ट्रपति द्वारा उच्च न्यायालय के एक कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) की अस्थायी नियुक्ति का प्रावधान करता है। यह तब सक्रिय होता है जब मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त होता, या जब मुख्य न्यायाधीश अनुपस्थित या कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ होते हैं। राष्ट्रपति उसी उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों में से एक को इसके लिए चुनते हैं।
Example
जब गुजरात उच्च न्यायालय (Gujarat High Court) के मुख्य न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय में नियुक्त किया जाता है, तो वह पद खाली हो जाता है। अनुच्छेद 223 के तहत, राष्ट्रपति एक आदेश जारी कर गुजरात उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश को तब तक कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करते हैं जब तक कि एक स्थायी उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती।
Key Takeaway
अनुच्छेद 223 राष्ट्रपति को मुख्य न्यायाधीश के अनुपस्थित रहने या पद खाली होने पर उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीशों में से एक कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का अधिकार देता है।
FAQs
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कब की जाती है?
जब मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो, या जब मुख्य न्यायाधीश अनुपस्थिति, छुट्टी या बीमारी के कारण अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हों।
उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?
भारत के राष्ट्रपति।
क्या किसी भी बाहरी व्यक्ति को अनुच्छेद 223 के तहत कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जा सकता है?
नहीं। राष्ट्रपति को उसी विशिष्ट उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीशों में से ही किसी एक को चुनना होगा।
Quiz
अनुच्छेद 223 के तहत उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?
Answer: भारत के राष्ट्रपति
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश को कहाँ से चुना जाना चाहिए?
Answer: उसी उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीशों में से