Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 215 Simplified: उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना
अनुच्छेद 215 प्रत्येक उच्च न्यायालय (High Court) को अभिलेख न्यायालय (Court of Record) के रूप में स्थापित करता है—जिसका अर्थ है कि इसके निर्णय, कार्यवाहियां और आदेश स्थायी रूप से सुरक्षित रखे जाते हैं और इनका साक्ष्य मूल्य (Evidentiary Value) होता है। यह दर्जा उच्च न्यायालयों को अदालत की अवमानना (Contempt of Court) करने वाले किसी भी व्यक्ति को दंडित करने की अंतर्निहित शक्ति भी देता है। इस अवमानना शक्ति को प्रदान करने के लिए किसी विशिष्ट कानून की आवश्यकता नहीं है—यह अभिलेख न्यायालय होने से स्वतः प्रवाहित होती है।
Official Text
उच्च न्यायालयि का अभिलेख न्यायालय होना–प्रत्येक उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय होगा और उसको अपने अवमान के लिए दंड देने कि शिक्त सहित ऐसे न्यायालय कि सभी शक्तियाँ हगिी । ू तलिी प्रभाव से) खंड (4) अंतःस्था पित किया गया था और संविधान (चवालसिवां संशोधन) अधिनियम, 1978 कि धारा 27 द्वारा (20- 6-1979 से) लोप किया गया । ु सू ची द्वारा ( 1-11- 1956 से) कोष्ठक और अंक “(1)” का लोप किया गया । ु सू ची द्वारा (1-11- 1956 से) खंड (2) और खंड ( 3) का लोप किया गया ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 215 प्रत्येक उच्च न्यायालय (High Court) को अभिलेख न्यायालय (Court of Record) के रूप में स्थापित करता है—जिसका अर्थ है कि इसके निर्णय, कार्यवाहियां और आदेश स्थायी रूप से सुरक्षित रखे जाते हैं और इनका साक्ष्य मूल्य (Evidentiary Value) होता है। यह दर्जा उच्च न्यायालयों को अदालत की अवमानना (Contempt of Court) करने वाले किसी भी व्यक्ति को दंडित करने की अंतर्निहित शक्ति भी देता है। इस अवमानना शक्ति को प्रदान करने के लिए किसी विशिष्ट कानून की आवश्यकता नहीं है—यह अभिलेख न्यायालय होने से स्वतः प्रवाहित होती है।
Explain Like Ten
एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) एक ऐसी लाइब्रेरी की तरह है जो हर महत्वपूर्ण निर्णय को हमेशा के लिए सुरक्षित रखती है—और जो कोई भी लाइब्रेरी का अनादर करता है उसे सजा का सामना करना पड़ता है। अनुच्छेद 215 प्रत्येक उच्च न्यायालय को यह दर्जा देता है: उनके निर्णय स्थायी कानूनी रिकॉर्ड हैं, और वे इस शक्ति को देने वाले किसी अलग कानून के बिना भी अवमाननापूर्ण व्यवहार को दंडित कर सकते हैं।
Student Mode
अनुच्छेद 215 उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के अभिलेख न्यायालय होने से संबंधित अनुच्छेद 129 को दर्शाता है। 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) का दर्जा होने के दो मुख्य परिणाम हैं: (1) साक्ष्य मूल्य—उच्च न्यायालय के रिकॉर्ड को पूर्ण साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाता है और उन पर सवाल नहीं उठाया जा सकता; (2) अंतर्निहित अवमानना शक्ति—उच्च न्यायालय किसी भी ऐसे व्यक्ति को दंडित कर सकता है जो अदालत का अनादर करता है, उसके आदेशों की अवज्ञा करता है, या न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप करता है। यह शक्ति संवैधानिक है, न कि वैधानिक, और इसे सामान्य कानून द्वारा कम नहीं किया जा सकता है।
Example
जब कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) किसी को अवमानना के लिए दोषी ठहराता है—जैसे अदालत के आदेश की जानबूझकर अवज्ञा करना—तो वह ऐसा अनुच्छेद 215 द्वारा दी गई शक्ति के तहत करता है। सत्र न्यायालय (Sessions Court) जैसी अधीनस्थ अदालत इस तरह अपनी अवमानना के लिए दंडित नहीं कर सकती है; केवल उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय जैसे अभिलेख न्यायालयों के पास ही यह संवैधानिक शक्ति होती है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 215 प्रत्येक उच्च न्यायालय को स्थायी रूप से सुरक्षित निर्णयों और अवमानना को दंडित करने की अंतर्निहित शक्ति के साथ एक अभिलेख न्यायालय बनाता है—किसी अलग कानून की आवश्यकता नहीं है।
FAQs
क्या संसद अनुच्छेद 215 के तहत उच्च न्यायालय की अवमानना शक्ति को सीमित कर सकती है?
संसद न्यायालय अवमानना अधिनियम (Contempt of Courts Act) के माध्यम से अवमानना की प्रक्रिया और दंड को विनियमित कर सकती है। लेकिन अवमानना को दंडित करने की अंतर्निहित संवैधानिक शक्ति को छीना नहीं जा सकता—यह अनुच्छेद 215 द्वारा गारंटीकृत अभिलेख न्यायालय के दर्जे से स्वतः प्रवाहित होती है।
क्या सत्र न्यायालय जैसी अधीनस्थ अदालत भी अवमानना के लिए दंडित कर सकती है?
नहीं। केवल अभिलेख न्यायालयों (उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय) के पास ही अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की अंतर्निहित शक्ति होती है। अधीनस्थ अदालतें अवमाननापूर्ण व्यवहार की रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेज सकती हैं, जो फिर कार्रवाई करता है।
Quiz
अनुच्छेद 215 के तहत अभिलेख न्यायालय (Court of Record) के रूप में उच्च न्यायालय के पास कौन सी अंतर्निहित शक्ति है?
Answer: अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति
कौन सा अनुच्छेद उच्चतम न्यायालय को अभिलेख न्यायालय (Court of Record) घोषित करने से संबंधित अनुच्छेद 215 के समकक्ष है?
Answer: अनुच्छेद 129