Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 203 Simplified: प्राक्कलनों के संबंध में विधानमंडल में प्रक्रिया
यह राज्य बजट प्राक्कलनों को पारित करने की प्रक्रिया निर्धारित करता है। संचित निधि (Consolidated Fund) पर भारित व्यय पर मतदान नहीं किया जा सकता, केवल चर्चा हो सकती है। गैर-भारित व्यय को विधानसभा के समक्ष 'अनुदान की मांगें (Demands for Grants)' के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। विधानसभा को मांग को स्वीकार करने, अस्वीकार करने या उसकी राशि कम करने की शक्ति है। कोई भी अनुदान की मांग राज्यपाल (Governor) की सिफारिश के बिना प्रस्तुत नहीं की जा सकती।
Official Text
विधान-मंडल मि प्राक्कलनि के संबंध मि प्रक्रिया–(1) प्राक्कलनि मि से िजतने प्राक्कलन राज्य कि संचित निधि पर भारित व्यय से संबंधित हि वे विधान सभा मि मतदान के लिए नहीं रखे जाएंगे, किन्तु इस खंड कि किसी बात का यह अथर् नहीं लगाया जाएगा कि वह विधान-मंडल मि उन प्राक्कलनि मि से किसी प्राक्कलन पर चचार् को निवारित करती है । (2) उक्त प्राक्कलनि मि से िजतने प्राक्कलन अन्य व्यय से संबंधित हि वे विधान सभा के समि अनु दानि कि मांगि के रूप मि रखे जाएंगे और विधान सभा को शिक्त होगी कि वह किसी मांग को अनु मति दे या अनु मति देने से इंकार कर दे अथवा किसी मांग को, उसमि विनिदिर्ष्ट रकम को कम करके, अनु मति दे । (3) किसी अनु दान कि मांग राज्यपाल कि सिफारिश पर हि कि जाएगी, अन्यथा नहीं ।
Simple Meaning
यह राज्य बजट प्राक्कलनों को पारित करने की प्रक्रिया निर्धारित करता है। संचित निधि (Consolidated Fund) पर भारित व्यय पर मतदान नहीं किया जा सकता, केवल चर्चा हो सकती है। गैर-भारित व्यय को विधानसभा के समक्ष 'अनुदान की मांगें (Demands for Grants)' के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। विधानसभा को मांग को स्वीकार करने, अस्वीकार करने या उसकी राशि कम करने की शक्ति है। कोई भी अनुदान की मांग राज्यपाल (Governor) की सिफारिश के बिना प्रस्तुत नहीं की जा सकती।
Explain Like Ten
बजट पेश होने के बाद, विधानसभा तय करती है कि किस विभाग को कितना पैसा मिलेगा। यह खरीदारी की सूची को मंजूरी देने जैसा है—विधानसभा 'हां', 'कम राशि' या 'पूरी तरह मना' कर सकती है। लेकिन विधानसभा सरकार द्वारा मांगी गई राशि से अधिक की मंजूरी नहीं दे सकती, और केवल सरकार ही सूची में नई चीजें जोड़ सकती है।
Student Mode
यह अनुच्छेद संसद की बजट प्रक्रिया से संबंधित अनुच्छेद 113 के समान है। मुख्य नियम: (1) भारित व्यय पर केवल चर्चा होगी, मतदान नहीं; (2) अन्य व्यय विधानसभा को 'अनुदान की मांगों' के रूप में भेजे जाते हैं, जिन पर विधानसभा को सहमति देने, अस्वीकार करने या राशि कम करने का अधिकार है; (3) निजी सदस्यों द्वारा खर्च के प्रस्तावों को रोकने के लिए राज्यपाल की सिफारिश अनिवार्य है।
Example
यदि मध्य प्रदेश सरकार किसी नए राजमार्ग पर ₹500 करोड़ खर्च करना चाहती है, तो यह 'अनुदान की मांग' के रूप में आता है। विधानसभा ₹500 करोड़ को मंजूरी दे सकती है, इसे घटाकर ₹300 करोड़ कर सकती है या मांग को पूरी तरह से खारिज कर सकती है। हालांकि, कोई सामान्य विधायक अपनी पसंद की परियोजना के लिए ₹100 करोड़ की मांग पेश नहीं कर सकता—केवल राज्यपाल (कैबिनेट) ही इसकी सिफारिश कर सकते हैं।
Key Takeaway
अनुच्छेद 203 विधानसभा को बजट मांगों को कम या अस्वीकार करने की शक्ति देता है, लेकिन यह सुनिश्चित करता है कि केवल सरकार ही व्यय प्रस्ताव पेश कर सके।
FAQs
क्या विधानसभा सरकार के प्रस्ताव से अधिक अनुदान की मांग बढ़ा सकती है?
नहीं। अनुच्छेद 203(2) केवल सहमति देने, अस्वीकार करने या राशि को कम करने की शक्ति देता है। विधानसभा राशि बढ़ा नहीं सकती—यह कार्यपालिका का कार्य है।
अनुच्छेद 203 के संदर्भ में 'कटौती प्रस्ताव (Cut Motion)' क्या है?
कटौती प्रस्ताव एक संसदीय उपकरण है जिसके द्वारा विपक्ष अनुदान की मांग में कमी करने का प्रस्ताव करता है, जो अक्सर सरकारी नीति के प्रति असंतोष प्रकट करने के लिए होता है। यदि यह पारित हो जाता है, तो इसे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के रूप में देखा जा सकता है।
Quiz
अनुच्छेद 203 के तहत, क्या विधानसभा सरकार के प्रस्ताव से अधिक अनुदान की मांग की राशि बढ़ा सकती है?
Answer: नहीं, विधानसभा केवल स्वीकृत, कम या अस्वीकार कर सकती है
अनुच्छेद 203(3) के तहत, विधानसभा के समक्ष अनुदान की मांग रखने से पहले किसकी सिफारिश आवश्यक है?
Answer: राज्यपाल (Governor)