Part VI - The States • अनुच्छेद

अनुच्छेद 222 Simplified: किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय को अंतरण

अनुच्छेद 222 एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के स्थानांतरण (Transfer) को नियंत्रित करता है। राष्ट्रपति (President) के पास स्थानांतरण करने की शक्ति है, जो उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) की सिफारिश पर कार्य करते हैं। एक न्यायाधीश जिसका स्थानांतरण किया जाता है, वह अपने वेतन के अतिरिक्त एक प्रतिपूरक भत्ता (Compensatory Allowance) प्राप्त करने का हकदार होता है, जैसा कि संसद द्वारा निर्धारित किया जाता है।

Official Text

किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दू सरे उच्च न्या यालय को अंतरण–(1) राष्ट्रपति, [अऩु च्छेद 124क मि निदिर्ष्ट राष्ट्रयि न्यायिक नियु िक्त आयोग कि सिफारिश पर] *** किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दू सरे उच्च न्यायालय को अंतरण कर सकेगा । [(2) जब कोई न्यायाधीश इस प्रकार अंतरित किया गया है या किया जाता है तब वह उस अवधि के दौरान, िजसके दौरान वह संविधान (पंद्रहवां संशोधन) अधिनियम, 1963 के प्रारंभ के पश्चात ् दू सरे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप मि सेवा करता है, अपने वेतन के अतिरिक्त ऐसा प्रतिकरात्मक भिा, जो संसद् विधि द्वारा अवधारित करे, और जब तक इस प्रकार अवधारित नहीं किया जाता है तब तक ऐसा प्रतिकरात्मक भिा, जो राष्ट्रपति आदेश द्वारा नियत करे, प्राप्त करने का हकदार होगा ।]

Simple Meaning

अनुच्छेद 222 एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के स्थानांतरण (Transfer) को नियंत्रित करता है। राष्ट्रपति (President) के पास स्थानांतरण करने की शक्ति है, जो उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) की सिफारिश पर कार्य करते हैं। एक न्यायाधीश जिसका स्थानांतरण किया जाता है, वह अपने वेतन के अतिरिक्त एक प्रतिपूरक भत्ता (Compensatory Allowance) प्राप्त करने का हकदार होता है, जैसा कि संसद द्वारा निर्धारित किया जाता है।

Explain Like Ten

राष्ट्रपति एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेज सकते हैं। जब किसी न्यायाधीश को स्थानांतरित किया जाता है, तो उन्हें नए राज्य में स्थानांतरण और सेवा में मदद के लिए उनके वेतन के ऊपर एक विशेष अतिरिक्त भत्ता मिलता है।

Student Mode

अनुच्छेद 222 राष्ट्रपति द्वारा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्थानांतरण को नियंत्रित करता है। न्यायिक व्याख्याओं के अनुसार, इस शक्ति का प्रयोग लोकहित में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) (कॉलेजियम के माध्यम से) की सिफारिश पर किया जाना चाहिए। स्थानांतरित न्यायाधीशों को संसद द्वारा निर्धारित प्रतिपूरक भत्ता प्राप्त करने का अधिकार है।

Example

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के एक न्यायाधीश को राष्ट्रपति द्वारा उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश पर राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जाता है। राजस्थान में सेवा करते समय, न्यायाधीश को उनका मानक वेतन और साथ ही स्थानांतरण अवधि के लिए अतिरिक्त प्रतिपूरक भत्ता प्राप्त होता है।

Key Takeaway

अनुच्छेद 222 राष्ट्रपति को कॉलेजियम की सलाह पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को स्थानांतरित करने की अनुमति देता है, और उन्हें स्थानांतरण के दौरान प्रतिपूरक भत्ता प्रदान करता है।

FAQs

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के स्थानांतरण की प्रक्रिया कौन शुरू करता है?

भारत के राष्ट्रपति स्थानांतरण का आदेश जारी करते हैं, लेकिन यह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाले उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश पर आधारित होना चाहिए।

क्या स्थानांतरित न्यायाधीश को कोई अतिरिक्त मुआवजा मिलता है?

हाँ, उन्हें उनके वेतन के अतिरिक्त एक प्रतिपूरक भत्ता मिलता है, जो संसद द्वारा निर्धारित या राष्ट्रपति द्वारा तय किया जाता है।

क्या न्यायाधीश के स्थानांतरण को अदालत में चुनौती दी जा सकती है?

हाँ, स्थानांतरण की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है यदि यह भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किए बिना किया गया हो या यदि इसे लोकहित के बजाय सजा के रूप में किया गया हो।

Quiz

किसी न्यायाधीश को एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की शक्ति किसके पास है?

Answer: भारत के राष्ट्रपति

अनुच्छेद 222 के तहत, एक स्थानांतरित न्यायाधीश को क्या प्राप्त होता है?

Answer: प्रतिपूरक भत्ता (Compensatory Allowance)

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